सूर्य नमस्कार से शरीर होगा स्वस्थ, लचीले कमर के लिए करें मार्जरी योगासन

योग प्रशिक्षिका सविता यादव

योग प्रशिक्षिका सविता यादव

योग से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health) अच्‍छा रहता है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) भी बेहतर बना रहता है.

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  • Last Updated: March 21, 2021, 12:07 PM IST
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आज रविवार के दिन लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में शरीर को एनर्जी से भरने और स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के योग किए. साथ ही सूर्य नमस्‍कार का योगाभ्‍यास किया. यह पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. शरीर को फिट और हेल्दी रखने के लिए योग करना बहुत जरूरी है. योग से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health) अच्‍छा रहता है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) भी बेहतर बना रहता है. सुबह उठने पर शरीर में होने वाली अकड़न को दूर करने और दिन भर रिफ्रेश बने रहने के लिए योगासन बेहद जरूरी हैं. इनकी मदद से कई बीमारियों से न सिर्फ बचाव ही किया जा सकता है, बल्कि इन्‍हें दूर भी किया जा सकता है. योग करने से शरीर को एनर्जी मिलती है और मन शांत रहता है.

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)

सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

प्रणाम आसन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

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हस्ततुन्नासन



इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.



हस्तपाद आसन

इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन

इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन

इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार

इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन

इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

सूर्य नमस्कार के फायदे

सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

मार्जरी आसन

मार्जरी आसन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है. कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज के बारे में चर्चा करते हैं. यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

मर्कट आसन

मर्कट आसन करने के लिए मैट पर लेट जाएंगे पैर का घुटना ऊपर की तरफ रखें दोनों हाथ बाहर की ओर खुलेंगे दोनों हाथ कंधे के समानांतर बिल्कुल सीधे रहेंगे अब अपने पैर को घुटने से आहिस्ता आहिस्ता ऊपर की ओर मोड़ें इसके बाद दोनों पैर के घुटने को दाहिनी तरफ फर्श से लगा देंगे या क्रिया 4 से 5 सेकंड तक ऐसे ही फर्श पर स्पर्श रखेंगे और चेहरा विपरीत दिशा में घुमा देंगे अब धीमे-धीमे दोनों पैर को ऊपर की ओर और चेहरा सामने की ओर लाएं. अब ठीक किसके विपरीत करेंगे.

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मर्कट आसन के लाभ

मर्कट आसन से रीढ़ की हड्डी लचीली होगी साथ ही पीठ संबंधी सभी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा.

जांघे भी शेप में आएंगी साथ ही आपका शरीर भी फुर्तीला होगा.
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