Home /News /lifestyle /

जिंदगी में लक्ष्य निर्धारित हो तो याददाश्त भी बेहतर होती है - रिसर्च

जिंदगी में लक्ष्य निर्धारित हो तो याददाश्त भी बेहतर होती है - रिसर्च

लक्ष्य निर्धारित (set goals) होने से मेमोरी अच्छी हो जाती है. ऐसे में कुछ भी आसानी से याद रखना सहज होता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

लक्ष्य निर्धारित (set goals) होने से मेमोरी अच्छी हो जाती है. ऐसे में कुछ भी आसानी से याद रखना सहज होता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

Target Related To Memory : फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी (Florida State University) के रिसर्चर्स की अगवाई में हुई इस स्टडी में पाया गया है कि उद्देश्य की भावना और संज्ञान संबंधी (cognitive) काम स्मृतियों (memories) को याद करना आसान बनाते हैं. ये स्टडी कोविड -19 महामारी से संबंधित स्मृतियों पर केंद्रीत है. स्टडी में शामिल करीब 800 लोगों में से जिन लोगों ने बताया कि उनके जीवन में उद्देश्यों को लेकर मजबूत भावना थी, उनमें स्मृतियों को याद रखना कमजोर उद्देश्य भावना वालों की तुलना में ज्यादा आसान था. जिन लोगों मे उद्देश्यों को लेकर कमजोर भावना थी उनमें ये देखा गया कि स्मृतियों को याद रखना उनके लिए मुश्किल था.

अधिक पढ़ें ...

    Target Related To Memory : कहते हैं कि लाइफ में अगर कोई उद्देश्य हो तो जीवन अपने आप नियम-कायदों से बंध जाता है और मन एकाग्र (Concentrated) रहने लगता है. एक ताजा स्टडी में व्यक्तियों के जीवन में निश्चित उद्देश्य की भावना और जीवंत विवरण (live detail) को याद कर लेने की क्षमता यानी मेमोरी  (Memory) के बीच संबंधों का पता चला है. दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस रिसर्च के नतीजों को मैमोरी जर्नल (Memory Journal) में प्रकाशित किया गया है.

    फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी (Florida State University) के रिसर्चर्स की अगवाई में हुई इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया है कि उद्देश्य की भावना और संज्ञान संबंधी (cognitive) काम स्मृतियों (memories) को याद करना आसान बनाते हैं. लेकिन केवल उद्देश्य की भावना जीवंतता और सामंजस्य (Vitality and Adjustment) का लाभ देती है.

    मेमोरी का काम
    ये स्टडी कोविड -19 महामारी से संबंधित स्मृतियों पर केंद्रीत है. इस रिसर्च पेपर की प्रमुख लेखिका और कॉलेज ऑफ मेडिसिन (College of Medicine) में प्रोफेसर अंगेलिना सुटिन (Professor Angelina Sutin) ने कहा, ‘हर किसी की लाइफ में पर्सनल मेमोरी का वास्तविक महत्व है. मेमोरी टारगेट फिक्स करने में और दूसरे के साथ अपनत्व  (Affinity) तैयार करने में हमारी मदद करती हैं. ‘

    यह भी पढें- दूषित हवा और शोर शराबे से हार्ट फेल का रिस्क ज्यादा: रिसर्च

    लक्ष्य नहीं होने से याद रखने में कठिनाई
    सुटिन ने आगे बताया कि लक्ष्य निर्धारित (set goals) होने से मेमोरी अच्छी हो जाती है. ऐसे में कुछ भी आसानी से याद रखना सहज होता है. लेकिन किसी भी काम का अगर कोई ध्येय यानी कोई गोल (Goal) नहीं है, तो उसे पूरी तरह से याद रखने में कठिनाई होती है.

    यह भी पढ़ें- लॉकडाउन में समय पर सर्जरी नहीं मिलने से कई कैंसर मरीजों की हुई मौत – रिसर्च

    स्टडी में शामिल करीब 800 लोगों में से जिन लोगों ने बताया कि उनके जीवन में उद्देश्यों को लेकर मजबूत भावना थी, उनमें स्मृतियों को याद रखना कमजोर उद्देश्य भावना वालों की तुलना में ज्यादा आसान था. मजबूत उद्देश्य भावना वाले लोगों में ज्यादा सकारात्मकता भी महसूस की गई है. यानी जिन लोगों मे उद्देश्यों को लेकर कमजोर भावना थी उनमें ये देखा गया कि स्मृतियों को याद रखना उनके लिए मुश्किल था.

    Tags: Health, Health News

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर