हाई हील्स के नुकसान: जानिए किन तकलीफों को दावत देती है ऊंची ऐड़ी

रोज़ाना ऊंची एड़ी के जूते पहनने से ज़्यादातर महिलाएं 50 की उम्र पार करने पर ओस्टीयोआर्थराइटिस की शिकार हो जाती हैं.

News18Hindi
Updated: May 18, 2018, 8:53 AM IST
हाई हील्स के नुकसान: जानिए किन तकलीफों को दावत देती है ऊंची ऐड़ी
हाई हील्स के नुकसान
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Updated: May 18, 2018, 8:53 AM IST
रोज़ाना 9 से 5 दफ्तर के घंटो में ज्यादातर महिलाएं हाई हील्स पहनती हैं. कहा जाता है हील्स पहनकर वे कॉन्फीडेंट महसूस करती हैं. दिन पर दिन बढ़ती शारीररिक परेशानियों की वजह शारीररिक क्रियाएं कम होने से साथ बहुत घंटे तक हील्स पहनना भी है. ऊंची एड़ी के जूते लगातार पहनने के परिणाम- पैरों का दर्द, एड़ियों का दर्द, घुटनों का दर्द, कूल्हों का दर्द, पीठ का दर्द भी हो सकता है.

1 मील दूरी तय करने में हमारे पैर करीब 1800 बार ज़मीन को स्पर्श करते हैं. औसतन एक व्यक्ति दिन में 5 मील चलता है. जिसमें वो 8से 10 हज़ार कदम रखता है. चलते हुए उंगलियां शरीर के वज़न का डेढ़ गुना भार सहन करती हैं. हील्स पहनकर पैर टेड़ा रहता है जिसे पहनने वाले शख्स का सारा भार अंगूठों, उंगलियों पर आ जाता है. जब भी एड़ियों पर खड़े होते हैं तो शरीर का गुरूत्व केंद्र बढ़ जाता है. 1 इंच एड़ी शरीर को 10 डिग्री आगे कर देती है.

ऊंची एड़ी के जूते पहनने से महिलाओं को शारीरिक नुकसान होता है. घुटनों, जोड़ों और नितंबों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और ये दबाव रीढ़ की हड्डी तक जाता है. ऊंची एड़ी के जूतों का दबाव शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है, जिससे गर्दन की मांसपेशियां भी कड़ी हो जाती हैं. ऊंची एड़ियों के जूते गलत जैविक संरचना बनाते है. जिससे अनावश्यक तनाव एड़ियों, जोड़ों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है. पुरूषों की तुलना में महिलाओं को ऊंची एड़ी के सैंडल के कारण ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है.

जहां तक सम्भव हो ऊंची एड़ी के सैंडल को पहनने से बचें. जूते खरीदते समय खड़े होकर अंगूठे को नापें. मोटे मोजे को अंदेखा न करें. जूते खरीदते समय दोनों पैर के जूतों को नापें. कभी कभी एक पैर दूसरे पैर से बड़ा होता है. मोटापा पैरों के जोड़ों और रीढ़ के जोड़ों पर ज्यादा तनाव देता है.

हाई हील्स के नुकसान
लगातार हाई हील्स पहनने से पैरों और पीठ में दर्द, अंगूठे में दर्द, प्लांटर फैसिटिस, गोखुरू, हैलक्स वाल्गस हो सकता है. 3 इंच ऊंची एड़ी अंगूठे को ज्यादा मोड़ देगी जिससे आर्क (तलवा) में खिंचाव देगा. लिगामेंट में कमजोरी होगी. ऊंची एड़ी पहनना पिंडली की मांसपेशियों को छोटा कर देगा. पिंडलियों में बदलाव भी होता है. ऊंची एड़ी के जूते पहनने से टखने आगे की ओर मुड़ जाते हैं. पैरों में मोच आना मामूली बात है.

ऊंची एड़ी के जूते पहनने से घुटनों की हड्डी पर अतिरिक्त भार पड़ने लगता है. जिससे हड्डियों और मांसपेशियों के प्रभावित होने और घिसते रहने का ख़तरा बना रहता है. रोज़ाना ऊंची एड़ी के जूते पहनने से ज़्यादातर महिलाएं 50 की उम्र पार करने पर ओस्टीयोआर्थराइटिस की शिकार हो जाती हैं. कई युवतियां ऑर्थोपेडिक समस्याओं का भी शिकार होती हैं.

वजन अधिक है, तो हाई हील संतुलन भी बिगाड़ सकती है. ऊंची एड़ी की जूतियां पहनने से एड़ी के पिछले हिस्से की हड्डी बढ़ सकती है.

हाई हील से होने वाले दर्द और नुकसान को थोड़ा ध्यान रखकर कम भी कर सकते हैं.

ड्राइविंग आदि के दौरान फ्लैट चप्पल पहनें. मीटिंग में बैठने के दौरान जूतियां ढीली कर पैरों को फर्श पर रखें.
20-30 मिनट के अंतराल पर ब्रेक लें. जूतियां निकाल लें.

जूतियों का चयन उनकी मोटाई से नहीं इन्हें पहनकर आराम महसूस करने के आधार पर करें.

हाई हील पहनकर दौड़ लगाने की कोशिश न करें.

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