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मैट्रिमॉनियल साइट शादी डॉट कॉम पर जातिगत भेदभाव के आरोप, इस देश में छिड़ा विवाद

भाषा
Updated: February 3, 2020, 9:40 AM IST
मैट्रिमॉनियल साइट शादी डॉट कॉम पर जातिगत भेदभाव के आरोप, इस देश में छिड़ा विवाद
यह वेबसाइट ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लोगों के लिए अपना जीवनसाथी तलाशने का सबसे बड़ा माध्यम है.

ऊंची जाति के किसी व्यक्ति की प्रोफाइल पर अनुसूचित जाति के रिश्तों का विकल्प तब तक नहीं आता, जब तक कि वह अन्य सभी जातियों का विकल्प नहीं चुनता है.

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भारत की एक प्रमुख वैवाहिक साइट शादी डॉट कॉम पर अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों से कथित भेदभाव को लेकर ब्रिटेन में विवाद खड़ा हो गया है. यह वेबसाइट ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लोगों के लिए अपना जीवनसाथी तलाशने का सबसे बड़ा माध्यम है. उस पर एससी समुदाय से भेदभाव का आरोप लगाया गया है.

संडे टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार ऊंची जाति के किसी व्यक्ति की प्रोफाइल पर अनुसूचित जाति के रिश्तों का विकल्प तब तक नहीं आता, जब तक कि वह अन्य सभी जातियों का विकल्प नहीं चुनता है.

हालांकि, शादी डॉट कॉम ने जाति-आधारित भेदभाव से इनकार किया है
हालांकि, शादी डॉट कॉम ने जाति-आधारित भेदभाव से इनकार किया है


जाति-आधारित भेदभाव से इनकार

हालांकि, शादी डॉट कॉम ने जाति-आधारित भेदभाव से इनकार किया है क्योंकि इसकी ‘सेटिंग’ (समुदाय के लिए) भेदभावपूर्ण नहीं है. एक वकील ने चेतावनी दी है कि इससे ब्रिटेन के समानता कानून का संभावित उल्लंघन हो सकता है. भारत में जातिगत भेदभाव गैरकानूनी है. ब्रिटेन में, समानता अधिनियम 2010 नस्ल और अन्य विशेषताओं के आधार पर भेदभाव को रोकता है.

 

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किसी कानून का उल्लंघन नहीं : प्रवक्ता
वेबसाइट के प्रवक्ता ने अखबार से कहा, ‘‘हम किसी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह मंच समुदाय या नस्ल के आधार पर भेदभाव नहीं करता और प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मुहैया करता है, भले ही उसका नस्ल या समुदाय कुछ भी हो.’’

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First published: February 3, 2020, 9:13 AM IST
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