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नींद कम लेने से बढ़ सकता है हार्ट की बीमारी का खतरा: शोध


Updated: February 20, 2020, 9:59 AM IST
नींद कम लेने से बढ़ सकता है हार्ट की बीमारी का खतरा: शोध
नींद कम लेने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है

जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित शोध में महिलाओं के आहार और उनकी नींद की गुणवत्ता के बीच संबंधों की जांच की गई है.

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कई बार काम के तनाव, किसी से अनबन या फिर बहुत ज्यादा थकान की वजह से नींद आने में परेशानी होती है. लेकिन अगर कम नींद आना रोज का रूटीन बन जाए तो यह आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी है. नींद न आना यानी कि अनिद्रा एक बीमारी है. यह एक ऐसी बीमारी है जो न केवल तनाव, सिरदर्द और थकान को बढ़ाती है बल्कि कई दूसरे रोगों को भी न्योता देती है. नींद न आने की वजह से दिल की बीमारियां और स्ट्रोक के साथ ही कॉरनेरी धमनी रोग का भी खतरा पैदा हो सकता है.

खराब नींद से बढ़ेगा मोटापा और हृदय रोग का खतरा:
जिन महिलाओं की नींद पूरी नहीं होती वे ज्यादा कैलोरी और कम गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करती हैं. एक हालिया शोध के अनुसार महिलाओं में खराब नींद की वजह से हृदयरोगों और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है. पूर्व के शोधों में दर्शाया गया है कि जो लोग कम सोते हैं उनमें मोटापे, टाइप-2 मधुमेह और हृदयरोग पनपने का खतरा ज्यादा होता है.

सोने के दौरान लगने वाले समय और नींद की कमी का विश्लेषण किया गया.
सोने के दौरान लगने वाले समय और नींद की कमी का विश्लेषण किया गया.




शोध में सामने आया सच:
जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित शोध में महिलाओं के आहार और उनकी नींद की गुणवत्ता के बीच संबंधों की जांच की गई है. कोलंबिया यूनिवर्सिटी वागेलोस के शोधकर्ता ब्रूक अग्रवाल ने कहा, महिलाएं जीवनभर खराब नींद से जूझती हैं क्योंकि उन्हें ज्यादातर बच्चों की और परिवार की देखभाल करने की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है. इसके अलावा रजोनिवृत्ति के दौरान बनने वाले हार्मोन के कारण भी नींद की गुणवत्ता खराब होती है.

चीनीयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जिससे मोटापे और मधुमेह में बढ़ोतरी हुई.
चीनीयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जिससे मोटापे और मधुमेह में बढ़ोतरी हुई.


खानपान से भी पड़ता है नींद पर असर:
इस शोध में 20 से 76 वर्ष के उम्र की 495 महिलाओं पर अध्ययन किया गया. इस शोध में नींद की गुणवत्ता, सोने के दौरान लगने वाले समय और नींद की कमी का विश्लेषण किया गया. शोध में पाया गया कि जिन लोगों की नींद की गुणवत्ता खराब थी उन्होंने ज्यादा मात्रा में चीनीयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जिससे मोटापे और मधुमेह में बढ़ोतरी हुई.

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First published: February 20, 2020, 9:06 AM IST
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