SEXTING: अगर आप भी करते हैं सेक्सटिंग तो आपको मालूम होनी चाहिए ये जरूरी बातें

दूर रहते हुए रिलेशनशिप में अपनी सेक्सुअल फीलिंग्स को बताने का कोई रास्ता नहीं था.

अनीशा और उसके ब्वॉयफ्रेंड के लिए टेक्स्टिंग बहुत ही जरूरी है. दिन की शुरुआत भी एक-दूसरे को टेक्स्टिंग से होती है और रात का समापन भी इसी से.

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    अनीशा (नाम बदला हुआ) नागपुर में रहती है जबकि उसका ब्वॉयफ्रेंड पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रहता है. एक-आध बार जाकर मिलने के अलावा दोनों को एक-दूसरे के साथ होने और एक दूसरे को छूने तक का मौक़ा शायद ही मिलता है. ‘यह कठिन है. हम पिछले चार सालों से अलग रह रहे हैं. कई बार मुझे उससे दूर रहना काफी अखरता है, यहां तक कि एक दूसरे का हाथ थामने जैसी बात की याद भी हमें रुला जाती है’. लंबी दूरी के रिलेशनशिप को जारी रखना मुश्किल होता है.

    दिन की शुरुआत एक-दूसरे को टेक्स्टिंग से होती है
    पर स्मार्टफोन ने उनकी दुनिया बदल दी है. वर्ष 2019 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में मोबाइल फ़ोन का प्रयोग करने वालों की संख्या 80 करोड़ है. भारत में स्मार्टफोन का प्रयोग पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है. कभी जो विलासिता की वस्तु मानी जाती थी, आज आम प्रयोग की वस्तु बन गई है.  अनीशा और उसके ब्वॉयफ्रेंड के लिए टेक्स्टिंग बहुत ही जरूरी है. दिन की शुरुआत भी एक-दूसरे को टेक्स्टिंग से होती है और रात का समापन भी इसी से.

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    एक-दूसरे को मीम्स भेजते हैं 
    अमूमन, वे अपने दिन के बारे में बात करते हैं और एक-दूसरे को मीम्स भेजते हैं पर कई बार वह इसे आगे तक ले जाते हैं. अनीशा ने बताया- हम लगभग दो साल पहले सेक्स्टिंग करने लगे और इसने हमारी जिंदगी बदल दी है. नहीं तो दूर रहते हुए रिलेशनशिप में अपनी सेक्सुअल फीलिंग्स को बताने का कोई रास्ता नहीं था. अनीशा जब अपने ब्वॉयफ्रेंड से टेक्स्टिंग कर रही होती है तो उसे अपनी खुद की सेक्सुअलिटी को समझने का भी मौका मिलता है.

    क्या है सेक्स्टिंग?
    टेक्स्टिंग आसान होता है, मुझे आमने-सामने सेक्स के बारे में बात करने में थोड़ी मुश्किल पेश आती है क्योंकि मुझे यह फूहड़ लगता है. इसलिए अगर अब हमें सेक्स के बारे में कोई नई बात करने का मन करता है तो हम टेक्स्टिंग करके इसके बारे में बात कर लेते हैं और फिर जब हम मुंबई में उससे मिलते हैं तो इसको आजमाते हैं. तो क्या है यह सेक्स्टिंग? डिजिटल प्लेटफार्म पर सेक्स से संबंधित किसी भी तरह की बात को एक-दूसरे को भेजना सेक्स्टिंग है. इसमें एक दूसरे को अपनी नग्न या अर्ध-नग्न तस्वीर भेजना भी शामिल है. पर इसका फ़ायदा क्या है?

    सेक्स्टिंग एक आनंददायक विकल्प है
    पहली बात, कई लोगों को टेक्स्टिंग में आनंद आता है. फिर, इसमें वो सारे खतरे जैसे प्रेग्नेंट हो जाने या किसी एसआईटी से संक्रमित हो जाने का खतरा नहीं है. इसके अलावा ऐसे जोड़े जिन्हें एकांत में मिलने में परेशानी होती है, उनके लिए सेक्स्टिंग एक आनंददायक विकल्प है. निशांत (नाम बदला हुआ) और उसकी गर्लफ्रेंड मैसूर में रहते हैं जहां उन्हें एक कमरे का इंतजाम कर पाना मुश्किल था. ‘हमें बहुत ही मुश्किल हो रही थी, हम एक ऐसे शहर में रह रहे हैं जहां हर कोई एक दूसरे को जानता है. अगर आप साथ मिलकर एक कमरा लेना चाहते हैं तो आपका शादीशुदा होना जरूरी है.’

    अकेले में एक-दूसरे के साथ समय बिता सकें
    निशांत और उसकी पार्टनर बीच-बीच में बेंगलुरु जाने लगे ताकि वे वहां कमरा लेकर अकेले में एक-दूसरे के साथ समय बिता सकें. लेकिन बेंगलुरु जाना-आना खर्चीला है तो इस स्थिति में हम अपना समय कैसे बिताते हैं? हम सेक्स्टिंग करते हैं. यह मजेदार है, आसान है और अपने अपने घरों में बैठकर भी सेक्सुअली एक-दूसरे को आनंद पहुंचा सकते हैं.’ पर सेक्स्टिंग के बुरे साइड भी हैं. इंटरनेट को लेकर साइबर सुरक्षा का मामला चिंता पैदा करता है.

    अपने पार्टनर पर पूरा भरोसा
    भारत में बदला लेने के उद्देश्य से पॉर्न के कई सारे मामले हुए हैं जिसमें दूसरे की प्रतिष्ठा को नष्ट करने के लिए उसके अन्तरंग फोटो या वीडियो को कोई सार्वजनिक कर देता है. ऐसे अधिकांश मामलों में, पुरुष ही अपनी एक्स महिला मित्र को ब्लैकमेल करता है. आपको अपने पार्टनर पर पूरा भरोसा है, पर हैकर्स का क्या? या मान लीजिए कि आपका फ़ोन किसी और के हाथ लग जाता है और वह आपके फोटो और अन्तरंग बातचीत को सार्वजनिक कर देता है? ये खतरे वास्तविक हैं.

    ऑनलाइन सेक्स्टिंग
    लेकिन तकनीक बदल रही है और यह लोगों की जरूरतों के अनुरूप बन रहा है. आप सावधानी बरतकर ऑनलाइन सेक्स्टिंग या अपने पार्टनर से फोटो साझा कर यथासंभव सुरक्षित रह सकते हैं. अनीशा ने ‘चेहरा नहीं दिखने का नियम’ (no face rule) बना रखा है जिसको कई महिलाएं अपनाती हैं. ‘मैं अपना नग्न फोटो अपने पार्टनर को भेजती हूं पर मैं इस बात का ख़याल रखती हूँ कि उसमें मेरा चेहरा दिखाई न दे या मैं अपना चेहरा अपने बाल से ढक लेती हूं.

    न्यूड फोटो सिर्फ स्नैपचैट पर ही भेजते हैं
    अनीशा अपने ब्वॉयफ्रेंड पर विश्वास करती है पर इसके बावजूद वह सावधान रहती है. ‘किसी महिला की जिंदगी को बर्बाद करने के लिए सिर्फ एक क्लिक ही काफी है,” वह कहती है. ‘इसलिए बेहतर है कि सुरक्षित रहें’. निशांत और उसके पार्टनर एक दूसरे को अपना न्यूड फोटो सिर्फ स्नैपचैट पर ही भेजते हैं. स्नैपचैट जैसे एप सुरक्षित विकल्प हैं क्योंकि इस पर फोटो कुछ सेकंड में खुद ही नष्ट हो जाता है.

    कुछ अन्य जरूरी टिप्स इस तरह से हैं -

    अनजान लोगों के साथ सेक्स्टिंग से बचें
    इस बात का ध्यान रखें कि आप जिसके साथ चैट कर रही हैं उसको जानती हैं और वह विश्वास के लायक है.

    अपनी सीमाएं तय कर लीजिए
    हो सकता है कि आप सिर्फ सेक्सुअल चैट ही करना चाहते हैं और फोटो नहीं भेजना चाहते. यहां तक कि सेक्सुअल चैट में भी हो सकता है कि आप सिर्फ कुछ सेक्सुअल एक्ट के बारे में बात करना चाहते हों और अन्य के बारे में नहीं. सीमाएं तय करना आपका अधिकार है. आप ऐसा कुछ भी नहीं करें जिसको लेकर आप सहज नहीं हैं और जो आपकी सीमाओं का सम्मान नहीं करे उसके साथ संबंध नहीं रखें.

    सहमति
    किसी को भी सेक्सुअल मटेरियल को लेकर परेशान नहीं करें. यह बात हमेशा सुनिश्चित करें कि जिस व्यक्ति को आप सैक्स्ट कर रहे हैं वह भी आपको सैक्स्ट करना चाहता है. इस दौरान आप हमेशा ही उसकी सहमति लेते रहिए. अगर आप सिर्फ किसिंग के बारे में बात कर रहे हैं और अब कुछ ज्यादा अंतरंग बात करना चीहते हैं, तो पहले पूछिए. यह सुनिश्चित कीजिए कि वह व्यक्ति इससे सहज है कि नहीं. किसी व्यक्ति को अवांछित सेक्सुअल मटेरियल भेजना उसको परेशान करना है.

    सुरक्षा
    ऐसे एप्स की तलाश कीजिए जो सुरक्षित हैं और पूरी तरह एनक्रिप्टेड हैं. फोटोग्राफ्स भेजने के लिए ऐसे एप का प्रयोग कीजिए जो फोटो को देखने के बाद उसे नष्ट कर देता है. अपने चेहरे के साथ फोटो भेजना खतरनाक हो सकता है.

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    जानकारी रखें

    जोखिम और फायदे को समझिए
    यह सुनिश्चित कीजिए कि आपकी दिमागी स्थिति स्वस्थ रहे. अगर आप नशे में हैं या अनावश्यक रूप से भावुक हैं, तो किसी को सैक्स्ट मत कीजिए. स्मार्टफोन के बढ़ते चलन से सेक्स्टिंग डेटिंग, प्यार और रिलेशनशिप का आम हिस्सा बन गया है. टेक्स्ट भेजकर आनंद उठाने में कुछ भी गलत नहीं है बशर्ते कि यह एक्सचेंज आपसी सहमति से हो रहा है. लेकिन जैसा कि हर तरह के सेक्सुअल गतिविधि के साथ होता है, सुरक्षा अपनाइए.

    (लेखिका अनघा रेड्वोम्ब में इंटर्न हैं)

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