#PGStory: आधी रात को कंप्यूटर लैब में 21 सिस्टम्स पर म्यूजिक चला की थी पार्टी

किसी ने पुलिस को बुला लिया था. कॉलेज के वॉर्डन ग्राउंड फ्लोर पर थे. हम भनक लगते ही म्यूजिक बंद कर अपने अपने कमरों में लौट गए थे.

News18Hindi
Updated: September 5, 2018, 11:40 AM IST
#PGStory: आधी रात को कंप्यूटर लैब में 21 सिस्टम्स पर म्यूजिक चला की थी पार्टी
प्रतीकात्मक तस्वीर
News18Hindi
Updated: September 5, 2018, 11:40 AM IST
(News18 हिन्दी की सीरीज़ 'पीजी स्‍टोरी' की 77वीं कहानी एक लड़की की है. जिसका हॉस्टल और कॉलेज एक ही चारदीवारी में था. स्टूडेंट्स को रात में कॉलेज लाइब्रेरी में पढ़ने जाने की इजाजत थी. एक रात उन सभी ने पढ़ाई के बाद कंप्यूटर लैब में तेज म्यूजिक चलाकर पार्टी की.)

दिल्ली से स्कूलिंग के बाद बैंगलोर में दाखिला लिया. वहां का कॉलेज और हॉस्टल एक ही कंपाउंड में था. हॉस्टल से रात में कॉलेज जाना आम बात थी. रात भर कॉलेज की लाइब्रेरी हमारे लिए खुली रहती. सुबह से शाम 6 बजे तक तो कॉलेज में बिजी रहते थे और असाइन्मेंट्स रात में बनाते. हमें रात भर के लिए कॉलेज की कंप्यूटर लैब मिलती. कुल जमा 21 स्टूडेंट्स थे. सभी की कोशिश रहती रात में जब असाइन्मेंट्स बनाएं तो साथ मिलकर. हमें वहां रोज रात का 12-1 बजना मामूली बात थी.

उस दिन भी बाकी दिनों की तरह, सभी अपने-अपने कंप्यूटर्स के सामने मुंह गढ़ाए बैठे थे. काम निपटा लिया था. लगभग रात का 1 बजा था. अगले दिन कॉलेज की छुट्टी थी. काम पूरा करने के बाद सभी ने एक-दूसरे की ओर देखा और फिर पार्टी की हामी भरी.



पहले एक ने म्यूजिक चलाया, फिर दूसरे ने, तीसरे ने और फिर इसी तरह सभी ने फुल वॉल्यूम कर एक ही गाना बजाया. लाइट डिम की और जमकर नाचे.

नाचने पर पहले कॉलेज और फिर काम की थकान उतारी. खूब चिल किया. 21 लोगों में हम ज्यादातर अलग-अलग राज्यों से थे. यही हमारी क्लास का यूनिक फैक्टर था. सभी ने अपने-अपने राज्य के मशहूर ट्रेडिश्नल डांस के ठुमके लगाए.

एक दूसरे को जानने का बेहद अच्छा वक्त था. पर रंग में भंग पड़ा. नाचते-नाचते हमें ये अहसास ही नहीं हुआ म्यूज़िक कितना तेज़ है. इसी बीच किसी ने पुलिस को बुला लिया था. कॉलेज के वॉर्डन ग्राउंड फ्लोर पर थे. उन्होंने मामला हैंडल कर लिया था.
Loading...
भनक लगते ही हम म्यूजिक बंद कर हॉस्टल भाग लिये. पुलिस के आने पर हम काफी डर गए थे. प्रिंसिपल तक बात तो गई. हमें लगा अब फंसेंगे. पेरेंट्स को बुलाया जाएगा. पर ऐसा कुछ नहीं हुआ. टीचर्स ने बस समझाया, आगे से ऐसा कुछ मत करना.

(सीरीज PG Story में पीजी में रहने वाली उन लड़कियों और लड़कों के तजुर्बों को सिलसिलेवार साझा किया जा रहा है, जो अपने घर, गांव, कस्‍बे और छोटे शहर से निकलकर महानगरों में पढ़ने, अपना जीवन बनाने आए. हममें से ज़्यादातर साथी अपने शहर से दूर, कभी न कभी पीजी में रहे या रह रहे हैं. मुमकिन है, इन कहानियों में आपको अपनी जिंदगी की भी झलक मिले. आपके पास भी कोई कहानी है तो हमें इस पते पर ईमेल करें- ask.life@nw18.com. आपकी कहानी को इस सीरीज में जगह देंगे.)

पढ़ें, इस सीरीज बाकी कहानियां-
#PGStory: मैंने उसके पूरे खानदान के सामने कहा, रात को गमले में पेशाब करना बंद कर दो#PGStory: 'डेट पर गई दोस्त को देर रात पीजी वापस लाने के लिए बुलाई एम्बुलेंस'
#PGStory: 'गर्लफ्रेंड और मैं कमरे में थे, पापा पहुंच गए सरप्राइज देने'
#PGStory: कुकर फट चुका था और मैं चिल्ला रहा था- 'ओह शिट, आय एम डेड'
#PGStory: 'गाड़ी रुकी, शीशा नीचे हुआ और मुझसे पूछा- मैडम, आर यू इंटरेस्टेड टू कम विद मी?'
#PGStory: 'वो चाकू लेकर दौड़ी और मुझसे बोली, सामान के साथ मेरा पति भी चुरा लिया'
#PGStory: 'जब 5 दोस्त नशे में खाली जेब दिल्ली से उत्तराखंड के लिए निकल गए'
#PGStory: '3 दोस्त डेढ़ दिन से पी रहे थे,अचानक हम में से एक बोला- इसकी बॉडी का क्या करेंगे'
#PGStory: 'डेट पर गई दोस्त को देर रात पीजी वापस लाने के लिए बुलाई एम्बुलेंस'

इस सीरीज की बाकी कहानियां पढ़ने के लिए नीचे लिखे  PG Story पर क्लिक करें.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर