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Sugar Free: कहीं, मोटापा और डायबिटीज सहित 92 बीमारियों की वजह न बन जाए बेवजह 'शुगर फ्री' का इस्‍तेमाल, जानें एक्‍सपर्ट की राय

Sugar Free: कहीं, मोटापा और डायबिटीज सहित 92 बीमारियों की वजह न बन जाए बेवजह 'शुगर फ्री' का इस्‍तेमाल, जानें एक्‍सपर्ट की राय

Sugar Free Side Effects: शुगर फ्री में मिठास के लिए एस्‍पार्टेम (Aspartame) नामक एक आर्टिफिशियल स्‍वीटनर (Artificial Sweetener) का इस्‍तेमाल किया जाता है. अमेरिकन न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. जेनेट स्टार हुल्‍ल (Dr. Janet Starr Hull) ने एस्पार्टेम को 'मीठा जहर' बताने हुए दावा किया है कि यह आर्टिफिशियल स्‍वीटनर के करीब 92 साइड इफेक्‍ट हैं, जो शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित करते हैं.  

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Sehat Ki Baat: कहीं मुझे डायबिटीज न हो जाए, इस डर से बहुत से लोग चीनी खाना छोड़ देते हैं. कुछ लोग चीनी खाना इसलिए छोड़ देते हैं कि कहीं चीनी में मौजूद कैलोरी उनका मोटापा न बढ़ा दे. वजह चाहे कुछ भी हो, चीनी ना खाने के फैसले तक बात ठीक है. समस्या तब खड़ी होती है, जब हम अपनी जबान पर क़ाबू नहीं रख पाते और चीनी की जगह ‘शुगर फ्री’ के नाम पर आर्टिफिशियल स्वीटनर लेना शुरू कर देते है. ‘शुगर फ्री’ के नाम पर आर्टिफिशियल स्वीटनर के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए बाज़ार में ना केवल तरह-तरह की मिठाइयां, बल्कि तमाम पेय और खाद्य वस्तुएं शुगर फ्री के नाम पर बिकना शुरू हो गए हैं. यहाँ आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सेहत को दुरुस्त रखने के मकसद से खाई जा रही शुगर फ्री आपको बीमार और बहुत बीमार बना सकती है.

डाइटिशियन – न्यूट्रीशनिस्ट शिवानी कांडवाल बताती हैं कि लंबे समय तक शुगर फ्री का इस्‍तेमाल हानिकारक हो सकता है. दरअसल, शुगर फ्री के नाम पर बाजार में आर्टिफिशियल स्वीटनर ‘एस्‍पार्टेम’ बिक रहा है. सामान्‍य चीनी की तुलना में एस्‍पार्टेम करीब 200 गुना मीठा होता है. यहां विडंबना यह है कि एस्‍पार्टेम नाम का यह केमिकल हाई टेंपरेचर में टॉक्सिसिटी पैदा करते हैं और हम इसका इस्‍तेमाल गर्म चाय की मिठास बढ़ाने के लिए करते हैं. डाइटिशियन – न्यूट्रीशनिस्ट शिवानी कांडवाल ने बताया कि लंबे समय तक लगातार शुगर इस्‍तेमाल मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक असर डालता है. इसके अलावा, लोगों में सिर दर्द, एंग्‍जाइटी, धड़कन बढ़ने की समस्‍या लगातार शुगर फ्री का इस्‍तेमाल करने वाले लोगों में देखी गई है.

आर्टिफिशियल स्वीटनर शुगर फ्री के हैं 92 साइड इफेक्‍ट्स
डाइटिशियन – न्यूट्रीशनिस्ट शिवानी कांडवाल बताती हैं कि अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हुई कुछ स्‍टडीज में लंबे समय तक शुगर फ्री इस्‍तेमाल करने वाले लोगों में 92 तरह के साइड इफेक्‍ट्स की बात कही गई है. एक ऐसी ही स्‍टडी अमेरिकन न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. जेनेट स्टार हुल्‍ल (Dr. Janet Starr Hull) की है. डॉ. जेनेट के अनुसार, अवास्‍तविक सी लगने वाली यह बात सच है कि एस्‍पार्टेम का लगातार इस्‍तेमाल शरीर के तमाम अंगों में करीब 92 तरह के दुष्‍प्रभाव पैदा करते हैं, जो आपको बीमार और बहुत बीमार बना सकते हैं. उन्‍होंने बताया है कि चूंकि इसका इस्‍तेमाल चाय या कोक जैसे पेय पदार्थ में किया जाता है, लिहाजा यह शरीर के सभी अंगों तक बेहद असानी से पहुंचकर ऊतकों में जमा हो जाता है और इनके दुष्‍प्रभाव समय के साथ शरीर में दिखना शुरू हो जाते हैं.

एस्पार्टेम के कुछ दुष्प्रभाव

आंख (Eye)स्‍टडी के अनुसार, एस्पार्टेम का लंबे समय तक सेवन करने की वजह से एक या दोनों आंखों में धुंधलेपन की शिकायत हो सकती है. समय रहते ध्‍यान न दिया गया तो एस्‍पार्टेम अंधेपन की वजह भी बन सकता है.
कान (Ear)डॉ. जेनेट स्टार हुल का दावा है कि एस्‍पार्टेम का दुष्‍प्रभाव कानों पर भी पड़ता है. प्रारंभिक लक्षणों में तेज आवाज में परेशानी होना और कान में भिनभिनाने जैसी आवाज का आना शामिल है. आर्टिफिशयल स्‍वीटर एस्‍पार्टेम बहरेपन की वजह भी बन सकता है.
सीना (Chest)एस्‍पार्टेम के लगातार सेवन से धड़कन बढ़ने की समस्‍या (Palpitations),  क्षिप्रहृदयता (Tachycardia), सांस लेने में कठिनाई (Shortness of Breath) और उच्‍च रक्‍तचाप (High Blood Pressure) की समस्‍या हो सकती है.
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (Gastrointestinal)शुगर फ्री (Sugar Free) के लगातार इस्‍तेमाल की वजह से पेट में दर्द (abdominal pain) , निगलने में दिक्‍कत, जी मिचलाने (nausea), दस्‍त (diarrhea) और मल में रक्‍त आने की समस्‍या हो सकती है.
तंत्रिका संबंधी (Neurologic)दावा है कि सिर दर्द, माइग्रेन, चक्‍कर, कमजोर याद्दाश्‍त, नींद, अंगों में सुन्‍नता, बोलने दिक्‍कत, चेहरे में दर्द, मिर्गी के दौरे जैसी बीमारियों की वजह लंबे समय तक एस्‍पार्टेम के इस्‍तेमाल हो सकता है.
मनोवैज्ञानिक/मनोरोग
 (Psychological/Psychiatric)
एस्‍पार्टेम के सेवन की वजह करने की वजह से मरीज डिप्रेशन का शिकार भी हो सकता है. इसके अलावा, एक्‍पार्टेम की वजह से अत्‍यधिक तनाव, चिड़चिड़ापन, एंग्‍जाइटी, इंसोनिया, फोबिया, पर्सनॉलिटी चेंज, बहुत गुस्‍सा आना और नींद न आने की समस्‍या हो सकती है.
त्वचा और एलर्जी
 (Skin and Allergies) 
शुगर फ्री के तौर पर एस्‍पार्टेम के इस्‍तेमाल से त्‍वचा संबंधी रोग हो सकते हैं, जिसमें खुजली होना, हीव्‍स (Hives), होठ एवं मुंह में रिएक्‍शन और अस्‍थमा (Asthma) जैसी गंभीर स्‍वसन एलर्जी (Respiratory Allergies) हो सकती है.
एंडोक्राइन और मेटाबोलिक
 (Endocrine and Metabolic) 
एस्‍पार्टेम के इस्‍तेमाल के चलते, डायबिटीज के नियंत्रण में परेशानी, बालों का झड़ने, वजन घटने या बढने, हाइपोग्लाइसीमिया और महिलाओं में मासिक धर्म परिवर्तन की समस्‍या हो सकती है.
अन्
 (Other)
एस्‍पार्टेम का लंबे समय तक इस्‍तेमाल करने पर पेशाब में जलन, अ‍त्‍यधिक प्‍यास और पैर में सूजन की समस्‍या के साथ इंफेक्‍शन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है.

स्‍वस्‍थ्‍य सेहत के लिए न ही चीनी और न ही शुगर फ्री का करें इस्‍तेमाल
डाइटिशियन – न्यूट्रीशनिस्ट शिवानी कांडवाल के अनुसार, यह समझ से परे है कि जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है, वे शुगर फ्री का इस्‍तेमाल क्‍यों करते हैं. यदि लोग डायबिटीज या मोटापे से बचाव के लिए ऐसा करते हैं तो उन्‍हें चीनी के बिना टेस्‍ट को अपनाना होगा. मिठास के लिए उपलब्‍ध सभी आर्टिफिशियल स्‍वीटनर किसी न किसी तरह शरीर के लिए हानिकारक ही हैं. शिवानी बताती हैं कि कई बार देखा गया है कि मोटापा न बढ़े, इसलिए लोग शुगर फ्री खाते है. बाद में, पता चलता है कि शुगर फ्री की वजह से ही उनका मोटापा बढ़ गया है.

Tags: Health tips, Sehat ki baat

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