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Positive news: 17 साल की उम्र में शराब के खिलाफ अभियान चलाकर सुरजीत ने जीता डायना अवॉर्ड

बचपन बचाओ आंदोलन क ट्विटर पेज से ली गई तस्वीर. (Image:twitter.com)

बचपन बचाओ आंदोलन क ट्विटर पेज से ली गई तस्वीर. (Image:twitter.com)

Surjeet Lodhi Crusade Against Alcohol: छोटी सी उम्र में सुरजीत लोधी ने अभियान चलाकर गांव की पांच अवैध शराब की दुकानों को बंद करवाया और सैंकड़ों बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया.

  • News18Hindi
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    Surjeet Lodhi Crusade Against Alcohol: सामाजिक उत्थान के लिए अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो छोटी उम्र कोई बाधा नहीं बनती. मध्य प्रदेश में विदिशा जिले के रहने वाले 17 साल के एक किशोर ने ऐसा ही कारनामा किया है जिसकी गूंज देश ही नहीं विदेश में भी पहुंच चुकी हैं. पिछले दिनों उन्हें शराब के खिलाफ सफल अभियान चलाने के लिए प्रतिष्ठित डायना अवार्ड (2021 Diana Award) से सम्मानित किया गया है. टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक सुरजीत ने शराब के खिलाफ धर्मयुद्ध छेड़ रखा है और शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने में लगे हुए हैं. आसपास के बच्चों के लिए सुरजीत किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं. डायना अवार्ड ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी डायना की याद में दिया जाता है. पिछले दिनों एक वर्चुअल कार्यक्रम में सुरजीत को यह पुरस्कार दिया गया है. सुरजीत से पहले यह अवार्ड बाल मित्र ग्राम से जुड़ीं झारखंड की चम्पा कुमारी और नीरज मुर्मू को मिल चुका है.

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    120 बच्चों को स्कूल भेजा
    सुरजीत विदिशा जिले में गंजबासौदा तहसील के आदिवासी बहुल गांव साहबा के रहने वाले हैं. सुरजीत ने 12 साल की उम्र से ही गांव में बदलाव के प्रयास शुरू कर दिए थे. 15 साल की उम्र से सुरजीत ने शराब के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाना शुरू कर दी थी. उसके प्रयासों ने बच्चों और महिलाओं के जीवन में स्थाई परिवर्तन लाने का काम किया है. अपने गांव में उन्होंने 120 बच्चों को शिक्षा हासिल करने में मदद की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया. सुरजीत के गांव में बच्चे स्कूल नहीं जाते थे. अधिकांश पुरुष अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा शराब पर खर्च करते थे. शराब के नशे में ये पुरुष अपनी पत्नी और बच्चों को पीटते भी थे. सुरजीत की अपनी कहानी भी इससे अलग नहीं थी. सुरजीत के पिता भी अक्सर शराब के नशे में धुत रहता था. अक्सर उनकी मां और सुरजीत खुद अपने पिता के हिंसा के शिकार हो जाते थे. सुरजीत ने अपने अथक प्रयास से गांव में शराब की पांच अवैध दुकानों को बंद करवाया.

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    दो साल तक शराब के खिलाफ अभियान चलाया
    सुरजीत कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा संचालित बाल मित्र ग्राम के सहयोग से आस-पास के 5 गांवों में अभियान चलाया. उन्होंने अपने इस अभियान में 410 बच्चों को जोड़ा. भिलय और साहवा गांव की पंचायत परिषद, महिलाएं और बच्चों ने भी इस काम में उनका साथ दिया. उन्होंने दो साल तक इस अभियान को चलाए रखा और बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च के लिए आर्थिक सहायता की मांग की. सुरजीत ने ग्राम परिषद और जिला प्रशासन से संपर्क कर गांव में शराब की पांच अवैध दुकानों को बंद करने के लिए मदद मांगी. लगातार अभियान के दम पर दो साल बाद 2019 में शराब की पांच दुकानें बंद हो गई. इस तरह से गांवों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा और महिलाओं और बच्चों को शारीरिक और मानसिक हिंसा से मुक्ति भी मिली. अब ग्राम समुदाय के लोग शराब की खपत पर बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. अगर किसी बच्चे या महिला के साथ कोई पुरुष हिंसा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.

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