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प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल खाने से बच्चे को हो सकता है ऐसा खतरा!

वो बच्चे जिनकी मां ने गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लिया था उनके बच्चे अतिसक्रियता और ध्यान-विकार जैसी समस्या से जूझ रहे थे

वो बच्चे जिनकी मां ने गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लिया था उनके बच्चे अतिसक्रियता और ध्यान-विकार जैसी समस्या से जूझ रहे थे

वो बच्चे जिनकी मां ने गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लिया था उनके बच्चे अतिसक्रियता और ध्यान-विकार जैसी समस्या से जूझ रहे थे

  • News18Hindi
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    प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान सामान्य तौर पर डॉक्टर हमें कई चेतावनियां देते हैं. हमारी डायट, डे प्लान, व्यायाम, मेडिसीन सबकुछ डॉक्टर तय करते हैं. ऐसे में इस दौरान सर्दी-जुखाम और बुखार से पीड़ित होने पर क्या आप बिना डॉक्टर की सलाह लिए पेरासिटामोल खा लेती हैं. अगर हां, तो बता दें कि अभी हाल ही हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वैसी महिलाएं जो प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल (Paracetamol) खाती हैं उनके बच्चों पर इसका नाकारत्मकर असर हो सकता है.

    बाल चिकित्सा और प्रसवकालीन महामारी विज्ञान (Paediatric and Perinatal Epidemiology) नाम के जर्नल में छपे इस अध्ययन के मुताबिक गर्भवती मां के पेरासिटामोल खाने का उसके होने वाले बच्चे में व्यवहारिक समस्याएं (Behavioural Problems ) खड़ी कर सकता है. यूके में यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक जीन गोल्डिंग ने कहा, 'हमारे निष्कर्ष गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लेने के संभावित दुष्प्रभावों से संबंधित परिणामों की एक श्रृंखला से जोड़ते हैं, जैसे कि अस्थमा या होने वाले संतान में व्यवहार के मुद्दे'.

    शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में 1400 बच्चों को शामिल किया. इनमें से 43% बच्चे ऐसे पाए गए जिनकी मां ने गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लिया था. शोधकर्ताओं ने बच्चों की याददाश्त, आईक्यू और प्री-स्कूल डेवलपमेंट टेस्ट, स्वभाव और व्यवहार की जांच की.

    अध्ययन में पाया गया कि बच्चों में पेरासिटामोल के सेवन और व्यवहार संबंधी मुद्दों के बीच एक संबंध है. यानी वो बच्चे जिनकी मां ने गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल लिया था उनके बच्चे अतिसक्रियता और ध्यान-विकार जैसी समस्या से जूझ रहे थे. शोधकर्ताओं के अनुसार, ड्रग्स के संभावित व्यवहार प्रभावों के लिए लड़कियों की तुलना में लड़के अधिक संवेदनशील दिखाई देते हैं.

    हालांकि शोधकर्ताओं ने माना कि इस तथ्य को मजबूती देने के लिए और भी अध्ययन होने ज़रूरी है.

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