'जो हैं वही रहें' और ऐसे ही जमाएं ससुराल में अपनी धाक

News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 11:03 AM IST
'जो हैं वही रहें' और ऐसे ही जमाएं ससुराल में अपनी धाक
'जो हैं वही रहें'
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Updated: October 13, 2017, 11:03 AM IST
कहने को तो जमाना बदल चुका है पर बहू सभी को परंपरावादी चाहिए. ऐसी बहू जो पैसा कमाने से लेकर हर काम चुटकियों में करे पर जी-हजूरी भी करें. जानिए वो बातें जिनसे मायके के साथ-साथ ससुराल ससुराल में अपनी धाक जमाएंगी.

ससुराल के पहले-दूसरे दिन भी वैसी ही रहीं जैसी आप हैं. शुरुआत में इंसान जैसा होता है, फिर सभी को उसकी वैसी ही आदत पड़ जाती है.

घर में खुशहाली बनाना सिर्फ आपका काम नहीं है. खुद को हर जिम्मेदारी से दबाने के कोई जरूरत नहीं है. जो कर सकती हैं, वही करें. जो बोझ लग रहा है उससे साफ इनकार करें. आपकी इस बोल्ड अदा के ससुराल वाले कायल हो जाएंगे और आप मन से ख़ुश रहेंगी.

किस्मत को न कोसें, किस्मत बनाने से बनती है. ससुराल आपके मनमुताबिक नहीं है तो कोई बात नहीं. आपको अपने घर में भी तो सभी आपके मन का सा नहीं करते थे. आपको हर किसी के मन मुताबिक बनने की कोई ज़रुरत नहीं है. अपने हक के लिए लड़ाई बरकरार रखें. जीत आपकी होगी. सूझ-बूझ और प्यार से किसी को भी जीता जा सकता है.

मायके और ससुराल की दिनचर्या में अंतर जैसा कुछ भी बोझ अपने मन पर न रखें. ससुराल वालों के अनुसार खुद को एडजस्ट करने की कोई जरुरत नहीं है. आप जीती जागती इंसान है, आपका खुद का वजूद है. समय पर जिसे नाश्ता, खाना चाहिए वे खुद बनाएं. या इस लायक बनें, नहीं बना सकते तो मेड रखने लायक बनें. जैसे खाना सभी की बेसिक जरुरत है, वैसे ही पकाना भी सभी को आना चाहिए. बेशक आप जैसे अपने घर वालों का हाथ बंटाती थी, वैसे बंटाएं.

रीति-रिवाज अच्छे लगें और मन को सुकून, खुशी दें तो सबसे साथ मिलकर फॉलो करें. नहीं पसंद तो किसी काम की तरह फटाफट कर के निपटाएं. ससुराल की बुराईयां बिल्कुल न करें. वो भी आपका परिवार है. जैसे आपका मायका था. वहां भी को सबकुछ वैसा नहीं था, जैसा आपको चाहिए.
First published: October 13, 2017
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