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..तो क्या आपको पता था 'पाव-भाजी' का यह सच, कोई न अब स्वाद लीजिए

पाव-भाजी की कोई फिक्स रेसिपी नहीं है यानी यह-यह सब्जी ही पड़ेगी जैसा. जो भी सब्जी उपलब्ध हो उसे मिलाकर इसे बनाया जाता है.
पाव-भाजी की कोई फिक्स रेसिपी नहीं है यानी यह-यह सब्जी ही पड़ेगी जैसा. जो भी सब्जी उपलब्ध हो उसे मिलाकर इसे बनाया जाता है.

वर्तमान समय में नॉर्थ इंडिया (North India) में भी हर छोटे-बड़े शहर में आपको पाव-भाजी (Pav-Bhaji) के ठेले या स्टॉल मिल जाएंगे. साथ ही बड़े शहरों के ज्यादातर फूड चेन (Food Chain) में भी पाव-भाजी एक महत्वपूर्ण डिश का स्थान ले चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 11:22 AM IST
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(विवेक कुमार पांडेय)

शाम को बाजार (Market) निकले हों घूमने के लिए और भूख लग जाए. आप सोच ही रहे हों कि क्या खाया जाए, ठीक इसी समय आपके सामने बड़े से तवे पर कोई गरम-गरम भाजी (Bhaji) फ्राई कर रहा हो और साथ ही बटर (Butter) लगाकर उसमें पाव (Pav). यकीन मानिए वो मिक्स सब्जियों (Mixed Vegetables) की सुगंध और गरम बटर में सिंकी हुई पाव की सोंधी खुशबू आपके भूख को बढ़ा देगी. साथ ही आपके दिमाग पर इस कदर कब्जा कर लेगी कि आपकी निगाह कहीं और जाए ही न...

मुंबई से दिल्ली तक
जी हां, मैं बात कर रहा हूं पाव-भाजी (Pav bhaji) की. वैसे तो यह मराठी या यूं कहिए कि बंबईया यानि मुंबई की डिश है. लेकिन, वर्तमान समय में नॉर्थ इंडिया में भी हर छोटे-बड़े शहर में आपको पाव-भाजी के ठेले या स्टॉल मिल जाएंगे. साथ ही बड़े शहरों के ज्यादातर फूड चेन में भी पाव-भाजी एक महत्वपूर्ण डिश का स्थान ले चुकी है. ये बात जरूर है कि पाव-भाजी बढ़िया वाली किसी-किसी को ही बनानी आती है, क्योंकि यह काम तो मुश्किल है.
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इतिहास चौंका देगा
क्या आप जानते हैं इसका ओरिजिन कैसे हुआ ? तो दरअसल मुंबई में कई टेक्सटाइल (Textile) मिलें थीं और वहां बहुत से मजदूर (Workers) काम करते थे. लेकिन, उस समय जो खाने मौजूद थे उन्हें पकाने में बहुत वक्त लगता था और मजदूरों को पौष्टिकता नहीं मिलती थी. फिर, सारी सब्जियों को एक में मिलाकर उन्हें फ्राई करने के बाद लगभग पीस देने पर भाजी बनाई गई. ताकि सारी पौष्टिकता मिल जाए. तत्कालीन बंबई में पाव मशहूर थे ही तो बन गया यह 'याराना'. जो आज देश-विदेश में फैल चुका है.

फिक्स रेसिपी नहीं
पाव-भाजी की कोई फिक्स रेसिपी नहीं है यानी यह-यह सब्जी ही पड़ेगी जैसा. जो भी सब्जी उपलब्ध हो उसे मिलाकर इसे बनाया जाता है. आम तौर पर इसे आलू, प्याज, गाजर, मिर्च, मटर, कद्दू, टमाटर और अन्य सीजनल सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जाता है. इसके साथ ही बटर में चारों तरफ से सेंका गया 'पाव' मिलता है. पर, जब तक बारीक कटी हुई प्याज और नींबू इसके साथ न हो, जायके का सर्किल पूरा नहीं होता है.

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हेल्दी फास्ट फूड
तो जैसा की आपने पढ़ा इस भोजन का विकास ही पौष्टिकता के लिए हुआ था. आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं और अपने हिसाब से खुद के जायके में भी ढाल सकते हैं. वैसे तो इसे फास्ट फूड की श्रेणी में ही रखा गया है लेकिन अन्य फास्ट फूड के बजाय यह काफी फायदे वाला है. आजकल बाजार में बहुत तरह के पाव-भाजी उपलब्ध हैं. दरअसल हम भारतीय तो विदेशी खानों के साथ इतने प्रयोग कर लेते हैं तो पाव-भाजी तो अपना इंडियन खाना है.
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