International Women's Day 2021: सोमालिया में 19 साल की लड़की बनीं ड्राइवर, महिलाओं को ऐसे दे रही प्रेरणा

टैक्सी चलातीं आशा मोहम्मद.

टैक्सी चलातीं आशा मोहम्मद.

Asha Mohamed Teenager Somalian Female Taxi Driver: सोमालिया (Somalia) जैसे महिलाओं के लिए खतरनाक और रूढ़िवादी (Conservative) देश में टैक्सी चला आशा मोहम्मद बन रही हैं औरों के लिए प्रेरणा.

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International Women's Day 2021: कहते हैं कि, न हौसलों के आगे न मुश्किलें आड़े आती हैं और न उम्र और न ही आपका जेंडर. इसी हौसले का नाम है आशा मोहम्मद. सोमालिया (Somalia) जैसे दुनिया के सबसे रूढ़िवादी (Conservative) और खतरनाक देशों में से एक जहां महिलाओं को हिजाब से आगे की दुनिया कम ही नजर आती है, वहां ये पुरुषों के लिए मुफीद माने जाने वाले ड्राइविंग के काम में अपने हाथ आजमा रही हैं, हालांकि औरतों के लिए ड्राइविंग बड़ी बात नहीं है, लेकिन सोमालिया में यह काम औरतों के बेखौफ जज्बे की पहचान है.

मकसद है बदले औरतों के लिए नजरियाः  

19 की उम्र में जब टीनएजर सपने बुनते हैं तब आशा अपने परिवार को पालने के लिए सारी रूढ़ियों और बंधनों को धता बताते हुए टैक्सी लेकर सड़क पर उतर आईं हैं.ऐसा नहीं है कि आशा मोहम्मद को यहां तक आने में कोई संघर्ष नहीं करना पड़ा. आशा तलाकशुदा महिला है ऐसे में उनके लिए ये राह और भी मुश्किल थी. वह रोजाना 40 डॉलर कमाती है, जिससे वह अपने परिवार चलाती है. वह एएफफी को कहती है कि वह यह काम केवल गुजारा चलाने के लिए ही नहीं है कर रही बल्कि इसके पीछे उनका मकसद है कि वह अपने देश के लोगों का औरतों के लिए नजरिया बदल पाएं. वह इसमें इतना योगदान दे पाएं कि लोग औरतों की भूमिका को भी अहमियत देना शुरू करें.



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रंगीन हिजाब में बहादुरी की मिसालः  

बीते एक साल से सोमालिया की राजधानी मोगादिशु की सड़कों पर वह नकली फर से कवर्ड डैशबोर्ड वाली टैक्सी में कस्टमर्स को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए निकलती हैं.उनकी इस सफेद टैक्सी में जब कस्टमर चढ़ते हैं तो हल्के मेकअप में रंगीन हिजाब पहने इस युवा लड़की को स्टीयरिंग व्हील थामे देख आश्चर्य से भर उठते हैं. सोमालिया में एक लड़की को ऐसे देख कर इस तरह का जेस्चर होना नई बात नहीं है, क्योंकि यह देश महिलाओं के लिए बेहद सख्त नियम-कायदों का देश है.सलाम यूनिवर्सिटी के एक छात्र सादिक दाहिर के मुताबिक, जब वह पहली बार उन्हें पिक करने आईं तो वह हैरान थे, लेकिन आशा को देख उनका नज़रिया बदल गया. वह कहते हैं कि हालिया ही वह रिकाब टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि यह पुरुष-प्रधान काम है, लेकिन महिला टैक्सी ड्राइवरों को पसंद करते हैं, क्योंकि वे सेफ ड्राइव करती हैं और वक्त पर पहुंचती हैं.

ड्राइविंग करना जुनूनः  

आशा मोहम्मद का एक ड्राईवर बनना अचानक नहीं हुआ वह बचपन से ही इसे लेकर संजीदा थी और इसे अपना करियर बनाने की सोच रखती थीं. तलाक के बाद उनका जुनून उनकी जरूरत बन गया था, क्योंकि 16 साल की उम्र में जिस शख्स से उनकी शादी हुई वह उन पर दो छोटे बच्चों और उनकी मां की जिम्मेदारी छोड़ कर चला गया.वह कहती हैं,"बचपन में, एक दिन ड्राइवर बनना मेरा जुनून था, लेकिन मैं यह नहीं सोच रही थी कि मैं टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करूंगी." उनका कहना है कि उन्हें रिकाब टैक्सी नामक एक नई नवेली कंपनी ने यह मौका दिया और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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खतरनाक सड़कों पर दौड़ाती हैं टैक्सीः  

मोगादिशु में टैक्सी ड्राइविंग न केवल आम तौर पर पुरुषों के लिए रिज्वर्ड है, बल्कि खतरनाक भी है जहां सोमालिया के चरमपंथी संगठन अल-शबाब के लोग रोजाना चौराहों और सुरक्षा चौकियों पर कार बम सेट करते रहते हैं. हाल ही में 13 फरवरी को हुए एक विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे और आठ घायल हो गए थे, लेकिन फोन पर रेसिंग वीडियो गेम खेलना पंसद करने वाली आशा मोहम्मद इस दौरान भी अपना काम करतीं रहीं. रिकाब टैक्सी सर्विस की महिला वित्त प्रमुख, इल्हाम अब्दुल्ला अली के मुताबिक,यहां सुरक्षा कारणों से महिला टैक्सी ड्राइवर्स की संख्या बेहद कम है, लेकिन धीरे- धीरे अब इनकी संख्या बढ़ने लगी है. हालांकि, अभी भी मोगादिशु में कंपनी की 2,000 टैक्सियों में से केवल तीन महिलाओं चला रही हैं.

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कैसा है सोमालिया महिलाओं के लिएः  

प्राथमिकताओं की सूची में महिलाओं के अधिकार कम हैं, और 2012 के सबसे हालिया डेटा में संयुक्त राष्ट्र लिंग समानता सूचकांक में यह देश निचले चार देशों में है.
रिपोर्ट में लैंगिक असमानता को "खतरनाक तौर पर अधिक " बताया गया है, एक ऐसा देश जहां 98 फीसदी महिलाएं और लड़कियां जेनिटल म्यूटिलेशन का शिकार हुई हैं.
महिलाओं ने सूचकांक के सभी आयामों जैसे -सेहत, रोजगार और लेबर मार्केट में भागीदारी में गंभीर बहिष्कार और असमानता को झेला है.
यहां लड़कियों को बहुत कम उम्र में शादी कर दी जाती है और लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ व्यापक तौर पर हिंसा और अपराध होते हैं.
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