इयरफोन से गाने सुनना देता है मन को सूकून और कानों को दर्द

News18Hindi
Updated: August 12, 2017, 9:49 AM IST
इयरफोन से गाने सुनना देता है मन को सूकून और कानों को दर्द
लगातार कान के बहुत करीब ध्वनि उत्पन्न करने से कान पर बुरा असर पड़ता है
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Updated: August 12, 2017, 9:49 AM IST
आजकल की दुनिया में परेशानी और थकन से लड़ने के लिए इयरफोन बड़े काम की चीज है. बिनी किसी के परेशान किए चुपचाप जो चाहे इसमें बजाएं और खो जाएं. लेकिन क्या आप जानते है  कि युवाओं में इन दिनों ईयर सेंसेशन की प्राब्लम बढ़ रही है. कान सीटी में बजने या किसी लंबी रेखीय ध्वनि की शिकायत लेकर युवा डॉक्टर के पास पहुंच रहे है. उनका कहना है कि लगातार हेडफोन या ईयरफोन का उपयोग कर गाने सुनने से इस तरह की शिकायत ज्यादा बढ़ रही है. एक्सपर्ट के अनुसार, प्रॉब्लम लगातार होने लगे तो ध्वनि क्षमता प्रभावित हो जाती है.

सुनने की समस्या
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार 12 से 15 प्रतिशत तक युवा वर्ग बहरेपन से ग्रसित है. इसका कारण तेज संगीत, मोबाइल फोन लगातार म्यूजिक सुनना और ईयर-फोन का लगातार इस्तेमाल होना है. ईएनटी एक्सपर्ट के अनुसार शहर के यूथ में भी हियरिंग प्रॉब्लम्स की आशंका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अवेयनेस ही सटीक इलाज है.



हो सकते हैं बहरे
ईएनटी स्पेशलिस्ट कहते है कि यह बहुत गंभीर समस्या है. लगातार स्मार्ट फोन पर म्यूजिक सुनने के कारण एक युवा ने परमानेंटली अपनी श्रवण शक्ति खो दी थी. जिसका इंडियन एयर फोर्स में जाने का सपना था. ऐसे और कुछ केस आए जिनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई. लगातार तेज आवाज में सुनने की क्षमता प्रभावित हुई. लगातार तेज आवाज सुनने से कान में सीटी, झींगुर, मशीन जैसी आवाजे सुनाई देती है. सामान्य जीवन में 90 डेसिबल से ज्यादा का शोर आपको बेहरा बना सकता है. इसलिए जागरूकता बहुत जरूरी है.



ईयर बड हानिकारक
आमतौर पर 60 साल की उम्र के बाद कान की नसे कमजोर होती है लेकिन अब ये लक्षण युवाओं में दिखाई दे रहे हैं. ईयर बड से एम्पलीफायर साउंड सीधे कानों में पहुचता है. ज्यादा देर तक इसका प्रयोग कानों के परदों को नुकसान पहुंचाता है. नाइट क्लब्स, स्पोर्टिंग इवेंट्स या अन्य मनोरंजन की जगहों पर 100 डीबी का एक्सपोजर होता है. वहां 15 मिनट से अधिक नहीं रूकना चाहिए, क्योंकि इस शोर से कानों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है.
First published: August 12, 2017
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