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शहरी क्षेत्रों में इस वजह से बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा, शोध में हुआ खुलासा

 इस रोग में दिल के कुछ भागों में ब्लड सर्कुलेशन में बाधा आ जाती है

इस रोग में दिल के कुछ भागों में ब्लड सर्कुलेशन में बाधा आ जाती है

अध्ययन इन्वायरन्मेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण हृदय रोग विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

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    एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण (Air pollution) के संपर्क में रहने से हार्ट अटैक (Heart attack) का खतरा हो सकता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रदूषण के बेहद बारीक कणों के संपर्क में आने के कुछ घंटों के बाद ही हार्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है.

    सांस के जरिए शरीर में करता है प्रवेश
    शोध के मुताबिक, बारीक कण आकार में 100 नैनोमीटर या इससे भी छोटे होते हैं. शहरी क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल उत्सर्जन के चलते बारीक कण पैदा होते हैं. ये सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, जिससे मायोकार्डियल इन्फार्कशन का खतरा पैदा होता है. मायोकार्डियल, दुनिया भर में हृदय रोग का एक प्रमुख रूप है. इसे आमतौर पर हृदयाघात या दिल के दौरे के रूप में जाना जाता है. इस रोग में दिल के कुछ भागों में ब्लड सर्कुलेशन में बाधा आ जाती है, जिससे दिल की कोशिकाएं मर जाती हैं.

    पिछले शोध में कहा गया है कि वायु प्रदूषण का अधिक स्तर दिमाग के लिए हानिकारक होता है.
    पिछले शोध में कहा गया है कि वायु प्रदूषण का अधिक स्तर दिमाग के लिए हानिकारक होता है.


    दिमाग की कोशिकाएं हो रही कमजोर
    अध्ययन इन्वायरन्मेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण हृदय रोग विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. पिछले शोध में कहा गया है कि वायु प्रदूषण का अधिक स्तर दिमाग के लिए हानिकारक होता है.



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    इसके संपर्क में रहने से दिमाग की संरचना में बदलाव की संभावना रहती है.
    इसके संपर्क में रहने से दिमाग की संरचना में बदलाव की संभावना रहती है.


    इसके संपर्क में रहने से दिमाग की संरचना में बदलाव की संभावना रहती है. कई तरह की शारीरिक व मानसिक बीमारियों का खतरा रहता है. वायु प्रदूषण के अधिक स्तर से दिमाग के अग्र और पा्श्विवका भाग में कुछ विशेष हिस्से और खोपड़ी के पीछे मस्तिष्क का हिस्सा प्रभावित पाया गया था.



    कैसे बचें बारीक प्रदूषकों से...

    - घर से बाहर निकलते वक्त पूरी बाजू के कपड़े पहनें.

    - चेहरे को अच्छी क्वालिटी वाले मास्क से सही तरीके से ढकें.

    - घर के खिड़की और दरवाजों को बंद करके रखें, ताकि प्रदूषण के कण घर में प्रवेश न कर सके.

    - प्रदूषण के कण शरीर को नुकसान न पहुंचाए इसके लिए आहार में विटामिन सी, ओमेगा 3 और मैग्निशियम, हल्दी, गुड़, अखरोट आदि का सेवन करें.

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