लूटी हुई गाड़ी मिली तो कत्ल की साज़िश खुली, फिर सामने आई हकीकत

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: November 8, 2018, 2:08 PM IST
लूटी हुई गाड़ी मिली तो कत्ल की साज़िश खुली, फिर सामने आई हकीकत
सांकेतिक चित्र

LoveSexaurDhokha: पुलिस एक लूटी हुई एमयूवी बरामद करती है तो लुटेरे बताते हैं कि उन्होंने एक कत्ल को अंजाम देने के लिए गाड़ी लूटी थी. लेकिन कत्ल किसका? इस सवाल के जवाब में सामने आई पति, पत्नी और वो के बीच रंजिश की कहानी.

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'सर, मुझ पर तीन लोगों के गैंग ने हमला किया. हुआ ये था कि मैं अपनी टेक फर्म में ड्यूटी खत्म करके अपनी एमयूवी से निकला तो पहले अपने साथियों को मैंने ड्रॉप किया और फिर घर जा रहा था. रात के करीब 11 बजे थे, तभी रास्ते में होमदेवनहल्ली गांव के पास सुनसान इलाके में इन लोगों ने मेरी गाड़ी पर हमला किया. पहले मुझे मारा पीटा और फिर मेरी एमयूवी लेकर भाग गए.'

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बेंगलूरु पुलिस के पास जब ये शिकायत पेडन्ना ने दर्ज करवाई तो पुलिस ने उसकी गाड़ी के डिटेल्स पूछे और वायरलैस के ज़रिये उस गाड़ी पर नज़र रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हिदायत दी गई. नज़र रखी जा रही थी और तलगट्टपुरा के पास नाइस रोड पर पेडन्ना की कार बरामद कर ली गई जिसके अंदर तीन लोग बैठे हुए थे मणि, रूपेश और राजू. तीनों को कार लूटने और कार मालिक पर हमला करने के आरोप में हिरासत में लिया गया.

पुलिस : कौन से गैंग से ताल्लुक है तुम लोगों का?

आरोपी : हम तीन ही हैं बस.
पुलिस : कबसे लूट रहे हो कारें और गाड़ियां?
आरोपी : पहली बार यही कार लूटी.
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पुलिस : तो क्यों लूटी? क्या इरादा था? पहले से कोई दुश्मनी थी या?

इस सवाल पर तीनों चुप थे और पुलिस अफसर ने जैसे ही दोबारा ये सवाल पूछा तभी, एक पुलिसकर्मी ने आकर बताया कि लूटी गई कार के अंदर से कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं. अब पुलिस अफसर को किसी बड़ी साज़िश का अंदेशा हुआ तो उसने ज़रा सख़्ती से पूछताछ की. इसके बाद तीनों आरोपी टूट गए और सच बयान किया. इस लूट के पीछे कॉंट्रैक्ट किलिंग के ज़रिये एक कत्ल की साज़िश थी. मणि ने कहानी सुनाई.

सर, शिवकुमार का काम तमाम करना था हमें. अराकेरे इलाके में उसकी एक दुकान है और उसकी हत्या हम वहां भीड़ भाड़ में नहीं करना चाहते थे इसलिए उसे वहां से उठाकर ले जाना था. इसके लिए एक गाड़ी चाहिए थी इसलिए गाड़ी का इंतज़ाम करने के लिए हमने ये गाड़ी लूटी. इस गाड़ी से कहीं ले जाकर, शिवकुमार को निपटाना था. सर, हमारी तो कोई दुश्मनी नहीं थी उससे लेकिन हमें तीन लाख रुपये मिलने वाले थे इस काम के. सिद्दापुरा में दर्शन फायनेंस वाला लक्ष्मण है ना, उसने कॉंट्रैक्ट दिया था.


मणि और उसके साथियों के इस बयान के बाद पुलिस ने 38 वर्षीय लक्ष्मण की खोज शुरू की और जल्द ही उसके ठिकाने पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. लक्ष्मण ने मणि और उसके साथियों को पहचानने से इनकार किया और कहा कि वो झूठ बोल रहे हैं. फिर पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो लक्ष्मण टूट गया और उसने सच बयान किया. अब सामने आई प्यार और धोखे की एक और कहानी.

सर, मैं अपनी बीवी को सबक सिखाना चाहता था इसलिए ये सब करना पड़ा. वो अब मेरे साथ नहीं रहती और, इस सबकी वजह था शिवकुमार. उस आदमी की वजह से मेरा घर बरबाद हो गया, रिश्ता खत्म हो गया. मेरी बीवी को उसने अपने प्यार के जाल में फंसाया और वह फंस गई. दोनों का चक्कर इतना बढ़ गया कि मुझे छोड़कर चली गई. कहीं अकेली रहती है लेकिन उसका और शिवकुमार का चक्कर चल रहा है. मैं उसे कभी माफ नहीं कर सकता था इसलिए मणि को उसकी हत्या के लिए सुपारी दी थी.


लक्ष्मण ने पुलिस को ये भी बताया कि उसने मणि को चार बार शराब पार्टी दी और उसके साथ तीन लाख रुपये में डील फिक्स की थी. सात हज़ार रुपये लक्ष्मण ने एडवांस दिया था और बाकी रकम काम के बाद दी जाना तय हुआ था. ये कहानी इसी साल जुलाई में सामने आई थी और इसके बाद लक्ष्मण, मणि और मणि के दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया गया.

(लव सेक्स और धोखे की यह कहानी वास्तविक घटनाओं पर आधारित है, इसके किरदार और नाम वास्तविक हैं.)

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First published: November 8, 2018, 2:08 PM IST
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