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पीएम मोदी के फिट इण्डिया स्कूल अभियान के पीछे है WHO की यह रिपोर्ट


Updated: November 25, 2019, 4:39 PM IST
पीएम मोदी के फिट इण्डिया स्कूल अभियान के पीछे है WHO की यह रिपोर्ट
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने पिछले रेडियो कार्यक्रम मन की बात में फिट इण्डिया स्कूल अभियान का आव्हान किया था.

  • Last Updated: November 25, 2019, 4:39 PM IST
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नई दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 80 फीसदी किशोर कसरत नहीं करते. इनमें 85 प्रतिशत किशोर लड़कियां हैं और 78 फीसदी लड़के हैं. सबसे चौकाने वाली बात यह है कि WHO के इस अध्ययन में 11-17 साल के किशोरों को लिया गया था. शायद यही वजह है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने पिछले रेडियो कार्यक्रम मन की बात में फिट इण्डिया स्कूल अभियान का आव्हान किया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की यह रिपोर्ट द लांसेट चाइल्ड एंड एडोल्सेन्ट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित की गई है. रिपोर्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि अध्ययन 2001 से 2016 के बीच दुनिया भर के 146 देशों में 16 लाख छात्र शामिल किए गए. तोंगा, समोना, अफगानिस्तान और जाम्बिया को छोड़कर बाकी सभी देशों में शारीरिक कसरत में लड़कियां लड़कों से पीछे रहीं हैं.

इस अध्ययन को करने वाले WHO के डॉ. रेगिना गुथोल्ड ने इस नतीजों को बेहद निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्दी ही कोई ठोस कदम उठाने जरूरत है. शोध में खेल में सक्रिय भूमिका, पैदल चलना, साइकिल चलाना, व्यायाम एवं अन्य गतिविधियों पर भागीदारी आंका गया.

शोध के दौरान बांग्लादेश में 73 फीसदी से 63 फीसदी, सिंगापुर में 78 से 70, थाईलैंड में 78 से 70, बेनिन में 79 से 71, आयरलैंड में 71 से 64 और अमेरिका में भी 71 से 64 फीसदी शारीरिक रुप से सक्रिय किशोरों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि किशोरियों के मामलें में यह गिरावट सिंगापुर में 85 से 83 और अफगानिस्तान में शारीरिक रूप से सक्रिय किशोरियों की संख्या में एक प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया.

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जंक फूड और फास्ट फूड के ब्रेक्स सेहत के लिए नुकसानदायक पाए गए.


दुनिया भर में शारीरिक व्यायाम के मामले में सबसे कम सक्रिय किशोरियों की संख्या भारत और बांग्लादेश में दर्ज की गई. यहां लड़के भी दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले कम सक्रिय पाए गए. शायद यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में स्कूलों को फिट इण्डिया अभियान में शामिल होने की बात कही.

फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्कूलों से दिसम्बर महीने में फिट इंडिया सप्ताह मनाने और फिट इंडिया रैकिंग में शामिल होने को कहा ताकि जागरूकता बढ़े और फिट इंडिया एक जनआंदोलन बन सके. ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया आंदोलन पर बात की. सीबीएसई ने फिट इंडिया सप्ताह की एक सराहनीय पहल की है. स्कूल फिट इंडिया सप्ताह दिसम्बर महीने में कभी भी मना सकते हैं. इसमें फिट इंडिया को लेकर कई प्रकार के आयोजन किए जाने हैं जिसमें क्विज, निबंध, लेख, चित्रकारी, पारंपरिक और स्थानीय खेल, योगासन, नृत्य एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं शामिल हैं.
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First published: November 25, 2019, 4:39 PM IST
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