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पिता नहीं हैं तो क्या हुआ, अकेली मां भी किसी से कम नहीं

पिता नहीं हैं तो क्या हुआ, अकेली मां भी किसी से कम नहीं

neena gupta with masaba gupta (image:masaba gupta)

neena gupta with masaba gupta (image:masaba gupta)

अकेले बच्चे की परवरिश करने में सिंगल पैरेंट को काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं.

    अकेले बच्चे की परवरिश करने में सिंगल पैरेंट को काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं. ये परेशानी सिंगल मदर्स के लिए और ज्यादा बढ़ जाती है.

    उनके कंधो पर ही बच्चे की सारी जिम्मेदारियां होती हैं, चाहे वह घर की हो या ऑफिस की. सारा काम करने के साथ-साथ उन्हें बच्चों के सेहत का ख्याल भी करना पड़ता है. इसके बाद भी आजकल सिंगल मदर्स की संख्या सिंगल फादर की अपेक्षा कहीं ज्यादा है.

    कई लोगों का ये मानना है कि सिंगल मदर के बच्चों को उतना प्यार, उतनी खुशियां नहीं मिला पाती जितनी माता-पिता के साथ रहने वाले बच्चों को मिलती है. इसपर कुछ विशेषज्ञों का कहना हैं कि सिंगल मदर्स के बच्चे भी उतने ही खुश होते हैं और मां के साथ अपने रिश्ते का आनंद लेते हैं जितना माता पिता के साथ रहने वाले बच्चे. सिंगल मदर के साथ बच्चों का रिश्ता आजकल पूरे यूरोपीय देशों में काफी लोकप्रिय हो रहा है.

    हलांकि सिंगल मदर को अपने बच्चे की देखभाल करने के लिए ज्यादा मदद की जरूरत होती है. इसके लिए वो कई बार अपने माता-पिता, परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों की भी मदद लेती हैं, लेकिन यह उनके बच्चे के लिए भी काफी अच्छा होता है. इससे बच्चे को रिश्तों की अहमियत पता चलती है.

    sushmita sen (image: facebook)
    sushmita sen (image: facebook)


    विशेषज्ञों का कहना हैं की सिंगल मदर्स और माता-पिता दोनो के साथ रहने वाले बच्चों के मानसिक व्यवहार में कोई अंतर नहीं होता है. नीदरलैंड की वीयू यूनिवर्सिटी का मानना है कि सिंगल मदर्स और उनके बच्चों को समाज में एक अच्छा वातावरण मिलना चाहिए, साथ ही जो औरतें बिना पार्टनर के अपने बच्चों को पालना चाहती हैं उनकी सहायता करनी चाहिए.

    ravina tandon (image: facebook)
    ravina tandon (image: facebook)


    जिनेवा स्तिथ यूरोपियन सोसाइटी के ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रोलोग्य  (Human Reproduction and Embryology) के विशेषज्ञों को सिंगल मदर्स और उनके बच्चों की काफी चिंता हैं. उनका ये मानना है कि अगर सिंगल मदर के बच्चे के व्यवहार में कुछ गलत है तो इसकी वजह पिता की कमी नहीं है, बल्कि माता-पिता के बीच हुआ मनमुटाव है.

    लोग मानते हैं कि पिता का न होना बढ़ते बच्चे के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन बच्चे के खराब व्यवहार का मुख्य कारण है माता-पिता का तलाक या फिर माता पिता के बीच मनमुटाव.

     

    Tags: Neena Gupta, Sushmita sen

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