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कहीं दूसरों का तनाव खुद पर तो नहीं ले रहे आप? इस तरह पहचानें

कहीं दूसरों का तनाव खुद पर तो नहीं ले रहे आप? इस तरह पहचानें

खुद को समझाएं कि यह दूसरों का तनाव है आपका नहीं. Image : Pixabay

खुद को समझाएं कि यह दूसरों का तनाव है आपका नहीं. Image : Pixabay

Signs Of Secondhand Stress: कई बार हमें तनाव (Stress) लेने की आदत (Habit) इतनी ज्यादा हो जाती है कि हम दूसरों का तनाव भी खुद पर लेने लगते हैं.

    Signs Of Secondhand Stress: आज के जमाने में तनावरहित होना असंभव है. घर-परिवार हो स्‍कूल और दफ्तर हो, तनाव हर जगह है. कुछ लोग हैं जो अपने इमोशन्‍स और स्‍ट्रेस (Stress) को बखूबी मैनेज करना जानते हैं लेकिन कई लोग हैं जो टेंशन की वजह से चौबिस घंटे और सातों दिन परेशान रहते हैं. यही नहीं, कई तो ऐसे भी हैं जो दूसरों का तनाव भी खुद का समझकर जीने लगते हैं और बिना वजह स्‍ट्रेस में रहते हैं. इस तनाव की वजह न तो उन्‍हें पता होती है और न ही इससे उबरने की वजह. भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप भी खुद को ऐसे हालात में पा रहे हैं तो सतर्क हो जाएं क्‍योकि ये तनाव बेवजह और बेइलाज होता है. यहां हम आपको बता रहे हैं कि आप किस तरह समझें कि आप दूसरों का तनाव तो नहीं झेल रहे. यहां कुछ लक्षण बताए जा रहे हैं जिसकी मदद से आप समझ सकेंगे कि दूसरों का तनाव आप पर कितना हावी है.

    ऐसे लक्षण हैं तो हो जाएं सतर्क

    1. स्‍ट्रेस की वजह पता ना होना

    अगर आप बिना वजह ही तनाव में हैं और हर वक्‍त किसी सोच में गुमसुम रहने लगे हैं तो यह हो सकता है कि आप दूसरों की परेशानी से परेशान हो रहे हैं. इसे सेकेंड हैंड स्ट्रेस का संकेत माना जा सकता है.

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    2. हर वक्‍त जल्‍दी में रहना

    ऐसी हालात दफ्तर में बहुत अधिक देखने को मिलती है जब बॉस का दबाव एम्‍प्‍लॉई पर पड़ने लगता है. बॉस अपना तनाव कम करने के लिए अपने नीचे काम कर रहे लोगों पर निकालता है और बेवजह डांटता है. ऐसे में आप हर वक्‍त हड़बड़ी में रहने लगते हैं. ऐसा हो रहा है तो आप समझ जाएं कि आप बॉस का तनाव खुद पर ले रहे हैं.

    3. निराशावादी लोगों के बातों का असर होना

    कई बार हम किसी इंसान से मिलते हैं जो बहुत ही निराशाजनक बातें करता है और हर किसी का नकारात्‍मक विचार देता है तो यह भी संभव है कि आप उसकी बातों में आ जाएं और उसका तनाव और नेगेटिव थॉट्स आपके उपर हावी हो जाए. ऐसा होने पर यह समझ जाएं कि आप किसी और के तनाव के शिकार हो रहे हैं.

    बचाव के लिए करें ये काम

    निगेटिव सोच वाले लोगों से दूरी बनाएं और जब भी कोई अपने हालात का रोना रोए तो उसको सांत्वना दें, न कि आप खुद को भी उसी हालात में इमेजिन करने लगें. खुद को समझाएं कि यह दूसरों का तनाव है आपका नहीं.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Lifestyle, Mental health, Relationship

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