Sunday Special: नेल आर्ट का रिवाज है सदियों पुराना, तब रंग से जानी जाती थी हैसियत

Sunday Special: नेल आर्ट का रिवाज है सदियों पुराना, तब रंग से जानी जाती थी हैसियत
नेल आर्ट नाखूनों पर की जाने वाली एक तरह की खूबसूरत कलाकृति है.

नाखूनों (Fingernails) के छोटे से स्‍पेस में इतनी खूबसूरती से इन डिजाइन को बनाना सबका ध्‍यान खींचता है. हालांकि इसे आज के फैशन (Fashion) की उपज समझा जाता रहा है. मगर आपको यह जानकर हैरत होगी कि नेल आर्ट (Nail Art) का चलन आज का नहीं, बल्कि यह सदियों पुरानी कला है.

  • Share this:
खूबसूरत दिखने के लिए हाथों की खूबसूरती भी जरूरी है और हाथ खूबसूरत दिखें, इसके लिए नाखून आकर्षक दिखने चाहिए. नाखूनों को आकर्षक बनाने के लिए महिलाओं ने हमेशा से प्रयोग किए हैं, मसलन- बड़े नाखून, रंगीन नाखून वगैरह. नेल आर्ट (Nail Art) भी इन्‍हीं में से है, जो है तो सदियों पुराना रिवाज, मगर अब इसमें आर्ट के नए प्रयोगों ने इसे ट्रेंड में ला दिया है और फैशन के इस दौर में यह महिलाओं की कुछ अलग दिखने की चाहत को पूरा कर रही है. दरअसल, नेल आर्ट नाखूनों पर की जाने वाली एक तरह की गुलकारी या खूबसूरत कलाकृति है. इसमें चटकीले रंगों के सहारे खूबसूरत डिजाइन बनाए जाते हैं. नाखूनों (Fingernails) के छोटे से स्‍पेस में इतनी खूबसूरती से इन डिजाइन को बनाना सबका ध्‍यान खींचता है. हालांकि इसे आज के फैशन (Fashion) की उपज समझा जाता रहा है. मगर आपको यह जानकर हैरत होगी कि नेल आर्ट का चलन आज का नहीं, बल्कि यह सदियों पुरानी कला है. तब यह पुरुषों में भी लोकप्रिय थी और इसे हैसियत से जोड़ कर देखा जाता था. यानी नाखूनों पर लगाया जाने वाला रंग अमीरों के लिए अलग और गरीबों के लिए अलग होता था.

आजकल लड़कियों के बीच नेल आर्ट बनवाने की प्रथा बहुत लोकप्रिय हो रही है. हालांकि आज नेल आर्ट किसी रिवाज या हैसियत को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि नाखूनों की खूबसूरती और व्‍यक्तित्‍व के निखार के लिए ज्‍यादा चलन में है. यह खर्चीला है और महिलाएं नेल आर्ट पर हर महीने हजारों रुपये खर्च करती हैं. इस कला को पसंद करने वाली महिलाओं का कहना है कि यह व्यक्तित्व के आकर्षण को बढ़ाती है और इस पर खर्च किया जाने वाला पैसा इससे मिलने वाली खुशी और सुंदरता के मुकाबले में कुछ भी नहीं है.नेल आर्ट क्या है?

नेल आर्ट का मतलब नाखून पर की जाने वाली खूबसूरत कलाकृतियों से होता है.
नेल आर्ट का मतलब नाखून पर की जाने वाली खूबसूरत कलाकृतियों से होता है.




नेल आर्ट का मतलब नाखून पर की जाने वाली खूबसूरत कलाकृतियों से होता है. यह एक प्रकार की फूलकारी है, जो हाथों और पैरों के नाखूनों पर की जाती है. इसमें नाखूनों पर फूलों, टहनियों, पेड़ों और कई और चीजों को डिजाइन किया जाता है, जो देखने वालों को हैरान कर देती है. हालांकि यह प्रक्रिया नाखूनों के आसपास की स्किन को नरम बनाती है.
प्राचीन मिस्र में था नेल आर्ट का चलन
हालांकि कई लोग इस कला को नेल पॉलिश का एक आधुनिक रूप मानते हैं, लेकिन इसके निशान सदियों पुरानी सभ्यताओं में भी मिलते हैं. प्राचीन मिस्र में महिलाएं मेंहदी के साथ अपने नाखूनों पर रंग भी लगाती थीं. ताकि वे अपनी सामाजिक स्थिति को दर्शा सकें. वहीं निम्न तबके से ताल्‍लुक़ रखने वाली महिलाएं मद्धम रंग, जबकि उच्च वर्ग से ताल्‍लुक़ रखने वाली महिलाओं में गहरे और चमकीले रंगों का चलन था.

पुरुष भी रंगते थे नाखून
यह जानकर आपको हैरानी होगी, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक 3200 ईसा पूर्व प्राचीन राज्य बाबिल में पुरुष भी अपने नाखूनों पर काले और हरे रंग लगाते थे. उस दौर में योद्धा जंग की तैयारी के लिए कई घंटे नाखूनों की तैयारी और बालों को रंगने में लगाते थे. दरअसल, प्राचीन मिस्र में नाखूनों का रंग व्यक्तित्व की पहचान हुआ करता था. काले का उपयोग अमीरों की पहचान करने के लिए किया जाता था, जबकि हरे रंग का उपयोग आम आदमी की पहचान के लिए किया जाता था.

प्राचीन चीन में पहली बार नेल पॉलिश की शुरुआत हुई.
प्राचीन चीन में पहली बार नेल पॉलिश की शुरुआत हुई. इसको मोम, अंडे का सफेद भाग और सब्जियों के रंगों से बनाया गया था.


चीन में हुई नेल पॉलिश की शुरुआत
इस बीच तीन हजार ईसा पूर्व में प्राचीन चीन (China) में पहली बार नेल पॉलिश की शुरुआत हुई. इसको मोम, अंडे का सफेद भाग, जिलेटिन और सब्जियों के रंगों से बनाया गया था. तब चीन में लोग अपने हाथों को कई घंटों तक इस तैयार मिश्रण में डुबोए रखते थे. इसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ देते थे. इससे अलग-अलग तरह के रंग बनाए जाते थे. 600 ईसा पूर्व में चाउ वंश के लोग अपनी सामाजिक स्थिति को व्यक्त करने के लिए नाखूनों को रंगने का तरीका अपनाते थे. वे अपना रुत्‍बा दिखाने के लिए अपने नाखूनों पर सोने और चांदी की चमक का इस्तेमाल किया करते थे.

अमेरिका में नेल आर्ट पर बनी डॉक्‍यूमेंट्री
बीसवीं सदी में मीडिया और इंटरनेट के आगमन और सोशल मीडिया के सामान्य उपयोग के साथ नेल आर्ट महिलाओं में लोकप्रिय होने लगा. नेल आर्ट की लोकप्रियता का आकलन पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में 2012 में किया गया था और इसी वर्ष नेल आर्ट पर बनाई गई एक दस्‍तावेजी फिल्‍म नेलगास्‍म (Nailgasm: The Nail Art Documentary) जारी की गई थी. यह फिल्म दुनिया भर में नेल आर्ट के बढ़ते चलन की पड़ताल करती है और यह बताती है कि न केवल महिलाएं बल्कि पुरुष भी यूट्यूब, इंस्टाग्राम और पिनट्रस्ट का इस्तेमाल करते हैं, ताकि वह घर में बेहतरीन और नए डिजाइन बनाना सीख सकें.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading