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कपड़ों से प्रभावित होती है आपकी परफॉर्मेंस, इस बात का रखें ख्याल

कपड़ों का चुनाव करते वक्त ध्यान रखें ये बातें
कपड़ों का चुनाव करते वक्त ध्यान रखें ये बातें

शायद आप यकीन नहीं करेंगे अगर कोई कहे कि जो कपड़े आप पहनते हैं वो आपकी डे-टुडे की जिंदगी में आपके व्यवहार और प्रदर्शन पर भी असर डालते हैं. एक रिसर्च बताती है कि हम वही बन जाते हैं,जो हम पहनते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2021, 4:18 PM IST
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फैशन की दुनिया एक तेजी से बदलती दुनिया है. रातों-रात खोजे गए हैंडबैग और स्नीकर आपके क्रेडिट कार्ड में डिटेल टाइप किए जाने से पहले बिक जाते हैं. इसके बावजूद भी सुपरसोनिक गति से खुद को बदलने और अपडेट करने वाली इस दुनिया का प्रतिरोध करने में कुछ लोग कामयाब रहे हैं. वह मानते हैं कि फैशन को दरकिनार कर हमेशा वह पहनें जो आप पर फबता है. इससे आप अच्छा महसूस करते हैं तो आप अच्छे दिखेंगे. ये बात कहां से निकल कर आई इस बारे में कोई नहीं जानता, लेकिन मनोविज्ञान इस बात की पुष्टि करता है. अपने इस दिन की शुरुआत में वापस जाएं. जब आप सुबह उठते हैं,तो क्या आप एक आरामदायक स्वेट शर्ट पहनते हैं या खुद को एक स्मार्ट टॉप में देखना पसंद करते हैं जिससे आप जूम मीटिंग के दौरान कुछ आकर्षक दिखें ? आपकी पसंद पहले से ही आपके लिए तय हो जाती है. इसकी वजह है फैशन सेन्स और मनोविज्ञान के बीच एक अनूठा रिश्ता.

दिन बना देगा आपकी सुबह की पोशाक का सटीक चुनाव:

फैशन पत्रिका वोग ने शिकागो नार्थवेर्स्टन यूनिवर्सिटी केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर एडम गैलिंस्की और उनके सहयोगी हाजो के अध्ययन के आधार पर रिपोर्ट छापी है. इस रिपोर्ट में जिक्र है कि, उन्होंने ने दो समूहों को सफेद कोट पहनने को कहा. पहले समूह को बताया कि यह एक डॉक्टर का कोट है. दूसरे समूह को बताया  कि यह एक चित्रकार का कोट है. यह देखा गया कि पहले समूह ने अधिक सटीकता के साथ अपना काम किया और अपने साथियों की तुलना में कम गलतियां कीं,क्योंकि उन्होंने अवचेतन रूप से एक डॉक्टर के विशिष्ट गुणों को अपनाया था. प्रोफ़ेसर गैलिंस्की ने इसे कपड़े पहनने वाले की मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर पड़ने वाला व्यवस्थित प्रभाव कहा. इसे आगे बढ़ाते हुए मशहूर मनोवैज्ञानिक करेन पाइन ने अपनी किताब, माइंड व्हाट यू वियर में लिखा है कि स्वेटर के विपरीत स्विमिंग सूट पहनने पर महिलाओं ने एक गणित परीक्षण में बदतर प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने शोध में देखा कि तनाव में रहने पर महिलाएं अपनी अलमारी की 90 फीसदी उपेक्षा करती हैं. प्रोफेसर पाइन ने निष्कर्ष निकाला, " इससे न केवल ये साफ हो गया है कि हम वही हैं जो हम पहनते हैं, बल्कि हम वही बन जाते हैं जो हम पहनते हैं." इससे साफ हैं कि सुबह पहनने के लिए जो पोशाक आप चुनते हैं, वह दिन के लिए आपके ध्यान के समय, आत्मविश्वास और अमूर्त सोच की शक्तियों को निर्धारित कर आपके दिन को बदल सकती है.



फैशन में रंग मनोविज्ञान भी है खास:
जब आपने जान  लिया कि कपड़े आपकी धारणा और प्रदर्शन को बारीकी से प्रभावित कर सकते हैं, तो इसका इस्तेमाल अपनी पंसदीदा भावनाओं और प्रतिक्रियाओं को सामने लाने के लिए करें. जिन्हें आप पसंद करते हैं. रंग मनोविज्ञान बताता है कि कुछ रंग विपरीत शख़्स में एक विशिष्ट प्रतिक्रिया को आकर्षित करते हैं. रंग विशेषज्ञ Leatrice Eiseman सुझाव देते हैं कि विशेष रंग, जैसे कि नीला, दर्शक पर शांत प्रभाव डाल सकता है.  नीले रंग को स्थिरता और शांति का प्रतीक माना जाता है. करीब से देखें, और आपको असंख्य, अनकहे तरीकों से हमारे रोजमर्रा के जीवन में बिखरे रंग मनोविज्ञान के प्रमाण मिलेंगे. जैसा कि दुनिया में पेनडेमिक को देखते हुए पैंटोन (Pantone) ने अल्टिमेट ग्रे और इल्यूमिनेटिंग यलो को वर्ष के लिए अपने रंगों के रूप में घोषित किया. रंंगों का यह संयोजन  एक उम्मीद और भविष्य पर रोशनी की किरण को दिखाता है.

बहुत कुछ बताते हैं कपड़े:

एक नौकरी के इंटरव्यू में एक अच्छी तरह से सिलवाया ब्लेज़र, इंटरव्यूवर को केवल आपके पहनावे की कुशलता की जानकारी ही नहीं देता बल्कि संवाद भी करता है. इंटरव्यूवर इसे आपके गहराई से चीजों को समझने की योग्यता से जोड़ता है. कलाई घड़ी को समय की पाबंदी के एक संकेत के तौर पर लिया जा सकता है. इतिहास गवाह है कि, शैली के मामलों में, चीजों को करने का कोई सही या गलत तरीका नहीं है, लेकिन कपड़ों के मनोविज्ञान की समझ आपको वह बना सकती है जैसे आप बनाना चाहते हैं.
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