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ज्‍यादा बाइक चलाने से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, जानें लक्षण और बचाव

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Updated: October 15, 2019, 12:42 PM IST
ज्‍यादा बाइक चलाने से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, जानें लक्षण और बचाव
अत्यधिक मोटर बाइक या स्कूटर चलाने से सायटिक नर्व पर दबाव पड़ता है.

सायटिका एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को असहनीय दर्द होता है और कभी-कभी तो यह दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज उठने बैठने के लिए भी मोहताज हो जाता है.

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क्या आपको पता है कि ज्यादा बाइक चलाने से सायटिका नामक एक गंभीर बीमारी हो सकती है. सायटिका एक ऐसी बीमारी है जिसमें रोगी को पीठ से लेकर पैरों तक भयानक दर्द होता है. इसका मुख्य कारण सायटिक नर्व होती है जो रीढ़ के निचले भाग से निकलकर घुटने के पीछे की ओर से होती हुई पैर की ओर जाती है. जब शरीर को देर तक एक ही स्थिति में रखा जाता है तो सायटिका का दर्द काफी बढ़ जाता है. यह दर्द असहनीय होता है. आखिर क्या होती है सायटिका?

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मरीज को असहनीय दर्द होता है

दरअसल सायटिका एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को असहनीय दर्द होता है और कभी-कभी तो यह दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि मरीज उठने बैठने के लिए भी मोहताज हो जाता है. अकसर यह समस्या उन लोगों में होती है जो बहुत समय तक एक ही जगह बैठ कर काम करते हैं, बहुत अधिक चलते हैं या फिर काफी बाइक चलाते हैं.अत्यधिक मोटर बाइक या स्कूटर चलाने से सायटिक नर्व पर दबाव पड़ता है. अचानक हड्डियों पर जोर पड़ने से भी इस प्रकार का दर्द होता है. इस प्रकार का दर्द अकसर 35 से 45 वर्ष की उम्र में होता है और यह बीमारी बरसात या ठंड के मौसम में सबसे अधिक होती है.

सायटिका के लक्षण

हड्डियों में अचानक असहनीय दर्द होना

नितम्बों से होता हुआ दर्द घुटनों तक पहुंचना
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दर्द के समय दर्द की जगह सुन्न पड़ जाना

लेटते समय या फिर हिलते वक्त अत्यधिक दर्द होना

यह बीमारी अक्‍सर 35 से 40 की उम्र में होती है और सायटिका के मरीज के लिए दर्द का सामना करना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि दर्द के तीव्र होने से वह अपने रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पाता.

कैसे पाएं इससे छुटकारा

ऐसी बीमारी में सबसे पहली बात डाइट की आती है. ऐसा खाना खाएं जो कि आपके शरीर के लिए बहुत ही हल्का हो.

दर्द के समय गुनगुने पानी से नहाएं.

आप सन बाथ भी ले सकते हैं.

अपने आपको ठंड से बचाएं और वातावरण के अनुकूल कपड़े पहनें.

सुबह-शाम एक्सरसाइज करें. सैर पर जाएं.

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अधिक समय तक एक ही न बैठें और न ही खड़े हो. अगर आप ऑफिस में हैं तो बैठते समय अपने पैरों को हिलाते डुलाते रहें. बीच-बीच में खड़े होकर थोड़ा टहल लें.

ज्यादा देर तक बाइक या स्कूटर न चलाएं. बीच-बीच में रुककर हॉल्ट लें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: October 15, 2019, 12:42 PM IST
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