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कोरोना के इलाज में 'RNA मॉलीक्यूल' हो सकता है कारगर: रिसर्च

कोरोना के इलाज में 'RNA मॉलीक्यूल' हो सकता है कारगर: रिसर्च

चूहों पर की गई एक स्टडी में पाया कि इस मॉलीक्यूल ‘एसएलआर14’ से खतरनाक कोरोना वायरस (कोविड-19) को मारा जा सकता है. (फोटो-Shutterstock.com)

चूहों पर की गई एक स्टडी में पाया कि इस मॉलीक्यूल ‘एसएलआर14’ से खतरनाक कोरोना वायरस (कोविड-19) को मारा जा सकता है. (फोटो-Shutterstock.com)

Treatment of Coronavirus : ‘एसएलआर14 (SLR 14)’ नामक आरएनए (RNA) से बना साधारण सा एक मॉलीक्यूल (molecule) प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली (immune system) का कामकाज शुरू करता है. यही एक मॉलीक्यूल सबसे पहले कोविड-19 के संक्रमण के खिलाफ अपना संघर्ष शुरू करता है. अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन (Yale School of Medicine) के साइंटिस्टों ने चूहों पर की गई एक स्टडी में पाया कि इस मॉलीक्यूल ‘एसएलआर14’ से खतरनाक कोरोना वायरस (कोविड-19) को मारा जा सकता है. इस स्टडी को जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (Journal of Experimental Medicine) में प्रकाशित किया गया है.

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    Treatment Of Coronavirus : पिछले दो सालों से पूरी दुनिया को परेशान करने वाले कोरोना वायरस संक्रमण के खात्मे को लेकर कई तरह के शोध लगातार जारी हैं. अब अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी भी इस दिशा में उम्मीद की एक किरण लेकर आई है. इस नई स्टडी से पता चला है कि एक साधारण से मॉलीक्यूल से कोरोना को भी खत्म किया जा सकता है. ‘एसएलआर14 (SLR 14)’ नामक आरएनए (RNA) से बना साधारण सा एक मॉलीक्यूल (molecule) प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली (immune system) का कामकाज शुरू करता है. यही एक मॉलीक्यूल सबसे पहले कोविड-19 के संक्रमण के खिलाफ अपना संघर्ष शुरू करता है. अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन (Yale School of Medicine) के साइंटिस्टों ने चूहों पर की गई एक स्टडी में पाया कि इस मॉलीक्यूल ‘एसएलआर14’ से खतरनाक कोरोना वायरस (कोविड-19) को मारा जा सकता है. इस स्टडी को जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (Journal of Experimental Medicine) में प्रकाशित किया गया है.

    साइंटिस्टों के मुताबिक आरएनए से बने इस मॉलीक्यूल को बनाना ज्यादा जटिल भी नहीं है. और इस एक मॉलीक्यूल से विभिन्न प्रोटीनों के समूह के साथ प्रचुर मात्र में इंटरफेरोन्स (interferons) का निर्माण होता है.

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    आपको बता दें कि दुनियाभर में हुई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोविड-19 के जिन मरीजों में अत्यधिक इंटरफेरोन्स बनते हैं, उन्हें ठीक होने में ज्यादा टाइम नहीं लगता है,  शुरुआती संक्रमण में उन पर तेजी से असर होता है. लेकिन बाद में वो जल्दी रिकवर कर जाते हैं.

    क्या कहते हैं जानकार
    येल स्कूल ऑफ मेडिसिन (Yale School of Medicine) में इम्यूनोबायोलॉजी (Immunobiology) की प्रोफेसर अकीको वसाकी (Akiko Iwasaki) ने कहा कि आरएनए की इस नई श्रेणी को कोरोना रोधी वायरल ड्रग में शामिल करके कोविड-19 का इलाज किया जा सकता है.

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    स्टडी में क्या निकला
    नए शोध के मुताबिक ‘एसएलआर14 (SLR 14)’ से संक्रमित मरीज की प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को एक्टिव किया जा सकता है. रिसर्च के दौरान इस दवा की सिर्फ एक डोज से ही चूहों की रक्षा की जा सकी थी. इस डोज में कुछ और बदलाव करके इसे अत्यधिक तेज संक्रमण के लिए भी और प्रभावशाली बनाया जा सकता है.

    Tags: Coronavirus, Health, Health tips, Lifestyle

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