होम /न्यूज /जीवन शैली /वैज्ञानिकों ने खोजा एंटीबायोटिक का असर बढ़ाने का तरीका, सुपरबग्स का होगा खात्मा

वैज्ञानिकों ने खोजा एंटीबायोटिक का असर बढ़ाने का तरीका, सुपरबग्स का होगा खात्मा

रिसर्चर के अनुसार, रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाली एंटीबायोटिक के चूहों पर प्रयोग के दौरान हमें पता चला कि इसका पांचवां हिस्सा भी दूसरी एंटीबायोटिक्स से ज्यादा प्रभावी है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

रिसर्चर के अनुसार, रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाली एंटीबायोटिक के चूहों पर प्रयोग के दौरान हमें पता चला कि इसका पांचवां हिस्सा भी दूसरी एंटीबायोटिक्स से ज्यादा प्रभावी है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

Antibiotics more effective on Superbugs Too : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सुपरबग्स के कारण एंटीबायोटिक (ant ...अधिक पढ़ें

    Antibiotics more effective on Superbugs Too : वैज्ञानिकों ने ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिससे एंटीबायोटिक दवाइयां (antibiotics) प्रतिरोधी बैक्टीरिया (Resistant Bacteria) पर ज्यादा असरदार हो जाएंगी. एंटीबायोटिक्स का प्रतिरोध करने वाले बैक्टीरिया को सुपरबग्स (Super bugs) भी कहा जाता है. दैनिक जागरण अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सुपरबग्स का एंटीबायोटिक प्रतिरोध (antibiotic resistance) बढ़ता जा रहा है और यह वैश्विक स्वास्थ्य (global health) से जुड़े 10 बड़े खतरों में शुमार है. नेचर कम्युनिकेशंस (Nature Communications) पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इस अध्ययन से एंटीबायोटिक   (Antibiotics) के असर को बढ़ाने में मदद मिलेगा.

    इम्यून सिस्टम को एक्टिव करेगा एंटीबायोटिक

    जीवाणु संक्रमण यानी बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) के दौरान शरीर कीमोअट्रेक्टेंट (chemoattractant) नामक मॉलिक्यूल्स (molecules) के जरिये संक्रमण वाले स्थान पर न्यूट्रोफिल (neutrophils) पैदा करता है. न्यूट्रोफिल इम्यून सेल्स यानी प्रतिरक्षा कोशिकाएं हैं, जो नुकसानदेह बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम हैं. शोधकर्ताओं ने एक कीमोअट्रेक्टेंट को एक एंटीबायोटिक में शामिल किया, जिससे उसकी प्रतिरक्षी कोशिकाओं को पैदा करने और नुकसानदेह बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता में वृद्धि हुई. ईएमबीएल ऑस्ट्रेलिया (EMBL Australia) की प्रमुख रिसर्चर डॉ जेनिफर पायने (Dr Jennifer Payne) कहती हैं, ‘जब हम यह पता लगाते हैं कि हमारा इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया का मुकाबला कैसे करता है, तो दो अहम पहलुओं पर गौर करते हैं. पहला, बैक्टीरिया को फंसाकर उसे मार डालने की हमारी क्षमता और दूसरा कीमोअट्रेक्टेंट (chemoattractant) व व्हाइट ब्लड सेल्स की प्रतिक्रियाएं जो संक्रमण को खत्म करने के लिए शरीर के इम्यून सिस्टम को एक्टिव करती हैं.

    यह भी पढ़ें- आर्टिफिशियल मिठास वाली ड्रिंक्स से स्ट्रोक, हार्ट डिजीज और मौत का खतरा – रिसर्च

    शोधकर्ता का क्या कहना है 
    रिसर्चर्स ने फॉर्मिल पेप्टाइड (Formyl Peptide) के रूप में चर्चित एक कीमोअट्रेक्टेंट (chemoattractant) को वैनकोमाइसिन (vancomycin) से जोड़ा. इसके बाद गोल्डन स्टैफ संक्रमण नामक एक खतरनाक एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया पर स्टडी की. वैनकोमाइसिन सामान्य प्रयोग में आने वाली एक एंटीबायोटिक दवा है, जो बैक्टीरिया की सतह को बांधती है. डॉ. पायने ने कहा, ‘हम दोहरा प्रभाव छोड़ने वाले कीमोअट्रेक्टेंट हाइब्रीड्स (chemoattractant hybrids) पर काम कर रहे थे, जो न्यूट्रोफिल्स की मात्रा को बेहतर करते हैं और बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता को बढ़ाते हैं.’

    यह भी पढ़ें- सर्दी के मौसम में सेहत को दुरुस्त रखने में हेल्प करेंगे ये सुपर फूड

    चूहों पर किया गया प्रयोग
    मोनाश बायोमेडिसिन डिस्कवरी इंस्टीट्यूट स्थित एक ईएमबीएल आस्ट्रेलिया ग्रुप लीडर व एसोसिएट प्रोफेसर मैक्स क्राइल (Max Krill) ने कहा, ‘रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाली एंटीबायोटिक के चूहों पर प्रयोग के दौरान हमें पता चला कि इसका पांचवां हिस्सा भी दूसरी एंटीबायोटिक्स से ज्यादा प्रभावी है.’

    Tags: Health, Health News

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें