Office Shift के बाद फोन पर न जुड़ें ऑफिस के काम से

सांसद सुप्रिया सुले ने कुछ दिन पहले #RightToDisconnect हैशटैग से एक सहारनीय अभियान की शुरुआत की है. अगर यह अभियान सफल रहता है तो कामकाजी वर्ग को सिरदर्द बन चुके 24 घंटे के ऑफिस के काम से छुटकारा मिल जाएगा.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 12:27 PM IST
Office Shift के बाद फोन पर न जुड़ें ऑफिस के काम से
Office Shift के बाद फोन पर न जुड़ें ऑफिस के काम से
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Updated: July 29, 2019, 12:27 PM IST
कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले ज़्यादातर लोग शिफ्ट खत्म होने के बाद भी इन्टरनेट और फोन के जरिए ऑफिस के काम से जुड़े रहने के लिए मजबूर हैं. शिफ्ट खत्म करने के बाद जब आप घर पहुंचते हैं तब भी अचानक से बॉस का कॉल आ जाता है और वो घर से आपको कोई जरूरी मेल या डिजाइन बना कर सेंड करने का आदेश देता है, आप चाह कर भी मना नहीं कर पाते. प्राइवेट नौकरी कर रहे ज़्यादातर लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है. फोन, ईमेल, वाट्सऐप जैसी टेक्नॉलजी की वजह से लोग काम के घंटे खत्म होने के बाद भी मजबूरन काम का बोझ लिए घूम रहे हैं.

शायद यही वजह है कि लोग दिनों दिन तनावग्रस्त होते जा रहे हैं, रिश्ते दरक रहे हैं. लोग काम में ही इस तरह खोते जा रहे हैं कि उनकी जिंदगी के रिश्ते और सामाजिक जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. इस सिलसिले में एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कुछ दिन पहले #RightToDisconnect हैशटैग से एक सहारनीय अभियान की शुरुआत की है. अगर यह अभियान सफल रहता है तो कामकाजी वर्ग को सिरदर्द बन चुके 24 घंटे के ऑफिस के काम से छुटकारा मिल जाएगा.

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#RightToDisconnect अभियान के तहत ऑफिस की शिफ्ट खत्म होने के बाद कर्मचारियों को ऑफिशल ईमेल्स, कॉल्स या मेसेज पर उसका जवाब देने का प्रेशर नहीं रह जाएगा. इससे उनकी सोशल लाइफ में सुधार तो होगा ही साथ ही रिश्तों में सुधार आएगा. लोग अपने आप को वक्त दे पायेंगे. #RightToDisconnect मुहिम के तहत अब तक लगभग 1 लाख 27 हजार लोग इस पिटीशन पर हस्ताक्षर कर चुके हैं.

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इस सिलसिले में सांसद सुप्रिया सुले का कहना है कि तनाव रहित खुशहाल जिंदगी जीना हमारा अधिकार है। आमतौर पर लगभग सभी कामकाजी लोग ये दिक्कत महसूस कर रहे हैं कि वीकेंड्स और छुट्टियों पर भी काम का दबाव और ऑफिस के ईमेल्स और कॉल्स का जवाब देना मजबूरी बन चुका है. अधिकतर कॉर्पोरेट कंपनियों में 8 से 9 घंटे की शिफ्ट होती है. लेकिन इस बाद भी कर्मचारियों पर काम का प्रेशर डाला जाता है और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वो ऑफिस के बाद भी ऑफिशियल काम करते रहें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: July 29, 2019, 11:54 AM IST
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