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OCD ग्रस्त लोगों की हालत और बिगाड़ रहा कोरोना, जानिए क्‍या है ये और कैसे कर रहा असर

OCD ग्रस्त लोगों की हालत और बिगाड़ रहा कोरोना, जानिए क्‍या है ये और कैसे कर रहा असर

ओसीडी, गुस्सा और तनाव जैसे लक्षणों से ग्रसित लोगों की स्थिति कोरोना में और दयनीय हो सकती है.

ओसीडी, गुस्सा और तनाव जैसे लक्षणों से ग्रसित लोगों की स्थिति कोरोना में और दयनीय हो सकती है.

एक अध्ययन के मुताबिक अनियंत्रित जुनूनी विकार यानी ओसीडी (Obsessive Compulsive Disorder) वाले बच्चों और वयस्कों में कोविड-19 (Covid-19) के कारण यह समस्या और गंभीर हो सकती है.

चीन (China) से आए कोरोना वायरस (Corona virus) पर सिलसिलेवार अध्ययन (Study) जारी है. अब एक अध्ययन के मुताबिक अनियंत्रित जुनूनी विकार (ओसीडी) (Obsessive Compulsive Disorder) वाले बच्चों और वयस्कों में कोविड-19 के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है. यह अध्ययन बीएमसी साइकेट्री पत्रिका में छपा है. इससे पहले शोध में सामने आया था कि ट्रॉमा (Trauma) और आघात (Stress) के कारण ओसीडी ग्रसित लोगों को अधिक समस्या हो रही थी.

दो ग्रुप में किया गया अध्ययन
डेनमार्क की आरहस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अधय्यन में बताया कि 7 से 21 साल के बीच के बच्चों और वयस्कों के दो ग्रुप में कुछ सवालों को रखा गया. उन्होंने आगे बताया कि ओसीडी वाले एक समूह को बाल और किशोर मनोचिकित्सा केंद्र में एक विशेष सेक्शन में उपचार के लिए रखा गया. समूह में शामिल लोगों को अस्पताल में एक थेरेपिस्ट के संपर्क में भी रखा. वहीं दूसरे समूह में बच्चे और वयस्कों को रखा गया जिनका एक साल पहले ही उपचार हुआ था. इस अधय्यन में 102 बच्चों ने वैज्ञानिकों के सवालों का जवाब दिया.

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ओसीडी ग्रस्त लोगों के लिए खतरा अधिक
वैज्ञानिकों के मुताबिक ओसीडी, गुस्सा और तनाव जैसे लक्षणों से ग्रसित लोगों की स्थिति कोविड-19 के दौरान और भी दयनीय हो सकती है. अध्ययन में पहले समूह के आधे बच्चे और वयस्कों ने बताया कि उनके ओसीडी के लक्षणों में नकारात्मक परिवर्तन आया है. वहीं उनमें से तीन ने बताया कि व्यग्रता में बुरा बदलाव देखा गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इस अधय्यन में शामिल जिन बच्चों और वयस्कों ने उनके सवालों पर विचारों और व्याग्रता को प्रदर्शित किया उनको अपना परिवार खोने का अधिक खतरा है, क्योंकि उनमें ओसीडी के लक्षणों की अति हो चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि जो बच्चे कम उम्र में ही ओसीडी के शिकार हुए हैं उनकी स्थिति और भी बिगड़ने की संभावना है.

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इन बच्चों को रखें खास ख्याल
वैज्ञानिकों के अनुसार इस अधय्यन का निष्कर्ष इस ओर इशारा करता है कि ओसीडी वाले बच्चे और युवा किसी संकट के संबंध में संवेदनशील हो सकते हैं. जैसे कि कोविड-19 जहां इनकी स्थिति और भी उग्र हो सकती है. इसका कारण कोरोना के मद्देनजर सामाजिक अलगाव और संक्रमण का बढ़ता प्रत्यक्ष खतरा है. वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी भी वायरस का खतरा कम नहीं हुआ है, ऐसे में जरूरी है कि हमें भविष्य में ऐसे बच्चों और वयस्कों पर ध्यान देना होगा.

Tags: Health, Lifestyle

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