होम /न्यूज /जीवन शैली /क्या है ‘परमानेंट मेकअप’ तकनीक? जानें इसके बारे में कुछ जरूरी फैक्‍ट्स

क्या है ‘परमानेंट मेकअप’ तकनीक? जानें इसके बारे में कुछ जरूरी फैक्‍ट्स

परमानेंट मेकअप तकनीक को माइक्रो ब्लेडिंग के जरिए किया जाता है. Image- Shutterstock

परमानेंट मेकअप तकनीक को माइक्रो ब्लेडिंग के जरिए किया जाता है. Image- Shutterstock

परमानेंट मेकअप की समय सीमा लगभग दो साल की होती है. दो साल के बाद यह पूरी तरह गायब हो जाता है.

आमतौर पर जब हम परमानेंट मेकअप के बारे में सुनते हैं तो दिमाग में कई सवाल आते हैं. उदाहरण के तौर पर कि क्‍या ये सच में लाइफटाइम के लिए ट्रीटमेंट है? क्‍या इसे टैटू की तरह बनाया जाता है? इसी तरह की कई अन्‍य बातें दिमाग में घूमती रहती हैं. इसके बारे में कई गलत धारणाएं भी हैं जो इंटरनेट पर उपलब्‍ध हैं.

आइए यहां हम आपको बताते हैं कि आखिर परमानेंट मेकअप तकनीक है. साथ ही जानते हैं इससे जुड़े कुछ जरूरी तथ्‍य.

क्या है परमानेंट मेकअप तकनीक?

1.टैटू से है अलग- कुछ लोगों को भ्रम है कि यह टैटू की तरह कोई चीज है. दरअसल, टैटू बनाने के लिए एक टैटू मशीन और स्याही की आवश्यकता पड़ती है जबकि परमानेंट मेकअप में कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों के मिश्रण वाला पिगमेंट उपयोग में लाया जाता है. इसे त्वचा की पहली परत के ठीक नीचे लगाया जाता है. परमानेंट मेकअप माइक्रोपिगमेंटेशन मशीन की मदद से किया जाता है.
इसे भी पढ़ें : NO मेकअप लुक है पसंद तो जरूर ट्राई करें ‘रिवर्स मेकअप’, आजकल कर रहा है ट्रेंड

2.लाइफ टाइम के लिए नहीं होता- परमानेंट मेकअप की समय सीमा लगभग दो साल की होती है. दो साल के बाद यह पूरी तरह गायब हो जाता है. यह इसमें उपयोग किए गए टच-अप सेशंस के कारण होता है.

3.माइक्रोब्‍लेडिंग तकनीक का प्रयोग- इस तकनीक को माइक्रोब्लेडिंग के जरिए किया जाता है. माइक्रोब्लेडिंग के उपयोग के दौरान सुइयों का एक सेट खास कोष पर ऐडजस्‍ट किया जाता है जो नॉर्मल ब्लेड से बिलकुल अलग होता है.

4.कॉस्‍मेटिक सर्जरी से अलग- इसके नाम पर मत जाइए. दरअसल, ये परमानेंट कॉस्मेटिक सर्जरी से बिलकुल अलग है. परमानेंट मेकअप का उद्देश्य त्वचा के उस गुण को दोबारा से उभारना है जो किसी कारण से दब गया या अभी तक विकसित ही नहीं हुआ. उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति की भौहें पूरी तरह गिर जाएं तो परमानेंट मेकअप में बिना किसी अतिरिक्त चीजों को जोड़े भौहों का लुक चेंज किया जाता है.

इसे भी पढ़ें : महंगा मेकअप पैलेट नीचे गिरकर टूट गया? फेकें नहीं, इस तरीके से दोबारा कर लें ठीक

5.दर्द नहीं होता- इसमें कुछ असुविधा जरूर होती है लेकिन इसमें दर्द बिल्कुल भी नहीं होता. इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाता है और इसमें किए जाने वाले टोपिकल एजेंट्स की वजह से दर्द नहीं होता. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Beauty treatments, Lifestyle, Skin care

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें