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संडे स्पेशल: पति के इस पवित्र प्यार से मुझे डर लगता है...

News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 4:14 PM IST
संडे स्पेशल: पति के इस पवित्र प्यार से मुझे डर लगता है...
5 में से 1 भारतीय पुरुष अपनी पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाता है.

शादी के बाद जबदस्ती की जाए? संबंध बनाने के लिए स्त्री की इजाजत न ली जाए? दांपत्य जीवन में सेक्स को प्यार जताने का ज़रिया माना गया है, लेकिन प्यार जब वहशियाने का रूप धारण कर ले तो क्या तब भी इसे प्यार की कहा जाएगा?

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  • Last Updated: January 19, 2020, 4:14 PM IST
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हमारे देश में संबंध बनाने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है. इस लाइसेंस के बिना संबंध बनाने को परिवार, कानून और समाज अवैध मानता है. यानि की शादी के बाद पुरुष और स्त्री शारीरिक संबंध बनाने के लिए वैध हो जाते हैं. लेकिन शादी के बाद जबदस्ती की जाए? संबंध बनाने के लिए स्त्री की इजाजत न ली जाए? दांपत्य जीवन में सेक्स को प्यार जताने का ज़रिया माना गया है, लेकिन प्यार जब वहशियाने का रूप धारण कर ले तो क्या तब भी इसे प्यार की कहा जाएगा?

क्या है मैरिटल रेप?
किसी भी शादी में एक पति द्वारा बिना इजाजत के पत्नी से बनाए गए संबंधों को मैरिटल रेप कहा जाता है. हालांकि भारतीय कानून इसे रेप नहीं मानता. 2017 मैरिटल रेप को अपराध मामने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि अगर मैरिटल रेप को अपराध करार दिया जाता है तो इससे विवाह की संस्था अस्थिर हो जाती है.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि मैरियल रेप को अपराध करार देने से यह पतियों को परेशान करने का एक औजार बन जाएगा.

कड़वी सच्चाई है मैरिटल रेप...
हमारा समाज जहां पर शादी को प्यार, दो दिलों का मिलन, दो परिवारों को जोड़ने वाला रिश्ता, पवित्र बंधन, सात जन्मों का साथ जैसी सुंदर शब्दों से नवाजा गया है, वहां मैरिटल रेप के आंकड़ें चौंकाने वाले हैं. 2011 में आई इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन वुमन की एक रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 में से 1 भारतीय पुरुष, पत्नी से जबरन शारीरिक संबंध बनाता है.

भारत में प्रत्येक 100 में से 18 पुरुष मानते हैं कि यदि पत्नी संबंध बनाने से इनकार करें तो उन्हें गुस्सा करने और फटकार लगाने का पूरा अधिकार है. हफिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 43%, तेलंगाना में 42.6%, मिजोरम में 29.5%, जम्मू-कश्मीर में 21.75, पश्चिम बंगाल में 20.3% और कर्नाटक में 19.9% पुरुष ऐसा ही मानते हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के दौरान पुरुषों के से पूछा गया था कि क्या वे इस तथ्य से सहमत हैं कि एक पति अपनी पत्नी को मारने या उसकी पिटाई कर सकता है, यदि वह उसके साथ यौन संबंध बनाने से इनकार करती है. भारत भर में हर 100 पुरुषों में से 9 इस बात पर सहमत हुए कि पति अपनी पत्नी की पिटाई कर सकता है, यदि वह उसके साथ यौन संबंध बनाने से इनकार करती है. राज्य स्तर पर, तेलंगाना में 19% पुरुष, कर्नाटक में 16.1%, आंध्र प्रदेश में 16%, मध्य प्रदेश में 11.8% और हरियाणा में 11.6% लोगों ने ऐसा ही सोचा है. 

क्या है दुष्कर्म या रेप

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 375 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ निम्नलिखित परिस्थितियों में यौन संबंध बनाता है तो इसे रेप कहा जाएगा.

1. महिला की मर्जी के खिलाफ

2. महिला की मर्जी या इजाजत लिए बिना.

3. महिला की मर्जी से, लेकिन यह मर्जी महिला के किसी करीबी का डर दिखाकर या किसी को नुकसान पहुंचाकर न ली गई हो.

4. महिला की सहमति से, पर यह मंजूरी महिला को शादी का झांसा देकर ली गई हो.

5. महिला की मर्जी से, लेकिन ये सहमति देते वक्त महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हो या फिर उसने नशे का सेवन किया हो.

6. महिला की उम्र अगर 16 साल से कम हो तो उसकी मर्जी से या उसकी सहमति के बिना किया गया सेक्स.

 

क्या है मैरिटल रेप ?

भारतीय दण्ड संहिता रेप की परिभाषा तो तय करती है, लेकिन उसमें विवाह के बाद रेप या वैवाहिक बलात्कार का किसी भी तरह का कोई जिक्र नहीं है.

धारा 376 रेप के लिए सजा का प्रावधान करता है और आईपीसी की इस पत्नी से रेप करने वाले पति के लिए सजा का प्रावधान है बर्शते पत्नी 12 साल से कम की हो.

भारतीय दंड संहिता के अनुसार, 12 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ पति अगर जबरन संबंध बनाता है तो उस पर जुर्माना या दो साल की कैद और दोनों ही दी जा सकती है.

375 और 376 के प्रावधानों से ये समझा जा सकता है कि सेक्स करने के लिए सहमति देने की उम्र तो 16 है लेकिन 12 साल से बड़ी उम्र की पत्नी की सहमति या असहमति का कोई मूल्य नहीं है.

हिंदू मैरिज एक्ट में यह प्रावधान
हिंदू मैरिज एक्ट में शादी के बाद पति-पत्नी को एक दूसरे के प्रति कुछ जिम्मेदारियां और अधिकार दिए गए हैं. इन्हीं अधिकारों में सेक्स भी शामिल है. क़ानूनन यह माना गया है कि शादी के बाद सेक्स के लिए मना करना एक प्रकार की क्रूरता है. कानूनन यह भी कहा गया है कि इसी आधार पर तलाक भी मांगा जा सकता है.

सामान्जस्य की है आवश्यकता
मैरिटल रेप के बारे में एडवोकेट गरिमा कहती हैं कि भारतीय संविधान एक पुरुष और महिला दोनों को ही बराबर अधिकार देता है. पति-पत्नी की बातों को अमूमन सीक्रेट माना जाता है. हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13 का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इनमें क्रूरता के बारे में बताया गया है. यह क्रूरता आर्थिक, मानसिक और शारीरिक किसी भी तरह हो सकती है. पति-पत्नी का रिश्ता आम सहमति पर टिका हुआ होता है. एडवोकेट गरिमा कहती हैं कि एक शादी में अगर पति या पत्नी दोनों में से किसी एक को विशेष अधिकार दिए जाते हैं तो उसका दोहन हो सकता है.

उन्होंने बताया कि आज के दौर में लड़का और लड़की दोनों ही जागरूक हैं और जानते हैं कि उन्हें किस समय पर कौन सा कदम उठाना है. संबंध बनाते समय लड़कियों को भी न कहने का अधिकार है.

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First published: January 19, 2020, 11:03 AM IST
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