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बच्चों की आंखों का ऐसे रखें ख्याल, नहीं चढ़ेगा चश्मा

News18Hindi
Updated: October 14, 2019, 1:48 PM IST
बच्चों की आंखों का ऐसे रखें ख्याल, नहीं चढ़ेगा चश्मा
आंखों को स्वस्थ रखने में हाथों की सफाई का बहुत बड़ा रोल होता है.

आजकल बच्चे अपना ज्यादातर वक्त मोबाइल फोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप और टैबलेट देखने में बिताते हैं, जिसके चलते बच्चों में छोटी उम्र से ही कई गंभीर आंखों की समस्या होने लगती है.

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  • Last Updated: October 14, 2019, 1:48 PM IST
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आंखें कुदरत का दिया एक ऐसा गिफ्ट है जिससे हम पूरी दुनिया देख पाते हैं. प्रति में बसे हर रंग को समझ पाते हैं. आंखें जितनी अनमोल होती हैं उतनी ही संवेदनशील भी होती हैं. इसके बावजूद कुछ लोग अपनी आंखों की सही तरह से देखभाल नहीं करते हैं. आजकल बच्चे भी अपना ज्यादातर वक्त मोबाइल फोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप और टैबलेट देखने में बिताते हैं, जिसके चलते बच्चों में छोटी उम्र से ही कई गंभीर आंखों की समस्या होने लगती है. डॉक्टरों की मानें तो तकनीक के संपर्क में अधिक रहने से बच्चे छोटी उम्र में ही ग्लूकोमा, कंजक्टीवाइटस और आंख के इंफेक्शन के शिकार हो रहे हैं. आइए हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स के बारे में बताते हैं जिससे बच्चों की आंखों की देखभाल की जा सकती है.

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हाथों को रखें साफ

आंखों को स्वस्थ रखने में हाथों की सफाई का बहुत बड़ा रोल होता है. दरअसल बच्चों में हाथ धोने की आदत बहुत कम होती है इसलिए उनके हाथ में गंदगी और जीवाणु भरे रहते हैं. ऐसे में जब इन्हीं हाथों से बच्चे अपनी आंखें मसलते हैं तो उन्हें कंजक्टीवाइटिस या आंख का इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है. इसलिए बच्चों को यह जरूर बताएं कि आंखों को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें. बच्चों को बताने के साथ ही आप भी उन पर निरंतर निगरानी रखें कि वह ऐसा कर रहे हैं या नहीं.

हेल्दी डाइट

बच्चों की आंखों की देखभाल करने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी डाइट भी बहुत जरूरी है. बच्चे अक्सर हेल्दी चीजें खाने से मना करते हैं. ऐसे में यह पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें किस तरह से संतुलित डाइट दें सकें. बच्चों को रोजाना दूध और दूध से बने प्रोडक्ट जैसे दही, छाछ, पनीर और घी, मौसमी फल और हरी सब्जियों से मिली झुली एक बैलेंस डाइट जरूर देनी चाहिए. इसके अलावा आप 6 महीने में एक बार बच्चों का ब्लड टेस्ट करवा के भी पता कर सकते हैं कि उनके शरीर में किस विटामिन या मिनरल की कमी है. फिर आप उसी हिसाब से बच्चों की डाइट में तब्दीली ला सकते हैं.

कॉन्टेक्ट लैंस को कहें नो
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फैशन के इस दौर में बच्चे अपने पैरेंट्स से कॉन्टेक्ट लैंस पहनने की मांग करते हैं. आपको बता दें कि बच्चों को दैनिक तौर पर कॉन्टेक्ट लैंस पहनाना किसी खतरे से खाली नहीं है. इससे बच्चे की आंखें और भी ज्यादा कमजोर होती है. साथ ही बच्चे की आंखों में सूजन और इंफेक्शन होने का भी खतरा बना रहता है. कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग तभी करें जब बहुत जरूरी हो. अगर बच्चा तैराकी करने या सोने जा रहा है तो इसका प्रयोग बिल्कुल न करने दें. साथ ही बच्चे को लगातार 12 घंटे से ज्यादा लैंस न पहनने दें.

आंखों का चेकअप कराएं

6 महीने के बाद से ही नवजात शिशुओं का नियमित आई चेकअप कराना बहुत जरूरी होता है. यह चेकअप शिशुओं की आंखों का हाल बताने में मदद करता है. इससे बचपन से ही शिशु की आंखों की सही तरह से देखरेख करने से एक तो बीमारी का पता चल जाता है साथ ही भविष्य में होने वाले खतरे को भी समय रहते टाला जा सकता है. इसके अलावा ध्यान रखें कि नवजात शिशुओं का आई चेकअप किसी अच्छे और विश्वसनीय डॉक्टर से ही कराएं.

देखने की उचित दूरी करें निर्धारित

जब भी बच्चे टीवी के आगे बैठें या फिर मोबाइल, लैपटॉप का इस्तेमाल करें, उन्हें ऐसी चीजों को देखते वक्त एक उचित दूरी बनाने को कहें. गैजट या किसी भी आधुनिक तकनीक यंत्रों को देखते वक्त आंखों से करीब 50 सेंटीमीटर की दूरी जरूर होनी चाहिए. वहीं पढ़ते वक्त किताबों और आंखों के बीच में करीब 30 से 40 सेंटीमीटर की दूरी जरूर होनी चाहिए. बच्चों को यह भी बताएं कि ऐसी चीजों पर घंटों टकटकी लगाएं न बैठे रहें. जब बच्चा फोन का इस्तेमाल कर रहा हो तब या तो आप बच्चों के साथ बैठकर उनका मनोरंजन करें या फिर उन्हें बीच बीच में छोटा ब्रेक लेने को कहें. बेहतर होगा की बच्चे बीच-बीच में आंखों की एक्सरसाइज करते रहें. ऐसा करने से उनकी आंखें अच्छी रहेंगी और वह इंफेक्शन का शिकार भी नहीं होंगे.

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आउटडोर गेम खेलना जरूरी

आउटडोर गेम खेलने से बच्चों की आंखों पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. दैनिक दिनचर्या में से कम से कम 1 घंटा बच्चों को आउटडोर एक्टिविटी में हिस्सा लेना चाहिए. इसमें चाहे बच्चे अपने दोस्तों के साथ खेलें या फिर साइकिल चलाएं. इससे उनकी आंखे शांत और स्वस्थ रहती हैं. हालांकि बच्चों को सुबह 11 बजे से लेकर शाम के 4 बजे के बीच में आउटडोर गेम नहीं खेलने चाहिए. इस दौरान धूप की वजह से बच्चे को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है.

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First published: October 14, 2019, 1:48 PM IST
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