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सनस्क्रीन लगाते हैं तो इसके साइड इफेक्‍ट्स से भी हो जाएं वाकिफ, जानें इस्‍तेमाल करने सही तरीका

सनस्क्रीन लगाते हैं तो इसके साइड इफेक्‍ट्स से भी हो जाएं वाकिफ, जानें इस्‍तेमाल करने सही तरीका

हमेशा धूप में जाने से आधा घंटा पहले सनस्‍क्रीन अप्‍लाई करें. Image : shutterstock

हमेशा धूप में जाने से आधा घंटा पहले सनस्‍क्रीन अप्‍लाई करें. Image : shutterstock

Sunscreen Side Effects: जब भी आप आउटडोर स्‍पोर्ट्स के लिए सनस्‍क्रीन (Sunscreen) खरीदें तो एसपीएफ (SPF) 15 या इससे अधिक की खरीदें. बच्‍चों को सनस्‍क्रीन लगा (Use) रहे हैं तो एसपीएफ 15 और अल्‍कोहल फ्री लोशन ही लगाएं. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो क्रीम बेस्‍ड सनस्‍क्रीन लगाएं और ऑयली स्किन है तो अल्‍कोहल बेस्‍ड सनस्‍क्रीन लगाएं. सनस्‍क्रीन के साइड इफेक्‍ट (Side Effects) को कम करना चाहते हैं तो अपने स्किन टाइप (Skin Type) के अनुसार इसे खरीदें. मसलन, अगर सनस्‍क्रीन खरीदना हो तो वेरी फेयर स्किन के लिए एसपीएफ 20-30 का प्रयोग करें. फेयर स्किन है तो एसपीएफ 12-20 और अगर हल्‍का भूरा स्किन टोन है तो एसपीएफ 8-12 का प्रयोग करें.

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    Sunscreen Side Effects: सनस्‍क्रीन (Sunscreen) का प्रयोग हम स्किन (Skin) को यूवी किरणों (UV Rays) के खतरनाक प्रभावों से बचाने और कैंसर जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए करते हैं. सनस्‍क्रीन हमारी स्किन को सनबर्न (Sun Burn) और रिंकल से बनाने के लिए भी यूज किया जाता है. लेकिन क्‍या आपको पता है कि सनस्‍क्रीन का अधिक इस्‍तेमाल स्किन पर हानिकारक प्रभाव भी छोड़ सकता है? मायोक्‍लीनिक के मुताबिक, यह स्किन को कई तरह की परेशानियों से बचाने का काम करता है लेकिन सनस्किन में प्रयोग किए जाने वाले कुछ कैमिकल स्किन पर एजर्ली, जलन, स्‍वेलिंग, रेडनेस, पोर ब्‍लॉकेज आदि का भी कारण बन जाते हैं.

    दरअसल, नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) की रिसर्च के अनुसार सनस्क्रीन ब्लड लेवल पर बुरा असर डाल सकती है.

    सनस्क्रीन का त्‍वचा पर नुकसान (Sunscreen Side Effects On Skin)

    1.एलर्जी

    सनस्क्रीन में कुछ ऐसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसकी वजह से त्वचा पर जलन, सूजन, रैश, दाने या खुजली जैसी समस्या शुरू हो सकती है. यही नहीं, कभी-कभी दाने, सूजन या रैश को ठीक होने में काफी समय लग जाता है और ऐसी स्थिति में एलर्जी या संक्रमण की समस्या शुरू हो सकती है.

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    2.मुंहासे

    सनस्क्रीन की वजह से मुंहासे की परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, सनस्क्रीन के प्रयोग से कई बार ऑयल ग्‍लैंड जरूरत से ज्‍यादा एक्टिव हो जाते हैं और इस वजह से पिंपल्‍स एक्‍ने की समस्‍या होने लगती है. इस दुष्प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए आपको नॉन-ऑयली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए.

    3.आंखों में जलन

    आंखों में सनस्क्रीन लगने से दर्द और जलन की की समस्‍या हो सकती है. यही नहीं, कई बार संवेदनशीलता बढ़ जाती है और आंखों में लालिमा रहने लगती है. यदि आप सनस्क्रीन लगाते ही हैं तो इसे हटाते वक्‍त आंखों को पानी से बेहतर तरीके से साफ करें.

    स्किन टाइप के अनुसार खरीदें सनस्‍क्रीन

    -जब भी आप आउट डोर स्‍पोर्ट्स के लिए सनस्‍क्रीन खरीदें तो एसपीएफ 15 या अधिक का खरीदें.

    -बच्‍चों को सनस्‍क्रीन लगा रहे हैं तो एसपीएफ 15 और अल्‍कोहल फ्री लोशन ही लगाएं.

    -ड्राई स्किन है तो क्रीम बेस्‍ड सनस्‍क्रीन लगाएं और ऑयली स्किन है तो अल्‍कोहल बेस्‍ड सनस्‍क्रीन लगाएं.

    -वेरी फेयर स्किन है तो एसपीएफ 20-30 का प्रयोग करें.

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    -फेयर स्किन है तो एसपीएफ 12-20 का प्रयोग करें.

    -हल्‍का भूरा स्किन टोन है तो एसपीएफ 8-12 का प्रयोग करें.

    -गहरा रंग है तो एसपीएफ 2-4 का प्रयोग करें.

    -हमेशा धूप में जाने से आधा घंटा पहले सनस्‍क्रीन अप्‍लाई करें और 1 से 2 घंटे बाद चेहरे को साफ कर लें.

    -सनस्‍क्रीन को गर्म या बहुत ठंडी जगह पर स्‍टोर ना करें. रूम टेंपरेचर में रखें.

    Tags: Lifestyle, Skin care

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