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पैरेंट्स के Genes बच्चे की एजुकेशनल सक्सेस को प्रभावित कर सकते हैं: स्टडी

पैरेंट्स के Genes बच्चे की एजुकेशनल सक्सेस को प्रभावित कर सकते हैं: स्टडी

इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने कई देशों में 12 अध्ययनों की समीक्षा की और उनका विश्लेषण किया.  (shutterstock.com)

इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने कई देशों में 12 अध्ययनों की समीक्षा की और उनका विश्लेषण किया. (shutterstock.com)

Parent’s genes can influence a child’s educational success : यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (University College London) के रिसर्चर्स द्वारा की गई स्टडी के अनुसार, एक बच्चे की शैक्षिक सफलता उसके माता-पिता के जीन्स पर निर्भर करती है, जो विरासत में मिले हैं और साथ ही जो विरासत में नहीं मिले हैं. इस स्टडी से इसकी पुष्टि होती है कि एक व्यक्ति को सीधे विरासत में मिले जीन, एजुकेशन में उसकी एचीवमेंट्स में योगदान करते हैं इसकी सबसे ज्यादा संभावना है. इस स्टडी का निष्कर्ष अध्ययन ‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स (The American Journal of Human Genetics)’ में प्रकाशित हुआ है.

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Parent’s genes can influence a child’s educational success : इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि बच्चों की आदतों और अनुवांशिक स्थितियों (Genetic Conditions) पर माता-पिता के जीन (Genes) का असर होता है. लेकिन, एक हालिया स्टडी की मानें तो बच्चों की शैक्षिक सफलता भी पेरेंट्स के जीन से प्रभावित होती है. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (University College London) के रिसर्चर्स द्वारा की गई स्टडी के अनुसार, एक बच्चे की शैक्षिक सफलता उसके माता-पिता के जीन पर निर्भर करती है, जो विरासत में मिले हैं और साथ ही जो विरासत में नहीं मिले हैं. इस स्टडी से इसकी पुष्टि होती है कि एक व्यक्ति को सीधे विरासत में मिले जीन, एजुकेशन में उसकी एचीवमेंट्स में योगदान करते हैं इसकी सबसे ज्यादा संभावना है. माता-पिता के वे जीन जो सीधे बच्चों को विरासत में नहीं मिले हैं, फिर भी उन्होंने माता-पिता के खुद के शिक्षा स्तर को आकार दिया हो और बाद में उनके द्वारा अपने बच्चों के लिए प्रदान की जाने वाली जीवनशैली और पारिवारिक वातावरण को प्रभावित किया हो, वे भी काफी महत्वपूर्ण हैं. इस स्टडी का निष्कर्ष अध्ययन ‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स (The American Journal of Human Genetics)’ में प्रकाशित हुआ है.

वे जीन व्यक्ति के स्कूल और बाहरी जीवन को प्रभावित कर सकते हैं. बच्चे प्रकृति यानी वो जीन जो उन्हें विरासत में मिले हैं. और पोषण यानी जिस वातावरण में वो बड़े होते हैं. इन दोनों के कारण अपने पेरेंट्स से मिलते-जुलते होते हैं.

पैरेंट्स के अनुवांशिक पोषण प्रभाव समान
हर एक पैरेंट्स अपने आधे जीन अपने बच्चों को देते हैं. हालांकि, उनके अन्य आधे जीन बच्चों को पासऑन नहीं होते हैं, लेकिन वे माता-पिता के लक्षणों को प्रभावित करना जारी रखते हैं और अंततः अपने बच्चों में लक्षणों को प्रभावित करते हैं.

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उदाहरण के लिए, सीखने के लिए उच्च आनुवंशिक प्रवृत्ति वाले माता-पिता की एक्टिविटी में अधिक रुचि हो सकती है, जैसे कि पढ़ना, जो बदले में, उनकी संतानों में सीखने का पोषण करते हैं. जब माता-पिता के जीन उनके द्वारा प्रदान किए जाने वाले वातावरण को आकार देकर उनकी संतानों के लिए परिणामों को प्रभावित करते हैं, तो इस अवधारणा को आनुवंशिक पोषण (genetic nutritional) कहा जाता है. यह स्पष्ट करता है कि कैसे माता-पिता के जीन परोक्ष रूप से उनके बच्चों की विशेषताएं हैं.

कैसे हुई स्टडी
इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने कई देशों में 12 अध्ययनों की समीक्षा की और उनका विश्लेषण किया. इसके अलावा लगभग चालीस हजार माता-पिता और बच्चे के जोड़े में शैक्षिक प्राप्ति पर लाखों आनुवंशिक रूपों के प्रभाव का अध्ययन किया और इसके लिए पॉलीजेनिक स्कोरिंग नामक एक विधि का उपयोग किया.

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रिसर्चर्स ने पाया कि आनुवंशिक पोषण का बच्चों की शिक्षा की सफलता पर आनुवांशिक विरासत से लगभग आधा प्रभाव पड़ा. अध्ययनों में पॉलीजेनिक स्कोर द्वारा प्राप्त आनुवंशिक पोषण प्रभावों ने शैक्षिक परिणामों में कम से कम 1.28 प्रतिशत भिन्नता प्रदर्शित की, जबकि प्रत्यक्ष आनुवंशिक प्रभावों ने शैक्षिक परिणामों में कम से कम 2.89 प्रतिशत भिन्नता दर्शायी.

Tags: Health, Lifestyle, Parenting, Parenting tips

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