मुगलई पराठा : ना ना ! दिल्ली या लखनऊ नहीं, कोलकाता की है ये डिश

बंगाल में होने वाले हर फेस्टिवल के अवसर पर मुगलई पराठे के ठेले जरूर दिखाई देते हैं.

मुगलई पराठा (Mughlai Paratha) एक बहुत ही मशहूर स्ट्रीट फूड (Street Food) है. मुगल काल में बंगाल सूबे में ही यह डिश सबसे पहले बनाई गई थी.

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    (विवेक कुमार पांडेय)

    पराठा बोलते ही जो पहली इमेज दिमाग में बनती है वह है सामान्य आलू या गोभी या मूली के पराठे. इसी तर्ज पर पनीर और प्याज के पराठे भी शामिल हैं. लेकिन, जब हम कोलकाता में होते हैं तो यहां पराठे का मतलब हो जाता है 'मुगलई पराठा' (Mughlai Paratha). इसकी बनावट और स्वाद दोनों ही सामान्य पराठे से बिल्कुल अलग होता है.

    इतिहास
    मुगलई पराठा एक बहुत ही मशहूर स्ट्रीट फूड है. मुगल काल में बंगाल सूबे में ही यह डिश सबसे पहले बनाई गई थी. जहांगीर के रॉयल कोर्ट में बादशाह को खुश करने के लिए शाही खानसामे आदिल हाफिज उस्मान ने इसे सबसे पहले बनाया था. मुख्य रूप से इसमें मटन कीमा, अंडा, प्याज और मिर्च पड़ती है. हालांकि आजकल प्रयोग के तौर पर अन्य स्टफिंग भी हो रही है.

    दो देशों की पसंद
    यह खाना दो देशों में बराबर पसंद किया जाता है. वह है भारत (पश्चिम बंगाल) और बांग्लादेश. चूंकि, मुगल काल में यह दोनों एक ही सल्तन के अंदर थे तो मुर्शीदाबाद और ढाका दोनों स्थानों पर यह खाना बहुत पसंद किया गया. शहरों में इसका ज्यादा विकास हुआ. आज यह कोलकाता की गलियों की एक खास पसंद है.

    हर विशेष मौके पर खास
    बंगाल में होने वाले हर फेस्टिवल के अवसर पर मुगलई पराठे के ठेले जरूर दिखाई देते हैं. आपको हर स्थान पर इसे लोग चाव से खाते नजर आते हैं. मुगलई पराठे के साथ प्याज ही परोसी जाती है क्योंकि खुद यह इसमें इतने स्वाद होते हैं कि अलग से कुछ जोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती है.

    पूरी और पराठे का मिक्स
    इसे बनाने के लिए सेंकने का काम नहीं होता है. गहरे तवे पर इसे चौकोर आकार में तला जाता है और फिर छोटे-छोटे पीस बना कर पेश किया जाता है. कुछ लोग इसे साधारण ढंग से कम तेल में जरूर सेंक के खाते हैं लेकिन पारंपरिक ढंग से इसे गहरे तवे पर तला ही जाता है.

    दिल्ली में भी है ठिकाना
    अगर आप दिल्ली में हैं और मुगलई पराठे का जायका लेना चाहते हैं तो आपको कोलकाता जाने की कोई जरूरत नहीं. आप दिल्ली के सीआर पार्क में ही इसका स्वाद ले सकते हैं. आपको सीआर पार्क मार्केट नंबर एक और दो में कुछ खास स्टॉल्स पर बिल्कुल ऑथेंटिक मुगलई पराठा उपलब्ध हो जाएगा. अगर आप बंगाली खानों के शौकीन हैं तो यह डिश आपके लिए तो है ही लेकिन आप अगर कम पसंद रखते हैं तो भी एक बार तो इसे खाना बनता ही है. थोड़ा फैट जरूर है लेकिन सुबह ज्यादा जॉगिंग कर लीजिएगा.
    Published by:Purnima Acharya
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