Sunday Special: लॉकडाउन में बढ़ रहा है बच्चों में स्ट्रेस, जानिए डॉक्टर से कैसे रखें ध्यान

Sunday Special: लॉकडाउन में बढ़ रहा है बच्चों में स्ट्रेस, जानिए डॉक्टर से कैसे रखें ध्यान
लगातार घर में रहने से बच्चे बोरियत महसूस कर रहे हैं.

लॉकडाउन में ज्यादातर बच्चे बोरियत से बचने के लिए टीवी, मोबाइल, वीडियो गेम्स पर ही अपना वक्त बीता रहे हैं. हालांकि एक लंबे समय तक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से बच्चों का ध्यान बाकि की एक्टिविटी से हटता जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 9:28 AM IST
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कोरोना वायरस (Corona virus) के कारण हुए लॉकडाउन (Lockdown) को अब एक महीना पूरा होने वाला है. इन दिनों में लोगों के डेली रूटीन में काफी बदलाव आया है. लॉकडाउन के कारण कई लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. बड़ों के साथ बच्चों की लाइफ में जो बदवाल आया है वो उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति के लिए ठीक नहीं है.

लॉकडाउन में ज्यादातर बच्चे बोरियत से बचने के लिए टीवी, मोबाइल, वीडियो गेम्स पर ही अपना वक्त बीता रहे हैं. हालांकि एक लंबे समय तक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से बच्चों का ध्यान बाकि की एक्टिविटी से हटता जा रहा है. लॉकडाउन के कारण हमेशा घर में रहने से बच्चों की मानसिक स्थिति पर कैसे प्रभाव पड़ रहा है इसके बारे में हमसे बातचीत की डॉक्टर आशिमा ने.

माता-पिता को करनी होगी ज्यादा देखभाल



डॉक्टर आशिमा का कहना है कि वर्तमान के हालातों में बच्चे 100 फीसदी समय घर में ही बिताना पड़ रहा है. इस स्थिति में जरूरी नहीं है कि बच्चा पूरा दिन पढ़ता ही रही या गैजेट्स के साथ ही खेलता रहे. वर्तमान के हालातों को देखते हुए आशिमा कहती हैं कि इस वक्त पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है. ज्यादा देर तक गैजेट्स का इस्तेमाल करने के कारण बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए बच्चों का एक रूटीन बनाना जरूरी है. बच्चों को टीवी या गेम्स की बजाय पेंटिंग या कलरिंग करवाना ज्यादा फायदेमंद है.



इन कामों में ले सकते हैं बच्चों की मदद

बच्चों का ध्यान लगातार एक ही चीज पर न जाए इसके लिए माता-पिता उनसे घर के कामों में मदद ले सकते हैं. डॉक्टर आशिमा के अनुसार, पेरेंट्स बच्चों के साथ खाना बनाने, डस्टिंग करने या फिर किचन के अन्य कामों में मदद ले सकते हैं. अगर, बच्चा 3 से 4 साल का है तो भी उसे इन कामों में मन लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.

छोटी-छोटी एक्टिविटी है जरूरी

बच्चा बोरियत महसूस न करें इसके लिए पेरेंट्स उसे घर की छोटी-छोटी एक्टिविटी में व्यस्त कर सकते हैं.

- बच्चों के साथ रोजाना वक्त निकालकर बालकनी में खेलें.

- घर से बाहर नहीं जा सकते तो क्या घर में ही छुपन-छुपाई, कैरम बोर्ड , लूडो, कार्ड्स के साथ बच्चों साथ खेलें.

- रात के वक्त या दिन में किसी भी वक्त समय निकालकर बच्चों को कहानियां सुनाएं. माता-पिता खुद कहानी सुनाने के बाद बच्चों को बोले कि वो भी एक कहानी को तैयार करें और उन्हें सुनाएं.

- लॉकडाउन के बाद बच्चे को बाहर जाने के लिए अभी से तैयार करना शुरू कर दें.

- बच्चों को सिखाएं खांसने, छींकने के दौरान नाक और मुंह पर कपड़ा रखें.

- इस वक्त बच्चों को सोशल डिस्टेंस का पालन करना सिखाएं. उन्हें बताए कि अगर वो बाहर जाता है तो घर आते ही पहले हाथों और पैरों को साबुन और पानी से धोना बहुत जरूरी है.

- बच्चों को बताएं कि वर्तमान में सिर्फ वो नहीं बल्कि कई लोग परेशान हैं. बच्चों के अंदर विश्वास जगाए कि उन्हें किसी बात से डरना नहीं है.
First published: April 19, 2020, 8:51 AM IST
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