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अनशेप्ड बाल और दाढ़ी से लोग हुए परेशान, सैलून और पार्लर खुलने का हो रहा इंतजार

बालों के मामले में लोगों को लग रहा है कि जैसे उन्हें 40 दिन तक किसी ने बिल्कुल वनवास में भेज दिया हो.

बालों के मामले में लोगों को लग रहा है कि जैसे उन्हें 40 दिन तक किसी ने बिल्कुल वनवास में भेज दिया हो.

बाल एक महीने में आधा इंच बढ़ते हैं लेकिन कई लोग अपनी छवि को लेकर बड़े उत्सुक होते हैं और लॉकडाउन की अवधि में उनके लिए इतने लंबे समय तक नाई और ब्यूटी पार्लर तक अपने आपको रोके रख पाना कड़ी चुनौती है.

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    तीन हफ्ते पहले जब लॉकडाउन की घोषणा की गई थी तो बहुत से लोगों का भले ही इस पहलु की ओर ध्यान न गया हो लेकिन तीन सप्ताह पूरा होते ही लोगों को लगने लगा कि पाबंदिया हटते ही वे सबसे पहले नाई या ब्यूटी पार्लर जाकर बेतरतीब बढ़ रहे अपने बालों और दाढ़ी को फिर से मनचाहा आकार देकर अपने पसंदीदा लुक में आ जाएंगे. लेकिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढ़ा देने के साथ ही ऐसे लोगों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा.

    40 दिनों तक बालों की स्थिति ऐसा ही रहेगी
    विशेषज्ञों का कहना है कि बाल एक महीने में आधा इंच बढ़ते हैं लेकिन कई लोग अपनी छवि को लेकर बड़े उत्सुक होते हैं और लॉकडाउन की अवधि में उनके लिए इतने लंबे समय तक नाई और ब्यूटी पार्लर तक अपने आपको रोके रख पाना कड़ी चुनौती है. दरअसल लॉकडाउन की अवधि में ये दुकानें भी पूरी तरह से बंद हैं. यह एक दिन की बात नहीं बल्कि 40 दिनों तक बालों की स्थिति ऐसा ही रहेगी. बालों के मामले में लोगों को लग रहा है कि जैसे उन्हें 40 दिन तक किसी ने बिल्कुल वनवास में भेज दिया हो. यह समस्या किसी एक की नहीं बल्कि लगभग सभी की है.

    महिलाएं हेयर स्टाइल कराने के लिए उत्सुक
    पुरुष अपने लंबे बालों, बढ़ती दाढ़ी-मूंछ से परेशान हैं तो वहीं महिलाएं अपने बालों को फिर से स्टाइल में लाने, अपनी आईब्रो को सही आकार देने और वैक्सिंग की मदद से हाथ-पैरों को अनचाहे बालों से निजात दिलाने के इंतजार में हैं. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपने सफेद बालों को काले, नीले या विभिन्न रंगों से रंगने की जरूरत महसूस कर रहे हैं. अच्छा दिखने के लिए क्योंकि आप हेयर स्टाइलिंग, थ्रेडिंग, वैक्सिंग और ट्रिमिंग में प्रशिक्षित विशेषज्ञ पर निर्भर रहते हैं, इसलिए लॉकडाउन के समय में हेयर ड्रेसर-ब्यूटीशियन को शिद्दत से याद किया जा रहा है.

    कैंची से खुद बाल काटना आसान नहीं
    यहां तक कि सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों का भी. ज्यादातर लोग आम तौर पर हर चार से आठ हफ्ते में पार्लर या सैलून जाते हैं. कई लोग अपने बाल कटवाने के लिए जाने ही वाले थे कि 24 मार्च को बंद की घोषणा की गई. कैंची से खुद बाल काटना इतना आसान नहीं है लेकिन कई लोग खुद से ऐसा करने पर मजबूर हैं. क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के साथ ही राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पालट और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने अपने बाल कटवाने के मामले में स्वयं ही हाथ आजमाये या अपने परिजनों का सहारा लिया.

    खुद से बाल काटना पड़ा भारी
    हालांकि ट्विटर, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया मंच ऐसी तस्वीरों से भरे पड़े हैं जहां खुद से बाल काटना लोगों को भारी पड़ गया है. किसी के कहीं से बाल पूरी तरह उड़ गए तो कहीं त्वचा का रंग उड़ गया. यहां तक कि सचिन पायलट भी इससे बच नहीं पाए. जब एक पत्रकार ने ट्विटर पर पूछा कि क्या बाल कटाने को आवश्यक सेवा घोषित किया जाना चाहिए तो पायलट ने ट्वीट कर जवाब दिया- बहुत देर हो गई. मैंने घर पर ऐसा किया. सब बेकार हो गया.

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