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हर बार ग़लत ही नहीं होता नन्हे का ग़ुस्सा, नज़रअंदाज न करें

बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं.

बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं.

आमतौर पर खुशमिजाज बच्चा अगर चिड़चिड़ा हो गया है तो उसपर गुस्सा करना हल नहीं है.

    एकल परिवारों में रह रहे बच्चों के बारे में आमतौर पर देखा जाता है कि वे चिड़चिड़े हो रहे हैं. पेरेंट्स अनुशासन के नाम पर उन्हें डांटकर चुप करा देना चाहते हैं. हालांकि बच्चे के गुस्सा करने के जायज कारण भी हो सकते हैं.

    आमतौर पर खुशमिजाज बच्चा अगर चिड़चिड़ा हो गया है तो उसपर गुस्सा करना हल नहीं है. हो सकता है कि उसके पीछे कोई ऐसा कारण हो जो बहुत गंभीर हो. बच्चे से बात करके असल वजह तक पहुंचने की कोशिश करें. कई बार बच्चे स्कूल या आस-पड़ोस या घर पर ही कोई बुरा व्यवहार झेलते रहते हैं और डर के कारण बता नहीं पाते. उनका विश्वास जीतें और उन्हें आश्वस्त करें कि सब ठीक हो जाएगा.

    आप बच्चों को वक्त न दे पाएं तो भी बच्चे परेशान रहने लगते हैं. उनके लिए आपके बढ़कर कुछ भी नहीं, आप ही उनकी दुनिया हैं. आप कितने ही व्यस्त क्यों न हों, उनसे बात करें, उनके साथ वक्त बिताएं. रात के खाने पर साथ बैठें और स्कूल की बातें करें. अपनी बातें भी उनसे शेयर कर सकते हैं.

    बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं. उन्हें छोटी-छोटी बातें भी परेशान कर सकती हैं, जैसे स्कूल में किसी बच्चे से झगड़ा होना या फिर क्लास में अच्छा परफॉर्म न कर पाना. ऐसे में आपको चाहिए कि बच्चे का मजाक न उड़ाकर उनकी बात सुनें. उन्हें समझाएं.

    बच्चे के वजन या उसकी किसी भी आदत का मजाक न उड़ाए. अगर किसी बात में सुधार की गुंजाइश लगती है तो उसे प्यार से समझाएं. फिटनेस के लिए डांटने की बजाए उसके साथ-साथ एक्सरसाइज करें, दौड़ें, हेल्दी खाना खाएं. बच्चा तुतलाकर बोलता हो तो उसे स्पीच थैरेपिस्ट के पास ले जाएं.

    Tags: Baby Care

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