#PGStory: पीजी खाली करते वक्त नए नियम बताकर मालिक ने मारा सिक्योरिटी का पैसा

बाद में गूगल पर अपने ही पीजी के बारे में पढ़ा तो पता चला. वो पीजी ओनर अब तक पचासों लोगों के पैसे खा चुका है.

News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 8:42 AM IST
#PGStory: पीजी खाली करते वक्त नए नियम बताकर मालिक ने मारा सिक्योरिटी का पैसा
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: September 12, 2018, 8:42 AM IST
(News18 हिन्दी की सीरीज़ 'पीजी स्‍टोरी' की 84वीं कहानी नए शहर में नौकरी करने गए एक लड़के की है. जिसे वहां के पीजी मालिक ने धोखा देकर सिक्योरिटी का पैसा नहीं लौटाया था.)

बचपन से लेकर पढ़ाई पूरी होने और नौकरी लगने तक दिल्ली में परिवार संग रहा. मुझे नहीं पता था कैसी होती है पीजी/हॉस्टल रहने वालों की ज़िंदगी. फिर 2013 में बैंगलोर में ट्रांस्फर हुआ. मेरे अलावा दो और क्लासमेट की प्लेसमेंट हुई.

परिवार में पला-बड़ा लड़का पहली बार पीजी में गया. यहां सही-गलत बताने वाला कोई नहीं था. और वे काम भी नहीं, जो घर पर करने होते. पर अपने हजार झमेले थे. घर पर लगता, मैं परिवार का काम करता हूं. अकेले रहने पर समझ आया वो सारा काम मेरा अपना ही था. चीज़ें बहुत अलग, पर नई थीं.

जिंदगी में पहली बार इतना छोटा कमरा देखा. बेड, कुर्सी-मेज और अलमारी. उसी में दुनिया सिमटी थी. एक लम्हे आजादी लगती, अगले लम्हे अकेलापन. लाडले, नखरीले बेटे से मैं जल्द ही अपना काम खुद कर लेने वाला लड़का बन गया. वहां के माहौल में ढल वक्त का पाबंद बन गया था.



पीजी का वो कमरा पूरी दुनिया था. अलग-अलग कमरों में अलग-अलग जगहों से आए लोग रिश्तेदार और रूम मेट परिवार का सदस्य बन गए थे. देर से आने पर जुगाड़ से पीजी में घुसने से लेकर, एक-दूसरे के लिए डायनिंग हॉल से खाना लाकर रखने तक की यारियां परवान चढ़ गई थीं.

हम बैंगलोर में माराथल्ली में के एक पीजी में रह रहे थे. हम दो लोगों का किराया 9 हजार था. और 9 ही हजार सिक्योरिटी थी. कमरा लेते वक्त पीजी वाले ने कोई कोई नियम नहीं बताया था. नया शहर, नई नौकरी, नए लोग. सब नया नया था. हम उस पीजी में तीन महीने रुके. फिर दफ्तर शिफ्ट हुआ.
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पीजी का काफी दूर पड़ रहा था. ऑफिस के क़रीब रहने का जुगाड़ किया. फ्लैट देखा. पसंद आया. पीजी से जाने लगे तो पीजी वाले ने पीजी खाली करने के नियम गिनवाए. और उस ताम-झाम में ऐसे फसाया कि वो सिक्योरिटी के पैसे नहीं लौटाएगा.

बहुत रिक्वेस्ट की. नहीं लौटाए. परेशान बेठै यू हीं फोन पर उंगलियां चल रही थीं. गूगल पर अपने ही पीजी के बारे में पढ़ा तो पता चला. वो पीजी ओनर अब तक पचासों लोगों के पैसे खा चुका है. सभी के साथ उसने यही किया था, घर खाली करते समय ऐन वक्त पर नए-नए नियम बताता सभी के पैसे मार लेता था.

(सीरीज PG Story में पीजी में रहने वाली उन लड़कियों और लड़कों के तजुर्बों को सिलसिलेवार साझा किया जा रहा है, जो अपने घर, गांव, कस्‍बे और छोटे शहर से निकलकर महानगरों में पढ़ने, अपना जीवन बनाने आए. हममें से ज़्यादातर साथी अपने शहर से दूर, कभी न कभी पीजी में रहे या रह रहे हैं. मुमकिन है, इन कहानियों में आपको अपनी जिंदगी की भी झलक मिले. आपके पास भी कोई कहानी है तो हमें इस पते पर ईमेल करें- ask.life@nw18.com. आपकी कहानी को इस सीरीज में जगह देंगे.)

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