महीने के वे खास दिन होते हैं बदलाव से भरे, पैरेंट्स ऐसे रखें किशोर बेटी का ध्‍यान

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. Image Credit:Pexels/Elly Fairytale

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. Image Credit:Pexels/Elly Fairytale

छोटे बच्‍चों में शरीर रचना विज्ञान के बारे में जानने की उत्‍सुकता (Curiosity) रहती है. ऐसे में यह सही समय होता है जब आप उन्‍हें शरीर में आने वाले हार्मोनल बदलावों (Hormonal Changes) के बारे में अच्‍छी तरह बता सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 11:59 AM IST
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इस बात से कोई इंकार नहीं है कि किशोरावस्था बड़े परिवर्तनों से भरी है. खासकर उन बच्चों के लिए जिनका पीरियड्स (Periods) शुरू हो चुका हो. इसमें शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं. इस समय लड़कियां बड़े पैमाने पर हार्मोनल उतार-चढ़ाव (Hormonal Changes) का अनुभव करती हैं. ऐसे में यही सही समय है जब इन परिवर्तनों के समय पैरेंट्स (Parents) को अपने बच्चों की मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए अपनी बेटियों को पहले से ही बातचीत के जरिये बताना चाहिए. जब आपका बच्चा छोटा है, तो शरीर रचना विज्ञान के बारे में जानने की उसमें उत्‍सुकता भी रहती है. ऐसे में यह सही समय होता है जब आप उसे शरीर में आने वाले इन बदलावों के बारे में अच्‍छी तरह बता सकते हैं. उसे शरीर के अंगों के उचित नाम और इनके कार्यों के बारे में बताया जा सकता है.

अपने बच्चे को यह समझने में मदद करनी चाहिए कि उनका शरीर कैसे काम करता है. इस तरह बढ़ती उम्र के बच्‍चों में होने वाले परिवर्तन के लिए वे अधिक तैयार रहते हैं. इस बात से बाल मनोचिकित्सक भी सहमत हैं.

पहले से ही करें तैयार
विशेषज्ञों के मुताबिक पैरेंट्स को कम उम्र से ही मासिक धर्म के बारे में बच्‍चों का ध्यान केंद्रित करना चाहिए. आप उसे इस बारे में तब अच्‍छी तरह समझा सकते हैं जब बच्चा पहली बार पीरियड्स की स्थिति से गुजरता है.
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उत्‍पादों के उपयोग के बारे में बताएं
वे लड़कियां जो पीरियड्स से गुजर रही हैं उन्‍हें इसके बारे में बताना जरूरी है. इस दौरान जो उत्‍पाद इस्‍तेमाल किए जाते हैं उनके इस्‍तेमाल का तरीका और सही उपयोग के बारे में जरूर बताएं. ऐसे में वे इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझते हैं और इसमें आने वाली अनियमितताओं पर भी नजर रखते हैं.

ब्रा और पीरियड प्रोडक्ट कब खरीदें
वैसे तो इन उत्‍पादों को खरीदने की कोई भी निर्धारित उम्र नहीं है. बच्‍चा जब इसके लिए तैयार हो तब इन उत्पादों की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि इस बारे में विशेषज्ञों के मुताबिक जब शरीर विकसित होना शुरू होता है या अगर लड़की इसके बारे में आत्म-जागरूक हो जाती है, तो उसके लिए ब्रा चुनने का यही सही समय है.

इस समय रखें ज्‍यादा ध्‍यान
हार्मोन परिवर्तन और उतार-चढ़ाव कभी भी बेहतर नहीं होते हैं और इसकी वजह यह है कि शरीर में इन बड़े हार्मोनल परिवर्तनों के कारण टीनेजर अक्सर मूडी और अत्यधिक भावनात्मक हो जाते हैं. ऐसे में बच्‍चा अधिक आक्रामक या भयभीत महसूस कर सकता है. हार्मोनल परिवर्तन तनाव में वृद्धि की तरह हो सकता है. ऐसे में बच्‍चे की मनोदशा समझते हुए उसके साथ रहें. उसे खुश रखने की कोशिश करें.

उचित समय पर डॉक्‍टर से लें सलाह
ज्यादातर बच्चों में 10 से 14 साल की उम्र में यौवन की शुरुआत हो जाती है और उनमें मासिक धर्म शुरू हो सकता है. मगर कुछ में यह इससे भी साल पहले शुरू हो सकता है या कुछ साल बाद. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. मगर बच्‍चे के व्‍यवहार में आते बदलावों के लिए अपने बच्चे के साथ डॉक्‍टर के पास जाना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.

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बच्‍चे को मानसिक तौर पर करें तैयार
जितना अधिक आप अपने बच्चे को यौवन के बारे में शिक्षित कर सकते हैं, उतना बेहतर होगा, बच्‍चा ताकि मानसिक तौर पर भी इसके लिए तैयार रहे. पीरियड्स के दौरान बेटियां किसी तरह की शर्म महसूस न करें. इस स्थिति में वे सामान्‍य रहें, इसके लिए पैरेंट्स अपनी बढ़ती बेटियों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि यह जीवन का एक हिस्‍सा है और इसे सामान्य तौर पर लिया जाना चाहिए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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