Second Marriage: ऐसे करें नये रिश्ते की शुरुआत, कदमों में होंगी खुशियां

नए रिश्‍ते में क‍िसी अगर-मगर और अविश्‍वास को जगह न दें. Image/Shutterstock

ये जिंदगी को नए सिरे से संवारने की कोशिश ही है कि हम दुख के भंवर से निकल कर नया साथी (Partner) तलाश करते हैं. मगर सेकंड मैरिज (Second Marriage) कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है, ताकि रिश्‍ता (Relationship) मिठास से भरा रहे.

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    किसी भी रिश्‍ते (Relations) को बनाए रखने के लिए अटूट विश्वास और समर्पण बेहद जरूरी हैं. वहीं बात अगर दो दिलों के बीच प्‍यार, विश्‍वास कायम रखने की आती है, तो कई बार हम चाह कर भी अपने रिश्‍तों को बचा नहीं पाते. कह सकते हैं कि नियति (Destiny) पर किसी का वश नहीं चलता. या कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो हमारे हाथ से निकलती जाती हैं. ऐसे में जीवन भर के लिए बना बंधन बीच राह में ही छूट जाता है. मगर जिंदगी को नए सिरे से संवारने की कोशिश करनी चाहिए. यही वजह है कि हम दुख के भंवर से निकल कर नया साथी तलाश करते हैं. ऐसे में जब नए रिश्‍ते की शुरुआत कर रहे हों तो टूटे रिश्‍ते की टीस को नजरअंदाज करते हुए पुराने रिश्‍ते में की गई गलतियों को न दोहराने का संकल्‍प लेना चाहिए. ताकि नए रिश्‍ते के बीच कोई अगर-मगर और अविश्‍वास जगह न बना पाए. इसलिए सेकंड मैरिज (Second Marriage) कर रहे हैं तो कुछ बातों पर जरूर ध्‍यान दें-

    कदम बढ़ाने से पहले जान लें सब कुछ
    अगर आप एक बार फिर जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं और नए रिश्‍ते के साथ लाइफ को बेहतर बनाना चाहते हैं तो सेकंड मैरिज से पहले अपने नए पार्टनर के बारे में अच्‍छी तरह जांच पड़ताल करवा लें, ताकि आप नए रिश्‍ते में पुराने रिश्‍ते की तरह फिर तकलीफ न उठाएं. इसके लिए अगर संभव हो तो अपने होने वाले पार्टनर से मिल सकते हैं. उसके स्वभाव और उसके काम आदि के बारे में पूरी जानकारी कर लें. साथ ही उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में भी जान लें. इससे आप अपने होने वाले साथी को बेहतर तरीके से जान पाएंगे.

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    नए रिश्‍ते में इन बातों की नो एंट्री
    जब आप नए रिश्‍ते की शुरुआत कर चुकें तो इस बात का पूरा ध्‍यान रखें कि जब भी आपकी अपने साथी से चर्चा हो तो उसमें टूटे रिश्‍ते की किसी कड़वाहट को घुलने न दें. गुजरे समय का बार-बार जिक्र करने से आपके पार्टनर को लग सकता है कि आप अपने पुराने रिश्‍ते को भूल नहीं पाए हैं. इससे आपके रिश्‍तों में दूरियां पनप सकती हैं. इसलिए अपनी नई रिलेशनशिप को बिल्‍कुल नए नजरिये से देखें और खुशियों को दें एंट्री. तभी आपके रिश्‍ते मधुर बने रह सकते हैं.

    भूलों से सीखें पर हावी न होने दें
    जो गुजर चुका है उसे भले ही जीवन में जगह न दें पर जो गलतियां तब की थीं, उन्‍हें दोहराने से बचने की सीख इससे जरूर लें. किन वजह से आपके रिश्‍ते में दूरी आई और कौन सी वजह आपके लिए नुकसानदेह साबित हुईं इन पर चिंतन जरूर कर लें. अपने अनुभव से आप यह फायदा उठा सकते हैं कि जो आपके रिश्‍ते के लिए बुरा हो उसे नजरअंदाज करें. ताकि आप सकारात्मक सोचें और आपका रिश्ता अच्छी तरह आगे बढ़ सके.

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    बच्‍चों की भी रजामंदी है जरूरी
    अगर आप अकेले हैं तब तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर आपको पहली मैरिज से कोई संतान है, तो सेकंड मैरिज से पहले इनकी परवरिश आदि के मसले पर भी अपने होने वाले पार्टनर से पूरी चर्चा कर लें. ताकि रिश्‍ता बनने के बाद किसी तरह की समस्‍या का सामना न करना पड़े. वहीं जरूरत पड़ने पर आप इस संबंध में कानूनी सलाह आदि भी ले सकते हैं. वहीं आपका बच्‍चा अगर उम्र में ज्‍यादा छोटा नहीं है, तो सेकंड मैरिज से पहले उसकी भी रजामंदी जरूर लें, ता‍कि इस नए रिश्‍ते को वह दिल से स्‍वीकार कर सके और बाद में किसी तरह की कोई दिक्‍कत पेश न आए.
    Published by:Naaz Khan
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