लाइव टीवी

इनफर्टिलिटी दूर करने के लिए सप्‍लीमेंट लेकर पुरुष कर रहे बड़ी भूल, पढ़ लें ये खबर

News18Hindi
Updated: January 13, 2020, 6:58 PM IST
इनफर्टिलिटी दूर करने के लिए सप्‍लीमेंट लेकर पुरुष कर रहे बड़ी भूल, पढ़ लें ये खबर
पुरुषों में बांझपन के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में जिंक और फोलिक एसिड का प्रयोग होता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि बांझपन की समस्या से निपटारे के लिए इस तरह के सप्लीमेंट का सेवन करना सही नहीं है. शोधकर्ताओं का कहना है कि कई सप्लीमेंट निराधार स्वास्थ्य लाभ का दावा करते हैं जबकि न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर इसे पैसे की बर्बादी मानते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2020, 6:58 PM IST
  • Share this:
अमूमन भारत में जब बांझपन की बात होती है तो पुरुषों से सवाल नहीं किए जाते हैं. अक्सर महिलाओं को ही इसका दोषी माना जाता है, लेकिन अब पुरुषों में बांझपन यानी इनफर्टिलिटी की समस्या आम हो चुकी है. इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए कई पुरुष सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं. आम दवाओं से यह सप्लीमेंट काफी महंगे होते हैं.

इनफर्टिलिटी खत्म करने के लिए पुरुषों द्वारा लिए जाने वाले ये सप्लीमेंट जितने महंगे होते हैं, स्वास्थ्य के लिए उतने ही हानिकारक होते हैं. हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि मार्केट में बिकने वाले ज्यादातर इनफर्टिलिटी सप्लीमेंट समस्या से निपटने में कारगर नहीं हैं.

जिंक और फोलिक एसिड है बेकार
मेडिकल जर्नल जेएएमए में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि पुरुषों में बांझपन के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में जिंक और फोलिक एसिड का प्रयोग होता है. यह दोनों ही तत्व स्पर्म क्वालिटी और काउंट को बढ़ाने में बिल्कुल भी कारगर नहीं हैं. इस रिपोर्ट को बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने पुरुषों का एक समूह बनाया, जिन्हें 6 महीने तक रोजाना जिंक और फोलिक एसिड वाले सप्लीमेंट दिए गए. पुरुषों को रोजाना जिंक और फोलिक एसिड देने का मकसद इस बात का पता लगाना था कि क्या इन दोनों तत्वों को लेने से स्पर्म की क्वालिटी और काउंट बेहतर होते हैं या नहीं.

इसे भी पढ़ें : Health: सर्दियों में नहीं ढकते हैं कान ? तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

 

बांझपन की समस्या से निपटारे के लिए सप्लीमेंट का सेवन करना सही नहीं है.
बांझपन की समस्या से निपटारे के लिए सप्लीमेंट का सेवन करना सही नहीं है.
प्लेसेबो है एक अच्छा विकल्प
शोध के मुताबिक समूह के आधे पुरुषों को जिंक और फोलिक एसिड वाला सप्लीमेंट दिया गया, जबकि आधे पुरुषों को प्लेसेबो का सेवन करने को दिया गया. शोध में यह बात सामने आई कि  प्लेसेबो का सेवन करने वाले 35 फीसदी लोग ट्रायल की अवधि के दौरान पिता बनने में सफल रहे लेकिन जब उनके स्पर्म की जांच की गई तो पाया गया कि उनके स्पर्म में ट्रायल के छह महीने बाद और छह महीने पहले के बीच कोई ज्यादा अंतर नहीं है.

क्वालिटी नहीं होती बेहतर
पुरुषों पर 6 महीने तक किए गए शोध में यह बात सामने आई कि दंपतियों में बांझपन का इलाज करने, स्पर्म की संख्या बढ़ाने, स्पर्म की क्वालिटी को बेहतर करने के लिए फोलिक एसिड और जिंक सप्लीमेंट सही नहीं है.

पैसों की बर्बादी
शोधकर्ताओं का कहना है कि बांझपन की समस्या से निपटारे के लिए इस तरह के सप्लीमेंट का सेवन करना सही नहीं है. शोधकर्ताओं का कहना है कि कई सप्लीमेंट निराधार स्वास्थ्य लाभ का दावा करते हैं जबकि न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर इसे पैसे की बर्बादी मानते हैं.

यह भी पढ़ें :- रोजाना पिएं ये जादुई पानी, तेजी से घटेगा वजन, स्किन भी दिखेगी ग्लोइंग

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 13, 2020, 5:52 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर