कोरोना वॉरियर्स को सलाम! गणेश जी की प्रतिमा से ये क्या करवाया

कोरोना वॉरियर्स को सलाम! गणेश जी की प्रतिमा से ये क्या करवाया
कोरोना वारियर्स को शुक्रिया कहने का अनोखा अंदाज (फोटो साभार: twitter/ANI)

कोरोना महामारी (Covid 19 pandemic) के समय हर कोई अपनी अपनी तरह से कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) को शुक्रिया अदा करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में इस मूर्ति दुकानदार के सम्मान का यह तरीका वाकई काफी अनोखा और सराहनीय है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 12:55 PM IST
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डॉक्टर्स का दर्जा भगवान से कम नहीं होता. अपनी परेशानियों और सेहत को एक तरफ रखकर डॉक्टर्स जिस तरह मरीज की तीमारदारी करते हैं वो वाकई बेहद काबिले तारीफ है. कोरोना काल में जब पूरी दुनिया मौत के साए से घबराकर अपने-अपने घरों में लॉकडाउन थी उस समय डॉक्टर्स, नर्स और हेल्थकेयर वर्कर्स फ्रंटफुट पर कोरोना वायरस से मौत और जिंदगी की जंग लड़ रहे थे. कई जगहों पर हेल्थ स्टाफ और डॉक्टरों को कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. यही वजह है कि कोरोना काल में हेल्थ स्टाफ को कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) कहा गया क्योंकि जब बीमारी के संक्रमण के डर अपने भी दूर हो गए तो उन्होंने लगकर सेवा की. ऐसे में बेंगलुरु के एक मूर्ति दुकानदार ने कोरोना वारियर्स का ख़ास सम्मान किया है. दुकानदार ने गणेश भगवान की प्रतिमा (God Ganesha Idol) को किसी हेल्थकेयर वर्कर की तरह ड्रेसअप किया है.

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7 अगस्त को संकष्टी चतुर्थी है. संकष्टी चतुर्थी भगवान शिव के पुत्र गणेश भगवान को समर्पित मानी जाती है. ऐसे में हर मूर्तिकार गणेश जी की प्रतिमा बनाते और सजाते हैं लेकिन इस मूर्ति के दुकानदार ने गणेश भगवान को एक डॉक्टर का रूप दिया है. इसके साथ ही उनकी सवारी चूहे को हेल्थकेयर स्टाफ असिस्टेंट के तौर पर दर्शाया है.





इस महामारी के समय जब हर कोई अपनी अपनी तरह से कोरोना वारियर्स के समर्पण और निस्वार्थ सेवा के लिए उनके प्रति कृतज्ञता और शुक्रिया अदा करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में इस मूर्ति दुकानदार के सम्मान का यह तरीका वाकई काफी अनोखा और सराहनीय है.

गौरतलब है कि, कोरोना काल में मरीजों के इलाज के दौरान हुए संक्रमण से देश और विदेश में भी कई डॉक्टर्स ने अपनी जान गंवाई है. और कई इससे बुरी तरह संक्रमित होकर खुद अस्पताल में भर्ती हैं. जब हर कोई बस ये चाहता है कि किसी तरह कोरोना का यह खतरा टल जाए तो ऐसे समय में भी डॉक्टर्स अपने काम में जी-जान से जुटे हुए हैं.
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