हिरणों को प्लास्टिक खाने से रोकने के लिए जापान में बनाए जा रहे खास बैग, ऐसी है टेक्नोलॉजी

पर्यटक नारा में जाते हैं, तो नारा पार्क के 1200 हिरणों को खाने की वस्तुएं देते हैं लेकिन ये प्लास्टिक में होती हैं.
पर्यटक नारा में जाते हैं, तो नारा पार्क के 1200 हिरणों को खाने की वस्तुएं देते हैं लेकिन ये प्लास्टिक में होती हैं.

हिरणों (Deer) को खाना (Food) देने के बाद कुछ पर्यटक प्लास्टिक (Plastic) के रैपर वहीं डाल देते हैं जिसे खाना समझकर हिरण खा जाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 11:26 AM IST
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प्लास्टिक (Plastic) दुनिया में सबसे कुख्यात प्रदूषकों में से एक बनकर उभरा है क्योंकि यह महासागरों, पर्यावरण और वन्य जीवन को नुकसान पहुंचाता है. इस समस्या से निपटने के लिए एक जापानी पेपर कंपनी, हिरण (Deer) के अनुकूल पेपर बैग (Paper Bag) का आइडिया लेकर आई है ताकि इस जानवर को प्लास्टिक का सेवन करने से रोका जा सके जिससे उनकी असामयिक मृत्यु न हो. एक कहावत है कि आवश्यकता अविष्कार की जननी है और जापान के मामले में आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि उनके राष्ट्र का खजाना कहे जाने वाले नारा के हिरणों ने प्लास्टिक का उपभोग शुरू कर दिया था. राजधानी क्योटो के दक्षिण में पड़ने वाली नारा सिटी में सिखा नामक हिरण प्रजाति पाई जाती हैं. सदियों से ये वहां हैं.

पर्यटक नारा में जाते हैं, तो नारा पार्क के 1200 हिरणों को खाने की वस्तुएं देते हैं लेकिन ये प्लास्टिक में होती हैं. हिरणों को खाना देने के बाद कुछ पर्यटक प्लास्टिक के रैपर वहीं डाल देते हैं जिसे खाना समझकर हिरण खा जाते हैं. परिणामस्वरूप उनके पेट में अस्वस्थ अवस्था में पहुंचाने वाला प्लास्टिक पाया गया है. नारा में एक पेपर कम्पनी के मालिक ताकशी नाकामूरा ने डियर फ्रेंडली पेपर निर्माण करने का फैसला लिया है. बीबीसी जापान के अनुसार नाकामूरा ने एक कॉस्मेटिक विक्रेता और एक डिजाइनर के साथ मिलकर हिरणों के लिए अनुकूल बैग बनाने का निर्णय लिया है.

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ये बैग दूध के रिसाइकिल डिब्बों और चावल की भूसी से बने हैं. ये वही सामग्रियां हैं जो पर्यटक अपने विजिट के दौरान हिरणों को खाने के लिए देते हैं. नाकामूरा ने बीबीसी जापान से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे लगभग 3500 बैग लोकल कम्पनियों को बेचे हैं. एक लोकल बैंक, फार्मेसी और नारा शहर के टूरिज्म ब्यूरो को भी उन्होंने ये बैग बेचे हैं. जापान फूड रिसर्च लैबोरेट्रीज ने इन बैग्स को चेक किया और सुरक्षित माना. हर बैग की कीमत करीब 70 भारतीय रुपए है.
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