इन योगासनों से मन होगा शांत, रिलैक्स होगी बॉडी, बस रखें इन छोटी बातों का ध्यान

इन योगासनों से मन होगा शांत, रिलैक्स होगी बॉडी, बस रखें इन छोटी बातों का ध्यान
योग के फायदे जानें सविता यादव से

News18 Hindi के फेसबुक पेज पर लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में योग एक्सपर्ट सविता यादव ( Savita Yadav) सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) से लेकर कई छोटे-छोटे कई अभ्यासों को करने के बारे में बताया...

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  • Last Updated: August 16, 2020, 11:57 AM IST
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योग एक्सपर्ट सविता यादव से आज हमने News18 Hindi के फेसबुक पेज पर सूर्य नमस्कार करने के तरीके को स्टेप बाई स्टेप तरीका सीखा. लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) से लेकर कई छोटे-छोटे कई अभ्यासों को करने के बारे में बताया और दिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग अभ्यास की प्रैक्टिस रोजाना करने से यह आदत में शामिल हो जाता है. सूर्य नमस्कार के अलावा श्वसन क्रिया व्यायाम, सिखाए गए. इसके अलावा पैरों, पंजो, घुटने, कमर, कूल्हे, गर्दन, कंधे, पीठ और हाथों के लिए छोटे और आसान अभ्यास सिखाए गए. इन व्यायामों को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है.



सूर्य नमस्कार से पहले श्वसन क्रिया के कुछ व्यायाम करें. लंबी गहरी सांस लें और छोड़ें. ऐसा 5 बार करें. इसके बाद ॐ बोलते हुए सांस भरें और छोड़ें. इसके बाद बॉडी की स्ट्रेचिंग करें. पहले फॉरवर्ड स्ट्रेचिंग करें. इसके बाद बैकवार्ड स्ट्रेचिंग करें. ऐसा ही स्ट्रेचिंग दायीं और बाईं तरफ भी करें. स्ट्रेचिंग से फैट भी तेजी से बर्न होता है. दायें हाथ से बाएं पैर के पंजे को पकड़ें और बॉडी को स्ट्रेच करें. बाएं हाथ को पूरा पीछे की तरफ ले जाते हुए कमर को पूरा ट्विस्ट करना है. फोरेसिक बैंडिंग करें.



सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार के लिए पोस्चर में आएं. हाथ जोड़कर सूर्यदेव की प्रणाम करें. मन ही मन सूर्यदेव को प्रणाम करें.
प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.
हस्ततुन्नासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

शवासन: मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.

अनुलोम विलोम प्राणायाम: सबसे पहले पद्मासन या सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.
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