विदेश घूमना चाहते हैं तो शुरुआत भूटान से क्यों नहीं करते!

भूटान के पास नौसेना या वायु सेना नहीं है. यह वायु समर्थन के लिए भारतीय वायु सेना पर निर्भर करता है

भूटान के पास नौसेना या वायु सेना नहीं है. यह वायु समर्थन के लिए भारतीय वायु सेना पर निर्भर करता है

भूटान के पास नौसेना या वायु सेना नहीं है. यह वायु समर्थन के लिए भारतीय वायु सेना पर निर्भर करता है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2019, 1:46 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की सियासी यात्रा पर भूटान गए हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच 10 एमओयू (मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर दस्तखत होंगे. 'भूटान' भारत सरकार की 'पड़ोस पहले' नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. अपने पहले कार्यकाल में भी पड़ोसी प्रथम की नीति अपनाते हुए प्रधानमंत्री ने विदेश दौरों की शुरुआत भूटान से ही की थी.

इसी तर्ज पर अगर आप भी विदेश जाना चाहते हैं तो शुरुआत भारत के ही पड़ोसी देश भूटान से क्यों न करें?

भूटान ही क्यों?



- भारत का पड़ोसी देश है
- भारत और चीन की सीमा से लगा एक खूबसूरत देश, जिसे दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में से एक माना जाता है

- भूटान के पास नौसेना या वायु सेना नहीं है. यह वायु समर्थन के लिए भारतीय वायु सेना पर निर्भर करता है

- भूटान दुनिया का सबसे खुशहाल देश है

- भूटान जाने के लिए आपको किसी तरह के पासपोर्ट या वीजा की ज़रूरत नहीं पड़ती

भूटान में घूमने लायक जगहें

- थिम्पु
- पारो
- फुएन्त्शोलिंग
- बुमथां
- बोंगईगांव
- कोकराझार
- जलदापारा
- नलबाड़ी

कैसे जाएं

भूटान जाने के दो तरीके हैं. पहला कि आप फ्लाइट बुक करा लें. दूसरा रोडवे. रोडवे से भूटान जाने वाले पर्यटकों को भारत-भूटान सीमा पर स्थित फ़ुनशोलिंग से टूरिस्ट परमिट लेना होगा. इसके लिए आपके पास पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र और 2 पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो होना अनिवार्य है. भूटान और भारत दोनों की करेंसी वैल्यू समान है.
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