• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • नवरात्रि 2018: नौ देवियों की कृपा के लिए करें इन मंत्रों का जाप

नवरात्रि 2018: नौ देवियों की कृपा के लिए करें इन मंत्रों का जाप

shardiya navratri 2018: नवरात्रि के दौरान भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं.

shardiya navratri 2018: नवरात्रि के दौरान भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं.

shardiya navratri 2018: नवरात्रि के दौरान भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं.

  • Share this:
    नवरात्रि (Navratri 2018) के दौरान भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं. हिन्दू धर्म की मान्यता है कि यदि साधक इन 9 दिनों तक मन से पूजा-अर्चना करते हैं तो उन्हें मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.

    इसे भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2018: जानिए कैसे हुई मां दुर्गा की उत्पत्ति और किस तरह उन्हें प्राप्त हुई शक्ति

    नवरात्रि में हर देवी को प्रसन्न करने के लिए अलग अलग बीजमंत्र होते हैं. आज हम आपको बताएंगे मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के लिए अलग-अलग मंत्र ताकि आप पर बरसती रहे मां दुर्गा की कृपा.

    शैलपुत्री का मंत्र- ह्रीं शिवायै नम:

    ब्रह्मचारिणी का मंत्र-ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:

    इसे भी पढ़ें: दोनों हथेलियों को मिलाने पर बनता है आधा चांद, जाने मतलब

    चन्द्रघण्टा का मंत्र- ऐं श्रीं शक्तयै नम:

    कूष्मांडा का मंत्र- ऐं ह्री देव्यै नम:

    स्कंदमाता का मंत्र- ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:

    कात्यायनी का मंत्र- क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:

    कालरात्रि का मंत्र- क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:

    महागौरी का मंत्र- महागौरी- श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:

    सिद्धिदात्री का मंत्र- ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:

    नवरात्रि के दौरान इस तरह करें अलग-अलग देवियों आराधना-

    मां शैलपुत्री- सिद्धि प्राप्ति के लिए मां शैलपुत्री की पूजा करें। प्रतिपदा के दिन 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्ये नम:' मंत्र जा जाप करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां ब्रह्मचारिणी- नवरात्रि की द्वितिया को 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:' मंत्र का जाप करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां चन्द्रघंटा- परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए मां के इस स्वरुप की पूजा करें. 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघंटायै नम:' मंत्र का जाप करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां कुष्मांडा- साधक चतुर्थी को आयु, बल व मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां स्कंदमा‍ता- साधक पंचमी को मोक्ष प्राप्ति व जीवन में खुशहाली बनाए रखने के लिए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमा‍तायै नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां कात्यायनी- साधक षष्ठी तिथि को धन व मोक्ष की प्राप्ति के लिए 'ॐ क्रीं कात्यायनी क्रीं नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां कालरात्रि- साधक सप्तमी को दूसरों की साजिश की नाकाम करने के लिए मां दुर्गा के समक्ष 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां महागौरी- साधक अष्टमी तिथि को अपनी सभी परेशानियों को ख़त्म करने के लिए और दुरूह लगने वाले कार्यों को पूरा करने के लिए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    मां सिद्धिदात्री- साधक नवमी को असंभव को संभव बनाने के लिए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नम:' मंत्र की 1 माला करें और यज्ञ में घी की आहुति दें.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज