#PGStory: कुकर फट चुका था और मैं चिल्ला रहा था- 'ओह शिट, आय एम डेड'

मैं कमरे में पड़ा चिल्ला रहा था और स्टीम हो चुके गट्टे मेरे कानों, गर्दन, कंधों, गालों पर चिपके हुए थे.

Farha Fatima | News18Hindi
Updated: June 27, 2018, 5:50 PM IST
#PGStory: कुकर फट चुका था और मैं चिल्ला रहा था- 'ओह शिट, आय एम डेड'
जब पीजी के उस कमरे में फटा कुकर
Farha Fatima | News18Hindi
Updated: June 27, 2018, 5:50 PM IST
(News18 हिन्दी की नई सीरीज़ 'पीजी स्‍टोरीज़' की ये आठवीं कहानी है. इस सीरीज में पीजी में रहने वाली उन लड़कियों और लड़कों के तजुर्बों को सिलसिलेवार साझा किया जा रहा है, जो अपने घर, गांव, कस्‍बे और छोटे शहर से निकलकर महानगरों में पढ़ने, अपना जीवन बनाने आए. हममें से ज़्यादातर साथी अपने शहर से दूर, कभी न कभी पीजी में रहे या रह रहे हैं. मुमकिन है, इन कहानियों में आपको अपनी जिंदगी की भी झलक मिले. आपके पास भी कोई कहानी है तो हमें इस पते पर ईमेल करें- ask.life@nw18.com. आपकी कहानी को इस सीरीज में जगह देंगे.)

ये कहानी 27 साल के प्रणव (नाम बदला हुआ) की है. वे 19 साल की उम्र में जयपुर से दिल्‍ली अपने सपनों के साथ आए. इन आठ सालों में उन्‍होंने जिंदगी और दिल्ली शहर को जिया. वह पेशे से इंजीनियर हैं.)

जयपुर से आकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए 3 साल पूरे होने को थे. इन सालों में पेश आई तमाम दिक्कतें एक तरफ और मन चाहा खाना न मिलने की परेशानी एक तरफ. दिल्ली में मिलता सब है लेकिन मनचाहा खाना जितने में आता, उस समय उतने पैसे नहीं थे. एक रोज़ क्नॉटप्लेस के खादी भंडार में रेडिमेड गट्टे देखे. हम राजस्थानियों के लिए गट्टे की सब्जी किसी पंजाबी की लस्सी और आलू के पराठे जैसी है.

गट्टे बनाना मुश्किल टास्क है, लेकिन रेडिमेड गट्टों को सिर्फ स्टीम कर, सब्जी बना सकते थे. यूपी वाले, दिल्ली वाले, कॉलेज के सारे दोस्त, रूम मेट्स, उनकी गर्लफ्रेंड्स. सब को मालूम था मुझे गट्टे मिल गए हैं. सब्जी बनाने के लिए एक दिन तय किया.

#PGStory: 'गाड़ी रुकी, शीशा नीचे हुआ और मुझसे पूछा- मैडम, आर यू इंटरेस्टेड टू कम विद मी?'

गट्टे की सब्जी बनाने का दिन
लगभग 8-10 लोग थे. घर बावर्चीखाना बना था. गट्टे का पैकेट खोला तो मालूम चला पहले स्टीम करना है. बड़ी दिक्कत थी, गट्टे स्टीम कैसे हों? स्टीमर था नहीं. सोचा कुकर में भी स्टीम कर सकते हैं. पर कुकर में स्टीम करने के लिए उसमें जाली चाहिए, जो हमारे पास थी नहीं.
Loading...



सबने दिमाग लगाया, बात नहीं बनी. फिर गणित, फिजिक्स लगाकर हल निकाला. पैकेट से मेरी नई सैंडो बनियान निकाली. काटकर उसमें गट्टे भरे और कुकर के मुंह पर रखा. स्टीम होने तक पकड़े कौन ? हाथ जल रहे थे.

गट्टे-भरी बनियान को कुकर के मुंह पर रखकर उसका ढक्कन लगा दिया. फिर लगा, भाप ज्यादा बन गई तो गट्टे का हलवा बन जाएगा. सीटी हटाएं तो कुकर का पानी बाहर आ जाएगा. करें तो क्या करें ? हल यूं निकाला, कुकर के ढक्कन से सीटी हटाकर उसमें माचिस की दो तीलियां लगाईं, ताकि आधी भाप निकलती भी रहे और गट्टे स्टीम भी हों.

#PGStory: 'वो चाकू लेकर दौड़ी और मुझसे बोली, सामान के साथ मेरा पति भी चुरा लिया'

कोई टमाटर काट रहा है, कोई लहसुन पीस रहा है. कोई दही लेने गया. कोई सलाद बना रहा है. सब थोड़ी-थोड़ी देर में कह रहे हैं अहा... गट्टे की खुशबू आ रही है. सब परफेक्ट था. इंतज़ार था गट्टे स्टीम होते ही, मसाला तैयार किया जाएगा. और फिर बनेगी गट्टे की सब्जी.

सब हंसी-मज़ाक में मशगूल. मैं कमरे से रसोई की तरफ गया ये देखने के लिए, गट्टे स्टीम हुए या नहीं. दोस्तों की बातों में भी इन्वॉल्व हूं. पीछे मुड़ मुड़ कर हंस रहा हूं. रसोई में क़दम दर क़दम आगे बढ़ रहा हूं. गैस के पास पहुंचकर कुकर का हैंडल पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया ही था कि मुझे बहुत तेज़ धक्का लगा, मानो किसी ने उठाकर वापस कमरे में पटक दिया. और ब्लास्ट की आवाज़ आई...



मैं रसोई से बाहर, कमरे की दहलीज़ पर पड़ा था और सारे पड़ोसी अपने-अपने घरों से बाहर थे. मेरे मुंह से आवाज़ निकल रही थी... ओह शिट, आय एम डेड... ओह शिट, आय एम डेड... ओह शिट, आय एम डेड. मैं चिल्ला रहा था, ये क्या हो गया. चेहरे समेत चारों ओर जला जा रहा था. कुकर फट चुका था.

#PGStory: 'जब 5 दोस्त नशे में खाली जेब दिल्ली से उत्तराखंड के लिए निकल गए'

मैं कमरे में पड़ा चिल्ला रहा था और स्टीम हो चुके गट्टे मेरे कानों, गर्दन, कंधों, गालों पर चिपके हुए थे. सबसे ज्यादा गर्लफ्रेंड रो रही थी और छोटा भाई चिंतित था. किसी ने रसोई में नहीं देखा. सब मेरे चारों ओर खड़े थे. प्राइवेट हॉस्पिटल जाने के पैसे नहीं थे. कॉलेज की तरफ से मुहैया कराए गए मेडिकल सेंटर जाने के लिए निकले. जिसके लिए कॉलेज के आई-कार्ड की जरूरत थी. हबड़ा-तबड़ी में किसी को आई-कार्ड नहीं मिला.

गर्लफ्रेंड और भाई के साथ तीसरी मंज़िल से नीचे उतरा.  दोस्त से कहा, आईकार्ड लेकर आओ. रिक्शा लिया पर वो आईकार्ड लेकर नहीं आया. गर्लफ्रेंड ऊपर गई, आईकार्ड के लिए पूछा तो दोस्त नर्वस था. आई कार्ड ढूंढ नहीं पाया. हाथ में सिगरेट लिए बोल रहा था, पहले लाइटर चाहिए. कश भरकर कुछ समझ पाऊंगा. उसे लाइटर खरीद कर दिया. उसने सिगरेट पी और तब आई कार्ड ढूंढा गया.

#PGStory: '3 दोस्त डेढ़ दिन से पी रहे थे,अचानक हम में से एक बोला- इसकी बॉडी का क्या करेंगे'

दोस्त पैदल आ रहे थे. सब के पास रिक्शा से जाने के पैसे नहीं थे. मेडिकल सेंटर पहुंचने में देर थी. भाई ने दुकान से बरनॉल ली. रिक्शा चल पड़ा था.



तब तक मेरे कानों, गर्दन, कंधों, गालों पर चिपके गट्टे सूख चुके थे. बरनॉल की ट्यूब के ढक्कन में उसे खोलने वाला पिन नहीं था. उसने रिक्शे की तीलियों के बीच ट्यूब फंसाकर खोलने की कोशिश की. जिसमें उसकी उंगली दब गई. वो जोर-जोर से चिल्लाने लगा. देखा तो उसका हाथ खूनम-खून था.

अब हम मेडिकल सेंटर मेरे नहीं, भाई के लिए जा रहे थे. पहुंचकर उसकी उंगली पर पट्टी हुई. फिर मैं डॉक्टर से मिला. उसने कहा, तुम जले नहीं हो. उस समय गट्टे गरम-गरम चिपके थे, इसलिए जलन हो रही थी. उसकी उंगली पर पट्टी करा के वापस आए.

दोस्त घर के दरवाज़े पर खड़े सिगरेट ही पी रहे थे. ऊपर पहुंचकर रसोई का हाल देखा. गैस पिछले 3 घंटे से ऑन ही थी. जयपुर से लाया हुआ 23 साल पुराना गैस चूल्हा अंग्रेजी के V शेप में मुड़ चुका था. ठोक-पीट कर उसे सीधा किया और खिचड़ी बनाकर खाई गई.

पढ़ें, इस सीरीज बाकी कहानियां-
#PGStory: मैंने उसके पूरे खानदान के सामने कहा, रात को गमले में पेशाब करना बंद कर दो
#PGStory: 'डेट पर गई दोस्त को देर रात पीजी वापस लाने के लिए बुलाई एम्बुलेंस'
#PGStory: 'गर्लफ्रेंड और मैं कमरे में थे, पापा पहुंच गए सरप्राइज देने'
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

वोट करने के लिए संकल्प लें

बेहतर कल के लिए#AajSawaroApnaKal
  • मैं News18 से ई-मेल पाने के लिए सहमति देता हूं

  • मैं इस साल के चुनाव में मतदान करने का वचन देता हूं, चाहे जो भी हो

    Please check above checkbox.

  • SUBMIT

संकल्प लेने के लिए धन्यवाद

काम अभी पूरा नहीं हुआ इस साल योग्य उम्मीदवार के लिए वोट करें

ज्यादा जानकारी के लिए अपना अपना ईमेल चेक करें

Disclaimer:

Issued in public interest by HDFC Life. HDFC Life Insurance Company Limited (Formerly HDFC Standard Life Insurance Company Limited) (“HDFC Life”). CIN: L65110MH2000PLC128245, IRDAI Reg. No. 101 . The name/letters "HDFC" in the name/logo of the company belongs to Housing Development Finance Corporation Limited ("HDFC Limited") and is used by HDFC Life under an agreement entered into with HDFC Limited. ARN EU/04/19/13618
T&C Apply. ARN EU/04/19/13626