भूल न जाएं रक्षाबंधन की ये पारंपरिक रीतियां

राखी की थाली में सरसों, रोली एक साथ मिलाकर, कच्चे सूत का कपड़ा, चावल और दीप जरूर रखें

News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 6:29 AM IST
भूल न जाएं रक्षाबंधन की ये पारंपरिक रीतियां
राखी की थाली में सरसों, रोली एक साथ मिलाकर, कच्चे सूत का कपड़ा, चावल और दीप जरूर रखें
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Updated: August 13, 2019, 6:29 AM IST
श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन का त्यौहार रक्षा बंधन मनाया जाता है. इस मौके पर अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ रक्षाबंधन मनाया जाता है. लेकिन अधिकतर जगह टीका करके भाई की आरती उतारी जाती है और उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है. थाली में रखे पैसों को भाई पर न्योछावर किया जाता है और भाई-बहन एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं. कुछ पारंपरिक रीति-रिवाज भी हैं, जिन्हें राखी बांधते वक्त या रक्षाबंधन के दिन ध्यान में रखा जाता है. जैसे-

- राखी बांधते वक्त भाई को पूर्व दिशा में बैठाएं

- तिलक लगाते वक्त बहन का मुंह पश्चिम दिशा में हो

- राखी बांधते वक्त इस मंत्र - 'येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः' को जरूर पढ़ें. इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है

- राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें फिर भाई को मिठाई खिलाएं

- राखी बंधवाते वक्त भाई को पीढ़े पर ही बैठाएं.

- राखी की थाली में सरसों, रोली एक साथ मिलाकर, कच्चे सूत का कपड़ा, चावल और दीप जरूर रखें
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 13, 2019, 6:29 AM IST
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