लाइव टीवी

Sunday Special : सेक्स वर्कर से ट्रांसजेंडर के ब्यूटी क्वीन बनने का सफर, कभी सड़कों पर गुजारी थीं रातें

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 10:37 AM IST
Sunday Special : सेक्स वर्कर से ट्रांसजेंडर के ब्यूटी क्वीन बनने का सफर, कभी सड़कों पर गुजारी थीं रातें
नाज़ को मिस वर्ल्‍ड डायवर्सिटी प्रतियोगिता में मिस कांगेनियलिटी और बेस्‍ट नेशनल कॉस्‍ट्यूम का भी टाइटल मिला था.

नाज ने कहा कि किसी लड़के या लड़की के लिए मॉडलिंग और डिजाइनिंग इंडस्ट्री में सफलता पाना फिर भी आसान है, लेकिन एक ट्रांसजेंडर का इस प्लेटफॉर्म पर आना तब तक संभव नहीं, जब तक आपके पास कोई गॉड फादर न हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2020, 10:37 AM IST
  • Share this:
कहते हैं मन में कुछ ठान लो तो भगवान भी आपको कामयाबी के शिखर पर पहुंचाने के लिए साथ खड़ा हो जाता है. चीजों को पाने में वक्त जरूर लगता है, लोग साथ कभी नहीं देते, लेकिन जब कामयाबी कदम चूमती है तो दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है तीसरी बार मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी का खिताब अपने नाम करने वाली नाज जोशी की. इस उभरती ग्लैमरस ट्रांसजेंडर ने न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से फ़ोन पर खास बातचीत की और शेयर किए हमारे साथ अपनी ज़िंदगी, संघर्ष और कामयाबी के कुछ ख़ास एक्सपीरियंस.

तीन बार मिला खिताब, लेकिन खराब है आर्थिक हालात
 मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी का खिताब तीन बार अपने नाम करने के बावजूद नाज जोशी के आर्थिक हालात आज भी सही नहीं है. वर्तमान में नाज एक नौकरी के लिए जद्दोजहद कर रही हैं. नाज कई कंपनियों में अप्लाई करती हैं, लेकिन उन्हें ट्रांसजेंडर होने के कारण मौका नहीं मिलता है. वहीं कुछ संस्थान मौका देते हैं तो सैलेरी के नाम पर बेहद कम होते हैं.

भाइयों ने किया रेप

नाज जब 7 साल की थी तब उनके परिवारवालों ने ही उन्हें दुत्कार दिया. घर से दूर नाज के परिजनों ने उन्हें अंकल के पास मुंबई भेज दिया. मुंबई जैसे बड़े शहर में खुद की पढ़ाई पूरी करने और रोजी-रोटी कमाने के लिए नाज ने कई ढाबों पर काम किया. लोगों के झूठे बर्तन धोएं. अब इसे भाग्य का खेल कह लीजिए या कुछ और. नाज जब 11 साल की थी तब उनके चेचरे भाइयों ने उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाया और उनके साथ गैंगरेप किया. गैंगरेप की घटना के बाद नाज को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन दोषियों को किसी तरह की सजा नहीं दी गई. पारिवारिक होने के कारण मामले को चार दीवारी में ही दबा दिया गया.

 




View this post on Instagram





 

A post shared by NAAZJOSHI (@naazjoshi) on






सड़कों पर गुजारी रातें...
अस्पताल में ही नाज की मुलाकात एक ट्रांसजेंडर से हुईं. उन्होंने नाज को बार डांसर की नौकरी दिलवाई. डांस बार में नौकरी के दौरान ही नाज ने अपनी पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के बाद उन्होंने प्रोफेशनल करियर में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया. कोर्स के बाद नाज को नौकरी मिल गई. इस नौकरी के बाद नाज को लगा जीवन में सब कुछ बदल जाएगा, लेकिन होनी को ये मंजूर नहीं था. कुछ ही वक्त के बाद नाज की नौकरी चली गई. नौकरी जाने के बाद उनके पास कोई ऑप्शन नहीं था. नौकरी ना होने, आर्थिक तंगी के कारण नाज ने कई रातें सड़कों पर गुजारी. हमारे साथ हुई बातचीत में नाज ने कहा, "तीन बार किसी खिताब को जीतने के बाद भी मुझे नौकरी नहीं रही है. मैं कोशिश कर रही हूं, लेकिन पिछले दिनों ऐसा लगा जैसे सब खत्म करने का वक्त आ गया है. मैं कई रातें रेलवे स्टेशन पर सोई."

सेक्सवर्कर बनने की कहानी...
2010 से 2013 के बीच जब नाज को कहीं नौकरी नहीं मिली को उन्होंने सेक्स वर्कर का काम शुरू कर दिया. कई इंटरव्यू में नाज इस बात का जिक्र कर चुकी हैं कि उस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा पेमेंट मिलती थी. चकाचौंध की दुनिया थी, लेकिन उनकी आत्मा कभी उन्हें इस काम को करनी की गवाही नहीं देती थी. वो अंदर से घुटती थीं.



 




View this post on Instagram





 

A post shared by NAAZJOSHI (@naazjoshi) on






मॉडल बनने की ठानी
नाज ने कहा कि किसी लड़के या लड़की के लिए मॉडलिंग और डिजाइनिंग इंडस्ट्री में सफलता पाना फिर भी आसान है, लेकिन एक ट्रांसजेंडर का इस प्लेटफॉर्म पर आना तब तक संभव नहीं, जब तक आपके पास कोई गॉड फादर न हो. बाकि लोगों के पास माता-पिता का साथ होता है, लेकिन हमें समाज और परिवार दोनों का ही तिरस्कार का सामना करना पड़ता है. हमारे साथ की गई खास बातचीत में नाज ने कहा कि जब उन्होंने मॉडलिंग की शुरुआत की तो उन्हें एक अलग नजर से देखा जाता था. शुरुआती दौर में कोई भी उन्हें काम देने को तैयार नहीं था. खुद को पहचान मिले और थोड़ा सा काम मिले इसके लिए नाज ने 2009 में फ्री में कई प्रोडक्ट्स के लिए मॉडलिंग की.

दूसरी को खत्म करने का वक्त
वर्तमान में भारतीय समाज में महिलाओं, पुरुषों और ट्रांसजेंडर के बीच जो फासले हैं नाज उन्हें खत्म करने के लिए एक संस्था चला रही हैं. यह संस्था छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसजेंडर और महिलाओं के लिए काम कर रही है. नाज का कहना है कि वो सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे ट्रांसजेंडर्स को उनका हक दिलाना चाहती हैं.


एक लड़का, लड़की की तरह किन्नर भी आपकी संतान हैः नाज जोशी
एक लड़का, लड़की की तरह किन्नर भी आपकी संतान हैः नाज जोशी


बचपन का दामन ना छूटे
नाज ने कहा कि ट्रांसजेंडर होना कोई अभिशाप नहीं है. उन्होंने कहा कि अक्सर जब घर में कोई किन्नर पैदा होता है, तो माता-पिता उसे बाहर निकाल देते हैं. किन्नर के माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चे के बारे में समाज के लोग बुरा सोचेंगे. नम आंखों से अपनी कहानी को शब्दों में पिरोते हुए नाज ने कहा, 'मैं खुद इसका शिकार हुईं हूं, मेरे परिजनों ने मुझे छोटी उम्र में शहर से बाहर भेज दिया था. खुद की पढ़ाई पूरी करने के लिए मैंने कई जगह काम किया, पर हिम्मत नहीं हारी.' लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं लोगों से कहना चाहूंगी कि कोई भी समाज आपके साथ नहीं खड़ा होता है, जब आप बुरे वक्त में होते हैं तो आपके बच्चे साथ खड़े होते हैं. इसलिए किसी भी माता-पिता को ट्रांसजेंडर बच्चों को घर से नहीं निकलना चाहिए, उन्हें समझना चाहिए की जैसे एक लड़का या लड़की आपकी संतान है, वैसे ही ट्रांसजेंडर भी आपके परिवार का हिस्सा है.'

 



 




View this post on Instagram




 

Miss world diversity 2019


A post shared by NAAZJOSHI (@naazjoshi) on






जॉब के लिए संघर्ष
नाज के संघर्ष की कहानी को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है. तीन बार मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी का खिताब जीतने के बावजूद उन्हें नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. नाज ने कहा कि वो उन सभी कंपनियों में नौकरी के लिए अप्लाई करके देख चुकी हैं, जो एक ट्रांसजेंडर को नौकरी देने का दावा करते हैं, लेकिन परिणाम शून्य ही मिल रहा है.

किन्नरों की छवि बदलने के लिए बॉलीवुड को सकारात्मक कोशिश करनी चाहिए.
किन्नरों की छवि बदलने के लिए बॉलीवुड को सकारात्मक कोशिश करनी चाहिए.


फिल्मों में बदलाव की छवि
नाज ने कहा कि फिल्मों में अक्सर ट्रांसजेंडर्स को डरवाना और अजीब तरीके से पेश किया जाता है, जो कि गलत है. अगर हम वाकई समाज में कई तरह के बदलाव की कोशिश करना चाहते हैं तो पहले रूपहले पर्दे को बदलना होगा. आयुष्मान खुराना की फिल्म 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' का जिक्र करते हुए नाज ने कहा, जैसे इस फिल्म में गे कपल्स को दर्शाया गया है, वैसे ही ट्रांसजेंडर्स को भी सकारात्मक तरीके से दिखाना चाहिए.

समाज के नजरिए को बदलने के लिए नाज कई ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए घरेलू हिंसा, सैनेटरी नैपकीन जैसी गंभीर मुद्दों पर काम कर रही है. इसके साथ ही नाज ने एक बेटी भी गोद ली हुई है. अपनी कमजोरियों को शक्तियों में परिवर्तित करो और आकाश की सीमाओं को छुओ, यही नाज़ का कहना है. उनका उद्देश्य उन लोगों को भी खुशी का बांटना है, जिन्होंने शायद उस वक़्त उनकी मदद नहीं की, जिस वक़्त वो मुसीबत में थीं और उन्हें समर्थन की सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 26, 2020, 11:01 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर