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'स्पेशल पान' खाने का है मन, तो जीके-1 में ‘प्रिंस पान कॉर्नर’पर लें स्वाद

'स्पेशल पान' खाने का है मन, तो जीके-1 में ‘प्रिंस पान कॉर्नर’पर लें स्वाद

यह दुकान साल 1966 से संचालित की जा रही है. इनकी देशभर में 9 पान की दुकानें हैं.

यह दुकान साल 1966 से संचालित की जा रही है. इनकी देशभर में 9 पान की दुकानें हैं.

Delhi Food Joints: खाने के बाद पान का शौक रखने वालों की कमी नहीं है. दि्ल्ली में पान की ऐसी कई दुकानें खुल चुकी हैं जो विभिन्न वैराइटीज़ के पान रखती हैं.

    (डॉ. रामेश्वर दयाल)

    Delhi Food Joints: दिल्ली में बहुत पहले तक पान (Betel) की गिनी चुनी दुकानें ही हुआ करती थीं. पान खाने वाले भी अलग किस्म के लोग थे. इनमें कुछ तो ऐसे भी बताए गए हैं जो मुंह में हमेशा पान की गिलौरी दबाए रखते थे. पान (Paan) खाने वाला यह एक खास तबका था जो दिल्ली के कुछ ही इलाकों में मिलता था. लेकिन अब खानपान में जिस तरह का बदलाव हुआ है, वह बदलाव पान में भी देखने को मिला है. अब तो आम और खास से लेकर बच्चे और महिलाएं भी पान के शौकीन हो गए हैं. लेकिन यह पान का शौक आदत नहीं बन पाया है. कभी बाहर जाकर बहुत अच्छा खाना खा लिया या किसी शादी में चले गए तो मुंह का स्वाद मीठा व खुशबूदार बनाने के लिए पान का बीड़ा मुंह में रख लिया.

    अब जब बच्चे और महिलाएं पान खाएंगी तो उनके स्वाद और फ्लैवर्ड का ध्यान रखना होगा. इसी के चलते दिल्ली में अब ऐसी दुकानें बहुत हो चुकी हैं, जो विभिन्न स्वाद का पान लोगों तक पहुंचा रही है. साउथ दिल्ली की ऐसी ही एक दुकान पर आज हम आपको लिए चलते हैं.

    यहां हैं पान के दो दर्जन फ्लेवर

    यह दुकान सालों पुरानी है, लेकिन बदलते वक्त के साथ दुकानवालों ने अपने को बदला और उसी हिसाब से पान की वैरायटी बढ़ाई, स्वाद भी बदले ताकि हर वर्ग उन तक पहुंचे. साउथ दिल्ली की ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 की एम ब्लॉक मार्केट खासी मशहूर है. जब वसंत कुंज, वसंत विहार, पंचशील जैसे सुपर पॉश इलाके बसना भी शुरू नहीं हुए थे, तब यह मार्केट साउथ दिल्ली में एकमात्र नामी मार्केट थी, जहां स्टेंडर्ड सामान मिला करते थे और आज भी मिल रहे हैं.

    इसी मार्केट में ‘प्रिंस पान कॉर्नर’ (इसे जीके प्रिंस पान से भी जाना जाता है) की दुकान है, जहां पान के जलवे चल रहे हैं. इनके पास पान के करीब दो दर्जन फ्लैवर्ड हैं, जिनमें मशहूर सादा व मीठा पान तो शामिल है ही साथ ही नई वैरायटी में स्ट्राबेरी, चॉकलेट, पाइनएप्पल, मेंगो आदि स्वाद के पान हाजिर है. जो भी खाइए, अलग ही स्वाद है. मुंह में पान का स्वाद तो महसूस होगा ही साथ ही जो खुशबू है, वह तो दिमाग और दिल में भी जाती प्रतीत होती है.

    नई वैरायटी में स्ट्राबेरी, चॉकलेट, पाइनएप्पल, मेंगो आदि स्वाद के पान यहां मिलते है.

    मक्खन में उबलता है कत्था

    इनके पान से मुंह बहुत अधिक लाल नहीं होता, लेकिन स्वाद में कोई कमी नहीं आती. उसका कारण यह है कि यह मक्खन में कत्थे को उबालते हैँ, इसके अलावा चूने की टोन कम करने के लिए भी उसे खास तरीके से उबाला जाता है. इनके मीठा पान का स्वाद देखिए. देसी महुआ पान में कत्था-चूना लगाकर उसमें लखनवीं सौंफ, सहित चेरी के टुकड़े, नारियल लच्छा के साथ सुपारी, मीठी चटनी और गुलाब की खुशबू से भरे गुलकंद के साथ पान को चांदी के वर्क में लपेटकर पेश किया जाता है तो उसका आनंद ही कुछ और होता है. इनके पान की कीमत 40 रुपये से लेकर 150 रुपये के बीच में है.

    यहां पान की कीमत 40 रुपये से लेकर 150 रुपये के बीच में है

    पान का खास पत्ते से फ्लेवर बना शानदार

    इस दुकान को वर्ष 1966 में भगवान दास टेकवानी ने शुरू किया था. आज उनके बेटे यश टेकवानी व अन्य सदस्य दुकानों को संभाल रहे हैं. इनकी देशभर में करीब 9 दुकानें हैं. उनका कहना है कि हमने पारंपरिक पान के चलन को तोड़ा है कि पहले का पान मुंह लाल करेगा, तंबाकू के चलते अलग आनंद देगा और उसकी लत पड़ जाएगी. हमारा उद्देश्य था कि आम जन इस पान तक पहुंचे और बच्चे-महिलाओं को भी हमारा पान पसंद आए.

    इसी के चलते हमने कई बदलाव किए और पान का खास पत्ता व सुपारी, सौंफ, लच्छे आदि से उनके फ्लैवर को बदला. बड़े-बड़े नामी लोगों और उनके लाडलों के विवाह आदि समारोह में हमारे पान के स्टॉल लगते हैं. लोगों को आनंद आता है. हमने पान को ब्रांड के रूप में बदल दिया. यानी प्रिंस का पान है तो अलग होगा ही. दुकान सुबह 10 बजे खुल जाती है, रात 11 बजे तक पान के जलवे रहते हैं. कोई अवकाश नहीं है.

    नजदीकी मेट्रो स्टेशन: कैलाश कॉलोनी

    Tags: Food, Lifestyle

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