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स्वाद का सफ़रनामा: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है कीवी, इस फल के नाम की है रोचक दास्तान

स्वाद का सफ़रनामा (Swad Ka Safarnama).

स्वाद का सफ़रनामा (Swad Ka Safarnama).

Swad Ka Safarnama: चीकू जैसा दिखने वाला कीवी गुणों से भरपूर फल है. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार है ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कम कैलोरी होने से कीवी वजन घटाने में मददगार होता है.
साठ के दशक में पहली बार भारत आया था कीवी फल.
दिल के लिए भी गुणकारी माना जाता है कीवी फल.

Swad Ka Safarnama: कीवी एक शानदार और जानदार फल है. यह विटामिन्स से भरपूर है, इसीलिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. दिल के लिए भी गुणकारी माना जाता है यह फल. इस फल की रोचक दास्तान यह है कि पैदा यह कहीं हुआ, नाम इसे किसी और देश में मिला और मशहूर यह पूरी दुनिया में हो गया. भारत के लिए यह फल नया है. जब यह बाजारों में दिखा तो लोग इसे विदेशी चीकू समझते थे लेकिन अंदर से इसके रंग और स्वाद को देखकर हैरान और खुश हो जाते थे.

इसके बारीक दानों में भी रस भरा होता है

कीवी (Kiwi) का आकार-प्रकार और स्वाद कुछ अलग सा है. दिखने में यह चीकू जैसा लगता है, लेकिन गोलाई के साथ-साथ यह हलका सा लंबा भी होता है. इसके भूरे छिलके पर हल्के रोएं होते हैं, जो इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं. चीकू का अंदर से रंग भूरा ही होता है, लेकिन कीवी अंदर से हरी और एक अन्य प्रजाति सुनहरी भी होती है. इसके अंदर बहुत बारीक दाने होते हैं, लेकिन उनमें भी रस भरा होता है. कीवी का स्वाद मीठा लेकिन हल्की सी खटास लिए होता है. इसलिए यह विटामिन्स से भरपूर है.

चीन में पैदा हुआ, लेकिन नाम न्यूजीलैंड ने रखा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कीवी चीन का फल है और 12वीं शताब्दी में इसकी खेती शुरू हुई. इससे पहले यह जंगलों में उगा करता था. चीन वासियों ने इसका नाम ‘यांग तोआ’ रखा था. विश्वकोश ब्रिटेनिका (Britannica) के अनुसार चीन से बाहर पहली बार इसे न्यूजीलैंड व अमेरिका स्थित कैलिफोर्निया में उगाया गया. फूड हिस्टोरियन का कहना है कि इससे पहले इस फल को फ्रांस लाया गया था, लेकिन वहां के किसानों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई.

Kiwi

दुनिया के शीर्ष कीवी उत्पादक देशों में चीन, इटली, न्यूजीलैंड, चिली, ग्रीस और फ्रांस शामिल हैं. Image-Canva

हिस्टोरियन का कहना है कि 1900 के शुरुआती दशक में ही यह ब्रिटेन भी पहुंचा. अमेरिका वालों ने चीन का फल मानते हुए इसका नाम चाइनीज गूजबेरी रखा, लेकिन न्यूजीलैंड ने व्यावसायिक रणनीति अपनाते हुए इसका नाम अपने राष्ट्रीय पक्षी कीवी के नाम रख दिया और उसके बाद यह पूरी दुनिया में इसी नाम से जाना जाने लगा. आजकल दुनिया के शीर्ष कीवी उत्पादक देशों में चीन, इटली, न्यूजीलैंड, चिली, ग्रीस और फ्रांस शामिल हैं.

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साठ के दशक में भारत में आया कीवी

भारत के लिए यह फल नया है और इसे देश में आए हुए करीब 60 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इसका प्रसार और स्वाद लोगों को कुछ साल पहले ही भाने लगा है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज के अनुसार वर्ष 1963 में शिमला में इसकी खेती शुरू की गई. कुछ सालों तक इसकी बेहद सीमित खेती की गई, क्योंकि विज्ञानी कन्फर्म नहीं थे कि यह लोगों को रास आएगा या नहीं. बाद में अन्य राज्यों में इसकी खेती शुरू की गई जिनमें हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, जम्मू- कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नीलगिरि पहाड़ियों सहित ठंडे इलाके शामिल हैं. अब इसकी मांग बढ़ने लगी है और लोगों को इसका स्वाद भाने लगा है.

देश में कीवी फल का मौसम अक्टूबर से दिसंबर तक होता है, लेकिन स्टोरेज की सुविधा के चलते यह अन्य महीनों में भी मिलता है. हैं. ऑफ-सीजन में इस फल को चीन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से मंगाया जाता है.

आधुनिक जीवनचर्या का फल है कीवी

खट्टे-मीठे दानेदार कीवी फल का गुण में भी जवाब नहीं है. एक आधुनिक जानकारी के अनुसार एक सामान्य वजन के कीवी में 42 कैलोरी, 215 मिलीग्राम पोटेशियम, 1 ग्राम फाइबर, 0.8 ग्राम प्रोटीन, 23 मिलीग्राम कैल्शियम, 64 मिलीग्राम विटामिन सी, 2 ग्राम चीनी, 1 मिलीग्राम विटामिन ई, 8 माइक्रोग्राम विटामिन के, 7 मिलीग्राम मैग्नीशियम व अन्य विटामिन्स व मिनरल्स मौजूद हैं.

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कीवी लो ब्लडप्रेशर वालों के लिए भी लाभकारी माना जाता है. Image-Canva

फूड एक्सपर्ट व न्यूट्रिशियन कंसलटेंट नीलांजना सिंह के अनुसार कीवी आधुनिक जीवनचर्या का फल है, जिसमें आज की शारीरिक समस्याओं से राहत देने के गुण हैं. इसमें सोडियम व पोटैशियम हैं जो दिल की बीमारी को दूर रखते हैं साथ ही ब्लड का पतला कर थक्का जमने की आशंका को दूर रखते हैं. इसमें एक पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट होता है जो शरीर को व्याधियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है. कीवी लो ब्लडप्रेशर वालों के लिए भी लाभकारी माना जाता है.

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वजन घटाने में भी मदद करता है

यह वजन घटाने में भी लाभकारी है, कयोंकि इसमें कैलोरी कम होती है और फैट न के बराबर होता है. इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर में लगातार पैदा हो रही विषाक्तता को भी शरीर से निकालते रहते हैं. इसमें मौजूद तत्व आंखों की रोशनी को दुरुस्त रखते हैं साथ ही स्किन का ग्लो भी बनाए रखते हैं. इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर में एसिड को बैलेंस भी बनाए रखते हैं. कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को तुरंत बढ़ने से रोकता है. कीवी में इनोसिटोल भी होता है, यह एक एंजाइम है जो शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन के व कैल्शियम की मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती हैं. सामान्य तौर पर कीवी को खाए जाने से कोई नुकसान नहीं है, लेकिन मात्रा से अधिक खाए जाने पर यह गले को चोक कर सकता है और पेट में भी गड़बड़ी पैदा कर सकता है.

Tags: Food, Lifestyle

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