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हार्ट पेशेंट के लिए स्टंट्स, बाईपास सर्जरी दवाइयों से बेहतर नहीं: स्टडी

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Updated: November 18, 2019, 12:16 PM IST
हार्ट पेशेंट के लिए स्टंट्स, बाईपास सर्जरी दवाइयों से बेहतर नहीं: स्टडी
इसमें यह बात पता चली कि हार्ट के जो मरीज दवाओं का सेवन कर रहे थे या जिन्होंने बायपास सर्जरी या कोरोनरी स्टंट का सहारा लिया था में ज्यादा फर्क नहीं है.

इसमें यह बात पता चली कि हार्ट के जो मरीज दवाओं का सेवन कर रहे थे या जिन्होंने बायपास सर्जरी या कोरोनरी स्टंट का सहारा लिया था में ज्यादा फर्क नहीं है.

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  • Last Updated: November 18, 2019, 12:16 PM IST
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भारत और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन की भागीदारी में हुई रिसर्च में यह बात पता चली है कि कोरोनरी स्टंट ट्रांसप्लांट या बाईपास सर्जरी से या दवाओं या जीवन शैली में परिवर्तन का उपयोग करने वाली रणनीतियों से कोई विशेष फायदा नहीं मिल सका है. इस रिसर्च के तहत विश्व भर की 320 साइटों और कुल 19 सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल का अध्ययन किया गया है. इसमें यह बात पता चली कि हार्ट के जो मरीज दवाओं का सेवन कर रहे थे या जिन्होंने बाईपास सर्जरी या कोरोनरी स्टंट का सहारा लिया था में ज्यादा फर्क नहीं है. आइए जानते हैं टेलीग्राफ के हवाले से कि क्या कहती है ये रिसर्च...

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शनिवार को अमेरिकन हार्ट एसोशियेशन साइंटिफिक मीटिंग में हुई मीटिंग में शोधकर्ताओं ने अपनी इस रिसर्च को पेश किया. कार्डियोलॉजिस्टों ने चेतावनी दी कि इसके रिजल्ट केवल पुराने एनजाइना वाले रोगियों पर ही लागू होते हैं, जिनको कि मेहनत या तनाव के बाद छाती में दर्द और जकड़न या तनाव की शिकायत होती है.

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उन्होंने ये भी कहा कि रिसर्च के ये परिणाम उन मरीजों के लिए नहीं है जोकि काफी लंबे समय से ऐजाइना या हार्ट अटैक से नहीं जूझ रहे हैं. इन मरीजों के लिए स्टंट या बाईपास सर्जरी राहत देने वाली साबित हो सकती है. इस स्टडी को लीद करने वाले मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जनरल सीनियर कार्डियोलोजिस्ट बलराम भार्गव ने टेलीग्राफ को बताया कि यह रिसर्च भारत और अन्य देशों के लिए काफी असरदार साबित हो सकती है. भार्गव ने ये भी कहा कि इस अध्ययन में भारत की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिसमें लगभग एक-तिहाई रोगियों का जांच के तहत निरीक्षण किया गया.

इस्कीमिया नाम की इस स्टडी के तहत लगभग साढ़े तीन साल तक शोधकर्ताओं ने 5179 लोगों पर गहन अध्ययन किया. इन सभी मरीजों के हृदय की धमनियों में ज्यादा और हल्का ब्लॉकेज था. स्टेंट या बाइपास सर्जरी का सहारा लेने वाले लोगों में से 145 लोगों की मौत हो गयी जबकि जो दवाई के जरिये हार्ट अटैक का इलाज कराने वाले केवल 144 मरीजों की मौत हुई.

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First published: November 18, 2019, 12:13 PM IST
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